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जानिए फाइब्रोमायल्जिया से जुड़े वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित लक्षण

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फाइब्रोमायल्जिया वास्तव में एक ऐसा विकार है जिसमें थकान, नींद, स्मृति और मनोदशा से जुड़ी परेशानियों के साथ मांसपेशियों का दर्द होता है। कुछ शोधकर्ताओं का तो यहां तक मानना है कि आपके मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी में होने वाला दर्द भी इसकी वजह से हो सकता है। फाइब्रोमायल्जिया के व्यापक लक्षणों की बात की जाए तो इसमें विशेष रूप से मांसपेशियों और जोड़ों का दर्द तथा थकान शामिल है, हालांकि यह इतना विशिष्ट नहीं होता है, इसी कारण कई लोग इसके लक्षणों को अनदेखा कर देते हैं अथवा गलत समझ लेते हैं। ऐसा हो सकता है कि आपको फाइब्रोमायल्जिया के लक्षण बिल्कुल भी प्रतीत ना होते हैं, परंतु फिर भी आपको अन्य चिकित्सा समस्याएं हो सकती हैं। चूंकि फाइब्रोमायल्जिया के लिए किसी प्रकार का कोई टेस्ट नहीं है इसी कारण आपका डॉक्टर आपसे आपको महसूस होने वाले लक्षणों के आधार पर यह तय करता है कि क्या आप फाइब्रोमायल्जिया से पीड़ित हैं अथवा नहीं।

सामान्य लक्षण तथा उनसे संबंधित स्थितियां

फ़ाइब्रो विकास से पीड़ित बहुत सारे लोग जिन्हें फ़िब्रोमाइल्जिया सिंड्रोम या एफ.एम.एस. भी कहा जाता है उन्हें निम्नलिखित में से किसी भी प्रकार के लक्षण महसूस हो सकते हैं –

  • दर्द तथा टेंडर पॉइंट अथवा किसी विशेष बिंदु पर दर्द होना (यह जोड़ों के आसपास होने वाला दर्द होता है जो सामान्यता नहीं करता परंतु यदि आप उस स्थान को दबाएंगे तो आपको दर्द महसूस होता है)
  • थकान
  • नींद की समस्या
  • एकाग्रता और याददाश्त से जुड़ी समस्याएं, जिन्हें “फाइब्रो फॉग” के नाम से भी जाना जाता है
  • चिंता अथवा अवसाद का होना
  • सुबह के समय शरीर में जकड़न का होना स्तब्धता
  • हाथ तथा पैरों में झुनझुनी का होना सिर दर्द होना
  • कोई संवेदनशील आंत की बीमारी का होना
  • पेशाब करने में समस्या महसूस करना
  • मासिक धर्म के समय ऐंठन अथवा दर्द महसूस करना
  • पैर हिलाने की समस्या का होना

थकान महसूस करना

आज के समय में थकान और शिथिलता महसूस करना एक बड़ी शिकायत के रूप में सामने आ रहा है। सामान्य थकान महसूस होने पर लोगों को आराम करने की सलाह दी जाती है, जिसके पश्चात हो खुद को तरोताजा महसूस करते हैं। इस कड़ी में रात की नींद को सबसे अच्छे विकल्प के रूप में देखा जाता है। परंतु कुछ लोगों का इस थकान के विषय में कहना है कि उन्हें बुखार के जैसी शिथिलता महसूस होती है, जबकि कुछ यह मानते हैं कि लंबे समय तक काम करने और भरपूर नींद ना लेने की वजह से वह थका हुआ महसूस कर रहे हैं। जबकि ऐसे लक्षणों को अनदेखा करना सही नहीं होता, एक पूरी नींद आपको तरोताजा बनाने के लिए बहुत आवश्यक बताई गई है। ऐसा हो सकता है कि आप स्वयं को बहुत थका महसूस कर रहे हों, जिस कारण आप व्यायाम करना नहीं चाहते हैं और कई बार ऐसी अवस्था में व्यायाम करने के बाद आप स्वयं को और अधिक थका महसूस करने लगते हैं। जिसके पश्चात आप कुछ अन्य सामान्य लगने वाले कार्य जैसे कि किराने के सामान की खरीदारी करना या रात का खाना बनाना अथवा कपड़े इस्त्री करना अथवा उन्हें लपेटकर सही जगह रखने जैसे आसान कार्य करने में भी स्वयं को बहुत अधिक थका महसूस करते हैं। यदि आप विवाहित हैं तो यह थकावट आपके वैवाहिक जीवन को भी नकारात्मक रूप से प्रभावित करती है, क्योंकि इस थकावट के कारण आप अपने साथी के साथ कुछ विशेष पल बिताने में खुद को असमर्थ और थका हुआ पाते हैं।

