जानिये ऑफिस की थकान मिटाने के ये बेजोड़ तरीके

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ऑफिस का काम आपको बहुत अधिक थका सकता है। थकावट महसूस करने के लिए शारीरिक श्रम जरूरी नहीं होता। कई बार मानसिक तौर पर किए गए कार्य भी आपको शारीरिक और मानसिक रूप से बुरी तरह थका देते हैं। आप जिस प्रकार की भी नौकरी करते हैं, उससे जुड़ी जरूरतें और मांगें आपको शारीरिक और भावनात्मक रूप से थका सकती हैं, भले ही आप कार्य करने के पश्चात अपने ऑफिस अथवा काम से छुट्टी पा लें। काम के अलावा तनाव के अन्य कई कारण भी हो सकते हैं जैसे कि आपसी संबंध से जुड़े हुए मुद्दे, वित्तीय संबंधी चिंताएं, स्वास्थ्य संबंधित चिंताएं आदि। यह सभी आपके तनाव को बढ़ा सकते हैं। कई लोग बच्चों की चिंता से परेशान रहते हैं और कई माता पिता की चिंता से। और फिर आती है कोविड-19 से जुड़ी चिंताएं। भविष्य कई बार असुरक्षित लगने लगता है। बच्चे हो या बड़े सभी ने कोविड-19 की वजह से उत्पन्न हुई परेशानियों को झेला और एक नए माहौल में खुद को ढालने की कोशिश भी की है।

यदि आप अभी भी काम करने जा रहे हैं, तो आप महसूस कर सकते हैं कि आपको काम के तनाव के अलावा कोरोनावायरस के संभावित जोखिम के विषय में चिंता करने के कारण अधिक थकावट महसूस होती है। यदि आप अभी भी घर से ऑफिस का कार्य कर रहे हैं तो आप कोरोनावायरस के संभावित जोखिम के विषय में थोड़ा सुरक्षित महसूस करते होंगे। परंतु घर से काम करने के कारण आपको काम और घर के बीच तालमेल बैठाना बहुत जरूरी है। थकान महसूस करना बहुत आम बात है, खासकर ऐसे संकट और कठिनाई के समय जब आपके ऊपर घर से ही काम करने का दबाव भी हो। यह बात सच है कि नौकरी को पूरी तरह से छोड़ा नहीं जा सकता लेकिन आपको इस विषय पर भी ध्यान देने की जरूरत है कि घर से काम करने के कारण आपकी ऊर्जा धीरे धीरे बोरियत की वजह से कम होती जा रही हैं। आपको कुछ ऐसा ज़रूर करना चाहिए जिससे आपकी बोरियत और थकान कम हो सके और आप काम ज्यादा उत्पादक तरीके से कर सकें।

उन परिवर्तनों की लिस्ट बनाएं जो आप स्वयं कर सकते हैं

यदि काम करके आप स्वयं को सामान्य से थोड़ा अधिक थका हुआ महसूस करने लगे हैं, तो सबसे पहले जरूरी है कि आप अपनी उस आदत पर नजर डालें जो थकान को बढ़ाने में योगदान दे रही है। ऐसा हो सकता है कि अपने काम को पूरा करने के बाद सिर्फ अपने पसंदीदा कुर्सी में आराम से बैठ कर अपने फोन पर लगे रहना चाहते हो और यही वह स्थिति हो जो आपको बहुत आराम देती हो। ऐसा भी हो सकता है कि आप सामान्यतः खुद को समय देने के लिए (आराम करने के लिए) देर से उठते हों, और जिसके कारण जब तक आप सोने के लिए बिस्तर पर नहीं जाते तब तक आपको पूरी तरह से आराम नहीं मिल पाता।

ऐसा हो सकता है कि आप बाहर निकलना चाहते हो जैसे कि आप अपने दोस्तों को देखते हैं। या फिर कुछ समय निकाल कर बाहर खाना खाने का की योजना बनाना चाहते हैं। या फिर आप घर पर ही कुछ अच्छा बनाने की योजना बना रहे हो परंतु आपको अपने अंदर ऊर्जा ही महसूस नहीं हो रही कि आप इनमें से कोई भी कार्य कर सकें। पौष्टिक भोजन, बेहतर नींद और शारीरिक गतिविधियां आपके तनाव को जादुई रूप से गायब नहीं कर सकती हैं। परंतु छोटे-छोटे बदलाव आपकी थकान को कम करने में काफी सहायक सिद्ध हो सकते हैं। साथ ही यह आपके मानसिक तनाव को भी कम करने में महत्वपूर्ण सिद्ध होते हैं।

यह बात सच है कि एक अच्छी नींद आपको निश्चित रूप से कम थका हुआ महसूस कराने में मदद करती है। परंतु यदि आप नियमित तौर पर व्यायाम करते हैं तो इससे आपके शरीर के अन्दर सकारात्मक हॉर्मोन सक्रिय रहते हैं और नींद भी अच्छी आती है। यदि आप पूर्ण रूप से व्यायाम नहीं कर सकते तो कोई चिंता की बात नहीं है। आप चाहे तो एक छोटी सी शुरुआत आज से भी कर सकते हैं। व्यायाम आपके अंदर की ऊर्जा के स्तर और मनोदशा, दोनों को ही बेहतर बना सकते हैं।

ऑफिस के काम को चौबीस घंटे ले के ना घूमें

जब आप हर दिन शाम को और सप्ताहांत को भी अपने ऑफिस के काम से जूझते रहते हैं, या हर 15 मिनट में अपने ईमेल की जांच जारी रखते हैं तो आप स्वयं को ऑफिस के लिए अधिक सूचित और तैयार महसूस करते हैं। ऐसे में आपके सहकर्मी या ग्राहक यह बात अच्छी तरह से जानते हैं कि आप तक हमेशा ही पहुँचा जा सकता हैं, क्योंकि, अक्सर पूरी तरह से “छुट्टी” ले लेना (वह भी तब जब आप घर से काम कर रहे हों) एक तरह से असंभव कार्य होता है। इसीलिए जब आप हमेशा ही काम के लिए उपलब्ध होते हैं तो आपके पास स्वयं के लिए कोई वक्त नहीं होता। यह एक मुख्य कारण है जिससे आप थका हुआ और उदासीन महसूस करने लगते हैं। विश्वास करें – हमेशा काम के माहौल में रहना आप को बुरी तरह थका सकता है। ज़रूरत है इस बात की कि आप कम से कम कुछ घंटे काम के माहौल से पूरी तरह दूर रहें।

यदि आपसे अपने निर्धारित घंटों के अलावा भी काम से जुड़े कार्यभार को संभालने की उम्मीद की जा रही है तो आपको अपने मैनेजर से बात करनी चाहिए। उनके साथ बात करके आपको अपने कार्य करने के घंटों को निर्धारित कर देना चाहिए। आपको इस बात को भी पूरी तरह साफ कर देना चाहिए कि आप किस समय काम के लिए उपलब्ध नहीं होंगे।

कभी-कभी अधिक कार्यभार होने के कारण आपको देर तक काम करना पड़ सकता है। परंतु यह हर किसी के कार्यक्षेत्र का सिर्फ एक हिस्सा होना चाहिए। जब यह आदत में बन जाता है तो व्यक्ति के पास स्वयं के लिए समय ही नहीं रह जाता जो कि उसके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। इस बात का ध्यान रखें कि क्या आप दूसरों को खुश रखने के लिए अतिरिक्त काम स्वेच्छा से कर रहे हैं या फिर स्वयं को किसी अपराध बोध से बचाने के लिए ऐसा कर रहे हैं। यदि ऐसा है तो आपको विनम्रता से अपनी क्षमता से अधिक कार्य करने के लिए मना कर देना चाहिए, जिससे कि आप भविष्य में बेहतर काम कर सकें।

अपने मैनेजर से अपने कार्य और टारगेट की अवधि को लेकर उपस्थित विकल्पों के विषय में चर्चा करना एक अच्छा विचार हो सकता है। यदि आप स्वयं को बहुत अधिक थका हुआ महसूस कर रहें हैं या आप के लिए कार्य करना मुश्किल हो रहा हो, तो जरूरी है कि आप अपने मैनेजर से बात करें। आपको अपने सीनियर या मेनेजर को यह समझाना चाहिए कि यदि आप आराम करेंगे, तो आप पुनः खुद को ऊर्जावान महसूस करेंगे और इसके कारण आपकी कार्यक्षमता अपने आप ही बढ़ जाएगी, जिससे सभी को लाभ होगा।