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मनोवस्था संबंधी विकार (अवसाद अथवा चिंता)

फाइब्रोमाइल्गिया से पीड़ित आधे से अधिक लोगों के अंदर सामान्यता मनोदशा से संबंधित विकार भी पाए जाते हैं। फाइब्रोमाइल्गिया के शिकार यह लोग या तो चिंता के शिकार होते हैं अथवा अवसाद से ग्रसित होते हैं। यह हर समय अपने शरीर में हो रहे दर्द और थकान से निपटना कोशिश करते रहतें हैं जिससे कि इनके घर वालों या इनके जीवन साथी को इस बात की भनक ना लगे कि ये किस प्रकार की थकावट से गुजर रहे हैं, परंतु ऐसा हो नहीं पाता। जिसका सबसे बड़ा कारण यह है कि सामान्य दिनों में आप घर के सामान्य क्रियाओं में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते हैं परंतु ऐसे समय पर आप स्वयं को घर की सामान्य क्रियाओं से अलग-थलग करते हैं। जिसके कारण कब आप अवसाद की तरफ चले जाते हैं, स्वयं पीड़ित व्यक्ति भी नहीं जान पाता। कुछ शोध से ऐसे तथ्य भी सामने आए हैं कि वास्तव में अवसाद और चिंता फाइब्रोमाइल्गिया का ही एक हिस्सा होता है, बिल्कुल उसी तरह जैसे दर्द। जिन लोगों में फाइब्रोमाइल्गिया के लक्षण निकले होते हैं उनमें सामान्यतः अवसाद के लक्षण भी देखे जा सकते हैं। ऐसे लोग किसी भी चीज में अपना ध्यान केंद्रित करने में स्वयं को असफल पाते हैं। इतना ही नहीं, उनकी याददाश्त भी कमजोर होती है, जिसके कारण किसी भी बात को लंबे समय तक याद रखना उनके लिए आसान नहीं होता और वह चीजों को लिख कर रखतें हैं, जैसे कि यदि आपने कभी ऐसे किसी व्यक्ति के संपर्क में आए हो तो ध्यान दिया होगा कि वह अपने दिन के सामान्य कार्यों को भी टू-डू-लिस्ट में लिख कर रखते हैं।