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मदद के लिए गुहार लहाने में झिझकें नहीं

यदि आपके पास इतने अधिक कार्य हैं जो वास्तव में बिना किसी की मदद के पूरे करना बहुत मुश्किल हो, तो ऐसी स्थिति में मदद के लिए पूछना कभी भी गलत नहीं होता। ऐसी स्थिति में बेहतर होगा कि आप अपने मैनेजर से मदद के लिए बात करें। आप यह सोचकर चिंता नहीं कर सकते कि यदि आपने मदद की मांग की तो यह आपकी कमजोरी या कार्य ना कर पाने की क्षमता को प्रदर्शित करेगा। याद रखें कि आपका मैनेजर चाहता है कि आप अपने काम में अपना सबसे अच्छा प्रदर्शन करें। वह तब तक आप को मदद नहीं कर सकते जब तक कि उन्हें यह पता नहीं चलेगा कि आपको वास्तव में मदद की आवश्यकता है अथवा नहीं। इसी कारण अपनी परिस्थिति से अपने मैनेजर को अवगत कराना भी आप ही का कर्तव्य है, किसी और का नहीं। ऐसा करने से आप जिम्मेदार दिखेंगे और अपनी कंपनी के लिए आपकी निष्ठा भी दिखेगी। जब आपके पास बहुत सारा काम अकेले पूरा करने के लिए होता है तो ऐसी स्थिति में अपने मैनेजर को बता करके उनसे कार्य को दोबारा असाइन करवाइए अथवा आप चाहे तो ऐसी स्थिति में उनसे अपने किसी साथी के साथ कार्य करने की इच्छा को भी बता सकते हैं।

अपनी तरफ से आप उन कार्य की जिम्मेदारियों को लेने से बचें जिन्हें आप पूरी तरह से नहीं कर सकते अथवा जिन्हें करना आपके लिए संभव ना हो। अतिरिक्त काम को स्वीकार करना वास्तव में सम्मान और सकारात्मक सोच का उदाहरण जरूर होता है। परंतु यदि अतिरिक्त काम के करने के बाद आप स्वयं को पूरी तरह से ऊर्जा हीन और उदासीन पाएं, तो ऐसे कार्य को लेने से अच्छा है कि आप पहले ही सम्मान पूर्वक मना कर दें। क्योंकि जब आप थका महसूस करते हैं तो आप अपनी सामान्य कार्य क्षमता से भी कम कार्य कर पाते हैं। अपनी कार्यक्षमता के अनुसार ही कार्यभार की जिम्मेदारी लेने की कोशिश करें। जरूरी होगा कि आप अपने कार्य को सही तरीके से पूरा करने में अपना ध्यान केंद्रित करें बजाय इसके कि आप अपना सारा ध्यान अधिक से अधिक कार्य लेने की तरफ केंद्रित करें।

अपने खाली समय को अपने शौक पूरा करने में बिताएं

दिन भर बहुत सारा कार्य करने के बाद ऐसा हो सकता है कि रात में आपके अंदर सिर्फ नेटफ्लिक्स या अमेज़न प्राइम विडियो देखने की ही ऊर्जा शेष बची हो। फिर भी, आपको समय-समय पर कुछ अलग एवं नया करने की कोशिश करते रहना चाहिए, विशेषकर तब, जब आप स्वयं को बहुत ज्यादा थका हुआ महसूस करें।

टीवी देखना और वीडियो गेम खेलना, कुछ समय के लिए आपको आराम जरूर पहुंचा सकता है और इसमें कुछ गलत भी नहीं जब आप दो-तीन शो नेटफ्लिक्स अथवा टीवी पर देख लें। परंतु लंबे समय के लिए कोई शौक पैदा करें। कोई ऐसा शौक जो आपको सही अर्थों में आराम पहुंचा सकें। ऐसा शौक होना चाहिए जिससे आपका मन और आत्मा संतुष्ट महसूस करें और आप घंटों अपने शौक के कार्य में बिताने के बाद भी अधिक उर्जावान महसूस करें।

कुछ ऐसी क्रियाकलापों में खुद को लगाएं जो आपको ऊर्जावान महसूस कराने के साथ ही आपके अंदर किसी गुण को पैदा करें सकें। जैसे कि आप चाहे तो बागवानी कर सकते हैं, म्यूजिक सीख सकते हैं, कोई कोर्स कर सकते हैं, कुकिंग सीख सकते हैं, या फिर कोई किताब लेकर उसे पढ़ सकते हैं।

इसी प्रकार कुछ अन्य कार्य भी हैं जिन्हें आप अपनी हॉबी के तौर पर आज़मा सकते हैं, उनमें से कुछ निम्नलिखित हैं –

• कोई रचनात्मक कार्य के प्रति रुचि जागृत करें जैसे कला, संगीत, लेखन, या शिल्प
• घर की के किसी भी क्षेत्र को अधिक सुंदर बनाने का प्रयास करना, बागबानी करना
• बाहर जाकर कम्युनिटी के लिए कार्य करना और थोड़ा समय खुद के साथ भी बिताना
• शैक्षणिक अध्ययन, जैसे कि कोई नई भाषा सीखना या रूचि अनुसार कोई कोर्स करना

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स्वयं की देखभाल करने की योजना बनाएं

अपनी शारीरिक और भावनात्मक जरूरतों को प्राथमिकता देना तथा अपने काम और निजी जीवन के बीच संतुलन बनाए रखना बहुत महत्वपूर्ण होता है। इस संतुलन में जरा सी भी अव्यवस्था हो तो काम तथा निजी जीवन दोनों में ही असंतुलन फैल जाता है। स्वयं की अच्छी देखभाल करना तथा स्वयं को शक्तिशाली महसूस कराना, वास्तव में जीवन में आने वाले मुश्किलों का सामना करने के लिए आपको पहले से तैयार करती है। जिससे चुनौतियों का सामना करना आसान हो जाता है।

जब कभी भी आप शारीरिक और मानसिक तौर पर शांत होते हैं तो किसी भी कार्य को करना आपके लिए ज्यादा आसान हो जाता है और आने वाले परिणामों से आपको किसी भी प्रकार का भय नहीं लगता। एक सकारात्मक दृष्टिकोण रखना जीवन में स्वयं के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए बहुत आवश्यक होता है। लगातार थकावट और तनाव के कारण हमारे अंदर चिड़चिड़ापन, निराशा और निराशावाद की भावनाएं स्वयं जन्म लेने लगती हैं। पर्याप्त नींद और पौष्टिक आहार से असर पड़ता जरूर है लेकिन अपने आप की सम्पूर्ण देखभाल करना बुनियादी जरूरत है। यदि आप स्वयं की देखभाल करेंगे तो आपको वह परिणाम मिलेंगे जिनकी आप कल्पना करते हैं। या हो सकता है कि आपको उम्मीद से भी अच्छे परिणाम मिलें।

आत्म देखभाल से जुड़े कुछ कार्य निम्नलिखित हैं –

• आराम करते हुए पसंदीदा संगीत सुनने के साथ चाय या कोफ्फे का लुत्फ़ उठाना।
• खुद को पम्पर करने के लिए ऑनलाइन शौपिंग करें – जैसे ब्लूटूथ स्पीकर, लैपटॉप टेबल, बैग, टी-शर्ट या कुछ और
• दोस्तों के साथ बड़ी पार्टी मनाने के बजाय घर में रुक कर स्वयं के साथ एक शांत रात बिताएं। तारों को देखें, सुगन्धित कैंडल जलायें, और बहती हवा को महसूस करें।
• योग, ध्यान और अन्य ऐसी क्रियाओं का अभ्यास करें, जो मन को शांत करतीं हैं।
• अपने करीबी दोस्तों से नियमित संपर्क रखें।

अपनी सभी आवश्यकता ओं की पहचान करें और आत्म देखभाल के लिए एक योजना जरूर बनाएं यह आपकी कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ-साथ आपकी आंतरिक शांति के लिए भी जरूरी है।