नींद की समस्या

फाइब्रोमाइल्गिया से पीड़ित अधिकांश व्यक्ति नींद ना आने की शिकायत करते हुए नजर आते हैं। इस अवस्था में आपको नींद तो आ जाती है परंतु वह इतनी हल्की होती है कि जरा से शोर और हल्के से अवरोध में भी तुरंत खुल जाती है, ऐसी अवस्था में आप एक शांत और गहरी नींद लेने में खुद को असमर्थ पाते हैं। जिसके कारण आप जब भी सुबह उठते हैं तो खुद को बहुत थका हुआ महसूस करते हैं और जिसके कारण आपका पूरा दिन इसी उबासी के साथ बितता है। साथ ही यह उबासी आपके अंदर एक चिड़चिड़ापन भी पैदा कर देती है। ऐसी स्थिति को सिर्फ थकान समझने की गलती ना करें, सुबह उठकर यदि आप तरोताजा महसूस नहीं कर पा रहे हैं तो ऐसा हो सकता है कि आप फाइब्रोमाइल्गिया से पीड़ित हों, अंतः समय रहते इस पर ध्यान देना अत्यंत आवश्यक है। स्लीप लैब में किए गए टेस्ट से पता चलता है कि फाइब्रोमाइल्गिया से पीड़ित व्यक्ति मस्तिष्क में हो रही लगातार की गतिविधियों के कारण बार-बार जाग जाता है। इन रुकावटों के कारण व्यक्ति शांत और गहरी नींद लेने में असमर्थ हो जाता है। इसलिए यह बहुत आवश्यक है कि इन अवरोधों को समय रहते रोका जाएं, जिससे कि आपका शरीर एक संपूर्ण तौर पर आराम लें सकें और खुद को पुनर्स्थापित कर सकें, क्योंकि इसी के पश्चात आप तरोताजा महसूस कर सकेंगे।

दर्द तथा टेंडर पॉइंट

फाइब्रोमायल्जिया के कारण होने वाला दर्द सामान्यतः पूरे शरीर में महसूस होता है आप ऐसा भी कह सकते हैं कि फाइब्रोमायल्जिया में होने वाला दर्द कुछ-कुछ ओस्टियोआर्थराइटिस, बर्साइटिस और टेंडिनिटस के समान महसूस होता है, परंतु इसमें फर्क सिर्फ इतना होता है कि यह आपको आपके पूरे शरीर में महसूस होता है और यही वह कारण होता है जिसकी वजह से आपको डॉक्टर के पास जाना पड़ता है। फाइब्रोमायल्जिया की स्थिति में होने वाला दर्द तेज, शुष्क, टीस मारने वाला या फिर हल्का भी हो सकता है। यह आप अपनी मांसपेशियों, जोड़ों के आसपास अथवा लिगामेंट्स के आसपास या फिर स्नायुबंधन में महसूस कर सकते हैं। कुछ लोगों के लिए यह दर्द आता और जाता रहता है। परंतु कुछ लोगों को यह लगातार होने वाले दर्द के रूप में महसूस होता है यह आपके पूरे शरीर में कहीं भी उत्पन्न हो जाता है। इस प्रकार का दर्द आप के टेंडर पॉइंट अथवा किसी विशेष बिंदु पर हो सकता हैं जो सामान्यता जोड़ों के आसपास होते हैं और जब आप उन स्थानों को दबाते हैं तो आपको तेज दर्द की अनुभूति होती है। इन बिंदुओं को भी टेंडर पॉइंट भी कहा जाता है। यदि आप किसी ऐसे व्यक्ति के टेंडर पॉइंट्स को दबाएं जो फाइब्रॉम्याल्जिया से पीड़ित नहीं हैं तो उन्हें हल्का सा दबाव महसूस होगा परंतु यदि आप इसी दबाव से किसी ऐसे इंसान को इस बिंदु को दबाएंगे तो जो फाइब्रॉम्याल्जिया के लक्षण रखता है, तो उसको अत्यंत पीड़ा का अनुभव होगा। ये टेंडर बिंदु शरीर के कुछ अनुमानित स्थानों पर होते हैं, उनका अनुमान लगाना आसान होता है जैसे सामान्य त्वचा की सतह के नीचे पाए जाते हैं, जहां पर गहरा दर्द नहीं होता है। एक इस प्रकार का उत्तक जो आपकी मांसपेशियों और जोड़ों के बीच में बन जाता है, जिसके कारण यह दर्द का कारण बन कर उभरता है और आपको पीड़ा का अनुभव होता है।

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हाथों तथा पैरों में सूजन तथा झुनझुनी का होना