अपने प्रियजनों और ख़ास दोस्तों से बात करें

सदैव तनाव में रहना और खुद को सिर्फ काम तक सीमित कर देना गलत है। यह स्थिति आपको स्वयं के अंदर अकेलेपन की तरफ धकेल देती है और आप अवसाद से ग्रस्त हो जाते हैं। स्वयं के स्थान पर अपने किसी प्रिय व्यक्ति को रखकर सोचें कि यदि उसके ऊपर काम का इतना अधिक बोझ होता और वह इस प्रकार से सदैव तनावग्रस्त स्थिति में रहता तो आप कैसा महसूस करते। जब आप इस तरह सोचेंगे, तो आप समझ पाएंगे कि आप से प्यार करने वाले लोग आपकी मदद करना चाहते हैं। अच्छा होगा कि आप स्थिति बिगड़ने से पहले अपने प्रिय जनों से बात करके अपने मन का बोझ हल्का कर लें, इससे आपका तनाव स्वतः ही कम हो जाएगा।

दोस्तों और परिवारजनों के पास सीधे तौर पर आपकी थकान दूर करने की क्षमता नहीं होती। परंतु यदि वह आपकी बातों को सुनते हैं तो यह आपकी थकान को कम करने की तरफ एक छोटा कदम जरूर होता है। विशेषकर उस परिस्थिति में जब आप किसी से बात करना चाहते हैं और स्वयं को बहुत अकेला महसूस कर रहे होते हैं। उदाहरण के लिए, आपका रूममेट आपको एक नई रेसिपी के साथ आपसे स्वयं की मदद करने के लिए कहता है। इससे आप उसकी मदद करने के साथ-साथ बातचीत भी करेंगे जो आपकी मानसिक तनाव को कम करने में सहायक सिद्ध होगी। या फिर जब आपको पता होता है कि आपकी मां हफ्ते का सामान लेने के लिए किराने की दुकान जाने वालीं हैं तो आप भी उनके साथ जा सकतें हैं। ऐसा करने से आप अपनी मां से बातचीत कर सकेंगे और यह आपके लिए लाभदायक होगी।

कई बार सिर्फ इतना एहसास हो जाना कि आपके प्रियजनों का समर्थन सदैव आपके साथ है, आपके अंदर अपने परिजनों के साथ आपके संबंध को और अधिक मजबूत करने में सहायक होता है। साथ ही यह आपको मानसिक तौर पर दिन में भर के ऑफिस से जुड़े काम से भी थोड़ा ब्रेक दिलवाने में मदद कर देता है।

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दिनचर्या में आई हुई एकरसता को तोड़े

जिस प्रकार एक जैसा कार्य बार-बार करने से जम्हाई या उबाई आ सकती है, ठीक उसी प्रकार ऑफिस के कार्य की वजह से एक जैसी दिनचर्या आपको मानसिक तौर पर उदासीन कर सकती हैं। कोशिश करें कि आप अपनी सामान्य दिनचर्या में बदलाव ला सकें।

हम आपको ऐसे कुछ तरीके बता रहे हैं जिन्हें अपनाकर आप अपने सामान्य दिनचर्या में थोड़ा बदलाव ला सकते हैं-

अपने दैनिक कार्यों का क्रम बदल दें

आप चाहें तो अपने दैनिक कार्यों के क्रम को बदल सकते हैं जैसे कि सुबह के समय कम चुनौतीपूर्ण कार्य पर काम करें क्योंकि इस समय आप सबसे ज्यादा ताजगी महसूस करते हैं दोपहर में भोजन करने के बाद अधिक चुनौतीपूर्ण वाले कार्यों को करें।

छोटे छोटे ब्रेक लेते रहें

काम पर पूरी तरह से फोकस बनाए रखने के लिए जरूरी है कि आप बीच-बीच में थोड़ा ब्रेक लेते रहें। जैसे कि थोड़ा बहुत टहलना या फिर सांस अंदर बाहर लेने जैसा व्यायाम करना। इस प्रकार के छोटे-छोटे ब्रेक आपको अधिक तरोताजा महसूस कराने में मदद करेंगे और यह आपको बार-बार सोशल मीडिया में जाने या फिर नवीनतम समाचारों को पढ़ने से अधिक ताजगी प्रदान करने में भी मददगार सिद्ध होंगे।

वैकल्पिक कार्यस्थानों पर कार्य करने की योजना बनाएं

आप अपने कार्य करने के क्षेत्र में बदलाव लाना चाहे तो बैठकर डेस्क में कार्य करने के बजाय खड़े होकर भी कार्य कर सकते हैं। या फिर आप चाहे तो दिन के समय अपने कार्य करने की टेबल चेयर को खिड़की के पास रखकर कार्य कर सकते हैं। इससे आपको अपने आसपास के वातावरण में बदलाव महसूस होगा। जो आपकी कार्य करने की क्षमता को भी सकारात्मक रूप से प्रभावित करेगा।