कुछ मामलों में फ़ाइब्रोमाइल्गिया से पीड़ित व्यक्ति को अपने हाथों तथा पैरों में झुनझुनाहट, जलन अथवा अकड़न और जड़ता का (सुन्नपन का) एहसास होता है। जबकि इसका कोई भी कारण अभी पूरी तरह से स्पष्ट नहीं है। इस प्रकार की स्थिति को “पेरेस्टिसिया” कहा जाता है। जो नियमित रूप से होती हैं, यह कुछ मिनटों के लिए और कभी-कभी कई घंटों के लिए भी महसूस की जा सकती हैं। कई बार स्थिति खराब होने पर ऐसा एहसास व्यक्ति को स्थिर तौर पर रहने लगता है। ऐसी स्थिति उस समय सबसे ज्यादा परेशान करने लगती है, जब यह सुबह के समय होती है, जब व्यक्ति अपने किसी भी कार्य को ठीक से करने में स्वयं को पूरी तरह से असमर्थ पाता है और वह अपना कोई भी कार्य ढंग से नहीं कर पाता। फ़ाइब्रोमाइल्गिया के साथ होने वाली है इस प्रकार की विभिन्न स्थितियां व्यक्ति को बहुत अधिक लाचार बना देती हैं।

सुबह के समय शरीर में महसूस होने वाली जकड़न

फ़ाइब्रोमाइल्गिया से पीड़ित अधिकांश लोग सुबह उठते समय भी स्वयं को बहुत थका हुआ महसूस करते हैं, जिसके कारण उनके दिन की शुरुआत बहुत ढीले तरीके से होती है। ऐसे लोग अपनी पीठ, हाथ और पैर की मांसपेशियों तथा जोड़ों में एक जकड़न का अनुभव महसूस करते हैं। वास्तव में यह सामान्य नहीं है, क्योंकि रात भर की नींद के बाद सुबह तरोताजा महसूस होती है, परंतु जब व्यक्ति फ़ाइब्रोमाइल्गिया से पीड़ित होता है तो उसे सुबह के समय भी अपने शरीर की मांसपेशियां चरमराती हुई सी महसूस होती हैं। यह स्थिति, कुछ-कुछ ऐसी होती है जैसी रुमेटीइड अर्थराइटिस के समय रोगी को महसूस होने वाली अकड़न में होती है। हालांकि कुछ लोगों का कहना है कि यह स्थिति केवल कुछ ही मिनटों तक ही रहती है। परंतु इस जकड़न का अनुभव आमतौर पर प्रत्येक दिन लगभग 15 से 20 मिनट तक रहता है। कभी-कभी यह स्थिति अधिक बिगड़ जाने पर इसका अनुभव कई घंटों और कुछ मामलों में पूरे दिन भी देखा गया है, जो व्यक्ति को अंदर ही अंदर चिड़चिड़ा बना देता है और वह स्वयं को सबसे अलग कर लेता है।

पैर हिलाने की बीमारी

हमने कई लोगों को अक्सर पैर हिलाते हुए देखा है। परंतु क्या आप जानते हैं कि कई बार फ़ाइब्रोमाइल्गिया से पीड़ित व्यक्ति अपने पैरों को (मुख्यता घुटने से नीचे के) लगातार हिलाता रहता है। ऐसा करने से कई बार चोट भी लग सकती है एवं लगातार इस तरह पैर हिलाने से दर्द का अनुभव भी हो सकता है। ऐसी स्थिति में आप अपने पैर को आराम दायक स्थिति में रखने का प्रयास करें। सामान्यता ऐसी स्थिति रात के समय बहुत अधिक बढ़ जाती है, जिसके कारण व्यक्ति की नींद बाधित हो जाती है और वह गहरी नींद लेने में असमर्थ महसूस करता है। रात में अच्छी नींद ना आने की वजह से सुबह व्यक्ति पूरी तरह से तरोताजा महसूस नहीं कर पाता है और पूरे दिन उबासी का अनुभव करता रहता है।