लचीले शेड्यूलिंग के बारे में अपने मैनेजर से बात करें

कुछ लोग ऐसा महसूस करते हैं कि वह दिन के एक निश्चित समय में बेहतर काम करते हैं और इसी के अनुसार थोड़ा पहले या बाद में कार्य शुरू करना पसंद करते हैं। जबकि हममें से कुछ केवल हफ्ते के चार दिन कार्य करने को प्राथमिकता देते हैं बाकी के 3 दिन को वह छुट्टी के तौर पर मनाना ज्यादा पसंद करते हैं।

भविष्य के लिए योजनाएं बनाएं

आप चाहे तो किसी अन्य नौकरी अथवा कैरियर पर विचार कर सकते हैं जो आपको एक स्वस्थ कार्य जीवन संतुलन बनाए रखने में मदद करें। क्योंकि बिना उचित संतुलन के आपकी कार्यक्षमता बहुत बुरी तरह प्रभावित हो जाएगी। ऐसा कई बार हो जाता है कि आप शारीरिक रूप से तो दिखाई देते हैं पर मानसिक रूप से उस जगह होते ही नहीं हैं और आप अपने कार्य को ढंग से नहीं कर पाते। इसलिए जरूरी है कि आप स्वयं के तनाव को कम करने के लिए उचित कदम उठाएं। कई बार आपका परिवार और मित्र के साथ आपका भावनात्मक लगाव आपके कार्य से जुड़े तनाव को कम करने में मददगार सिद्ध होता है।

चाहे तो किसी विशेषज्ञ की मदद लें

काम की वजह से कभी कभी जरूरत से ज्यादा थक जाना एक सामान्य बात है। परंतु यदि आपकी शारीरिक या भावनात्मक थकावट किसी अन्य कारण से हो रही है तो आपको तुरंत किसी विशेषज्ञ की मदद लेनी चाहिए। यदि आपको शरीर में दर्द, भूख में बदलाव, चिड़चिड़ापन, डिप्रेशन, पेट की तकलीफ, बुरे ख्याल, निराशा, हीन भावना, नींद न आना या ज्यादा नींद आना जैसे लक्षण महसूस हो रहे हैं तो तुरंत किसी विशेषज्ञ से मिलें क्योंकि कई बार अधिक चिंता करने के कारण शरीर में इस प्रकार के विकार उत्पन्न हो जाते हैं। एक चिकित्सक आपके मानसिक स्वास्थ्य लक्षणों के साथ आपकी थकान के पीछे कारणों का पता लगाने में आपकी मदद कर सकता है। यदि आप करियर परिवर्तन के विषय में सोच रहे हैं, तो आपका चिकित्सक इस परिवर्तन के लिए आपको मानसिक तौर पर परामर्श दे सकता है तथा वह आपको स्वयं की मदद करने की ओर भी निर्देशित कर सकते हैं।

आपको स्वयं को ऊर्जावान करने के लिए उस समय तक इंतजार करने की जरूरत नहीं जब आप पूरी तरह से थक जाएं। आमतौर पर समय-समय पर खुद का ध्यान रखना और खुद के लिए समय निकालना जरूरी होता है। यह आपको पूरी तरह से ऊर्जावान तथा कार्य के प्रति केंद्रित रखने में मदद करता है। जरूरी है कि ऑफिस के काम और घर के जीवन के बीच एक लाइन खींचे तथा इस बात को पहले से निश्चित कर ले कि आपको किस तरह क्या कार्य करना है। आपको अपने तनाव को खत्म करना होगा इससे पहले कि आपका तनाव आपके कार्य और घर के बीच के संतुलन को बिगाड़ दे। यदि आपके कार्य की थकावट के कारण आपके जीवन की गुणवत्ता में विपरीत प्रभाव पड़ रहा है तो जरूरी है कि आप तुरंत किसी ऐसे विशेषज्ञ से सेवा प्राप्त करें जो आपके तनाव को कम करने में आपकी मदद कर सके।

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