मासिक धर्म के समय होने वाली ऐंठन

फाइब्रोमाइल्गिया से पीड़ित महिलाएं मासिक धर्म के समय असामान्य रूप से दर्दनाक ऐंठन का अनुभव महसूस करतीं हैं। यह ऐंठन उनको सामान्यता अन्य लक्षणों के साथ महसूस होती है। इसलिए बहुत जरूरी हो जाता है कि यदि आपको या आपके किसी जाने वाले में ऐसे लक्षण हो तो वह तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

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पेशाब से जुड़ी समस्या

फ़ाइब्रोमाइल्गिया से पीड़ित व्यक्ति को कई बार ऐसा महसूस होता है जैसे कि उसे यूरिन त्यागने की इच्छा हो रही है, परंतु यूरिन त्यागने के समय उसे अत्यधिक दर्द का सामना करना पड़ता है। ऐसे लक्षण उस समय भी दिखाई देते हैं जब व्यक्ति को मूत्राशय अथवा गुर्दे से जुड़ी कोई बीमारी या संक्रमण हो रखा हो। इसीलिए आवश्यक है कि जब भी आपको ऐसा कोई लक्षण महसूस हो तो आप अपने डॉक्टर से तुरंत सलाह मशवरा करें और समय रहते अपनी बीमारी का पता कर लें।

इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम

फ़ाइब्रोमाइल्गिया से पीड़ित तकरीबन दो तिहाई लोगों में अक्सर पेट के दर्द तथा सूजन के शिकायत भी पाई जाती है। ऐसी स्थिति में पीड़ित व्यक्ति स्वयं को बहुत असहज महसूस करता है। कई बार कब्ज और दस्त की शिकायत भी फ़ाइब्रोमाइल्गिया से पीड़ित व्यक्ति में देखी गई है। ऐसी स्थिति इस बीमारी को और अधिक बुरे स्तर पर पहुंचा देती है, जब व्यक्ति अपने शरीर में हो रहे दर्द के अलावा अपने पेट से भी परेशान हो जाता है। वहीं कुछ मामलों में एसिड रिफ्लक्स अथवा गैस्ट्रोओसोफेगल रिफ्लक्स नामक बीमारी (जी.ई.आर.डी) की शिकायतें भी नोटिस की गई है।

सिर दर्द अथवा माइग्रेन

प्रत्येक पांच में से 2 लोगों को जो फ़ाइब्रोमाइल्गिया से पीड़ित होते हैं उन्हें नियमित रूप से माइग्रेन अथवा तनाव के कारण होने वाले सिर दर्द से जूझते देखा गया है। यह दर्द उनकी गर्दन और पीठ के ऊपरी भाग में पहुंच कर उन्हें अत्यंत कष्ट पहुंचाता है। ऐसे हालात में कई बार उनके गर्दन की मांसपेशियां अत्यंत कठोर हो जाती हैं, जिसके कारण वह अपनी गर्दन को इधर-उधर हिलाने में बहुत अधिक दर्द का अनुभव करते हैं। इसी प्रकार उनके निविदा पॉइंट्स की वजह से कई बार उनकी गर्दन, पीठ और सिर के आसपास बहुत अधिक दर्द होने लगता है। सिर में होने वाले भयंकर दर्द की वजह से कई बार व्यक्ति के लिए फ़ाइब्रोमाइल्गिया के साथ जीवन व्यतीत करना बहुत मुश्किल हो जाता है क्योंकि सिर दर्द के कारण व्यक्ति किसी भी कार्य को करने में खुद को असमर्थ पाता है।

इसी कारण यह बहुत आवश्यक है कि यदि आप या आपके किसी जानने वाले को ऊपर लिखे गए लक्षणों का अनुभव हो तो वह बिना देर किए डॉक्टर से जाकर के इन लक्षणों को बताएं और डॉक्टर की सलाह के अनुसार बताए गए दिशा निर्देशों का पालन करें।

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