जानिए अखरोट से होने वाले 12 अद्भुत स्वास्थ्य लाभ

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walnuts in a jar

हम आपको अखरोट के द्वारा मिलने वाले 12 प्रकार के विभिन्न स्वास्थ्य लाभों के विषय में बताएंगे, जिन्हें विज्ञान के द्वरा साबित भी किया जा चुका है। अखरोट अत्यधिक पोषक तत्वों से भरपूर होता है एवं इसके अंदर एंटीऑक्सिडेंट की उच्च मात्रा पाई जाती है। नियमित रूप से अखरोट खाने से मस्तिष्क स्वास्थ्य में सुधार होता है और हृदय रोग एवं कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों के जोखिम को कम करने में मदद मिलती है। अखरोट को आप आसानी से अपने आहार में शामिल कर सकते हैं, क्योंकि अख़रोट को आप अकेले भी खा सकते हैं और विभिन्न प्रकार के व्यंजनों के साथ मिलाकर भी इस का लुत्फ़ उठा सकते हैं। सीधे शब्दों में कहा जाए तो अखरोट खाना आपके स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए उठाए गए सबसे अच्छे क़दम में से एक है।

अखरोट से होने वाले अद्भुत स्वास्थ्य लाभ कुछ इस प्रकार से है:

Table Of Contents
  1. अखरोट एंटी-ऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं
  2. अखरोट कई प्रकार के कैंसर के खतरों को कम करता है
  3. अखरोट का नियमित सेवन टाइप 2 मधुमेह को नियंत्रित करने में मदद करता है
  4. अख़रोट रक्त वसा में सुधार करता है
  5. ओमेगा-3 को प्राप्त करने के लिए अख़रोट को सबसे अच्छा प्राकृतिक स्रोत माना जाता है
  6. अखरोट आपके रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) को निम्न रखने में मदद करता है
  7. अखरोट में कैलोरी की उच्च मात्रा पाई जाती है
  8. अखरोट आपके मस्तिष्क स्वास्थ्य का भी ध्यान रखता है
  9. अखरोट आपकी आंत के स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है
  10. अखरोट पुरुष प्रजनन स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है
  11. अखरोट आपके शरीर के आंतरिक संक्रमण को कम करता है
  12. अखरोट बढ़ती उम्र की सेहत के लिए आवश्यक है

अखरोट एंटी-ऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं

सामान्य गिरी की तुलना में अखरोट के अंदर एंटी ऑक्सीडेंट अधिक मात्रा में पाया जाता है। जिसका सीधा तात्पर्य यह है कि यदि अखरोट की तुलना अन्य दूसरे सूखे मेवों से की जाए तो अखरोट में एंटी ऑक्सीडेंट की गुणवत्ता अधिक पाई जाती है। एंटी ऑक्सीडेंट की उच्च मात्रा होने का मुख्य कारण अखरोट के अंदर विटामिन ई का उच्च मात्रा में उपस्थित होना है। इसके साथ ही अखरोट के अंदर मेलाटोनिन और पौधों से प्राप्त होने वाले कई दुर्लभ पदार्थ जिसमें पॉलीफेनॉल भी शामिल है, जो कि मुख्य रूप से अखरोट के ऊपर मिलने वाली पतली त्वचा रूपी झिल्ली के अंदर मौजूद होता है, पाया जाता है।

कुछ लोगों के समूह पर किए गए एक छोटे से अध्ययन के अनुसार जब कुछ पूर्ण रूप से स्वस्थ लोगों ने अखरोट का सेवन करना चालू किया तो उनके अंदर कई प्रकार के बदलाव महसूस किए जाने लगे। जिसमें से सबसे बड़ा बदलाव, उनके शरीर के अंदर मौजूद बुरे कोलस्ट्रोल के कारण उत्पन्न होने वाले दुष्परिणामों का कम होना था। अखरोट के सेवन से होने वाले यह सभी फायदे उसके अंदर मौजूद कई प्रकार के गुणवत्ता युक्त पदार्थों के कारण होते हैं। अखरोट के सेवन से हमारे शरीर के अंदर मौजूद बुरे प्रकार का कोलेस्ट्रोल जिसे एलडीएल के नाम से जाना जाता है, कम होने लगता है। इस कोलेस्ट्रोल के कारण हमारे दिल की धमनियां अवरुद्ध होने लगती है, जिसके कारण हमारा दिल कई प्रकार की हृदय से संबंधित बीमारियों से ग्रसित हो जाता है।

अखरोट कई प्रकार के कैंसर के खतरों को कम करता है

प्रयोगशाला के अंदर और जानवरों के ऊपर किए गए अध्ययन से ऐसा देखा गया है कि अखरोट का सेवन करने से कई प्रकार के कैंसर के खतरों को कम किया जा सकता है। जिसमें स्तन कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर और त्वचा का कैंसर मुख्य रूप से शामिल हैं। जैसा कि पहले भी बताया गया है कि अखरोट पॉलीफेनॉल नामक तत्व से भरपूर होता है, जो कि हमारी आंत के अंदर पाए जाने वाले कई प्रकार के बैक्टीरिया को सही प्रकार के तत्व में बदल कर हमें कई रूपों में फायदा पहुँचाता हैं। यूरोलिथिन नामक तत्व, हमारी आंत के अंदर पाया जाता है, इसमें एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण होने के कारण अखरोट खाने से कोलोरेक्टल कैंसर (बड़ी आंत का कैंसर) उत्पन्न होने का खतरा कम होता है। यूरोलिथिन नामक इस तत्व के एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण कैंसर को रोकने में काफी प्रभावशाली होते हैं। परंतु इस दिशा में और अधिक अध्ययन करने की आवश्यकता है। जिससे कि यह जाना जा सके कि आखिर किस प्रकार अखरोट हमारे हृदय से संबंधित तथा कैंसर से संबंधित रोगों को कम करने में अपना योगदान देता है। इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए अभी इस विषय में और अधिक अध्ययन करने की आवश्यकता है।

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अखरोट का नियमित सेवन टाइप 2 मधुमेह को नियंत्रित करने में मदद करता है

अध्ययनों के माध्यम से यह पता चलता है कि अखरोट टाइप 2 मधुमेह से जुड़े जोखिम को कम करने में सहायक है, साथ ही यह वजन को नियंत्रित करने में भी मदद करता है। अत्यधिक वजन से आपको रक्त शर्करा और मधुमेह होने का खतरा अधिक बढ़ जाता है। अखरोट का सेवन वजन नियंत्रण के अलावा रक्त शर्करा (ब्लड शुगर) को नियंत्रित करने में मदद करता है। एक अध्ययन के अनुसार जिसमें टाइप 2 डायबिटीज़ वाले 100 लोगों में एक नियंत्रित अध्ययन के दौरान उन्हें, 3 महीने तक दिन में 1 चम्मच कोल्ड-प्रेस्ड अखरोट के तेल का सेवन करवाया गया साथ ही उनकी सामान्य डायबिटीज़ की दवा और संतुलित आहार को भी जारी रखा गया। इस अध्ययन के परिणामस्वरूप उनकी फास्टिंग रक्त शर्करा में 8% की कमी देखी गई। इसके अतिरिक्त, अखरोट के तेल के उपयोग से उपयोगकर्ताओं में हीमोग्लोबिन A1C (3 महीने की औसत रक्त शर्करा में) में लगभग 8% की कमी देखी गई।

अख़रोट रक्त वसा में सुधार करता है

“खराब” एल.डी.एल. कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स का ज्यादा स्तर लंबे समय तक बने रहने से हृदय रोग का खतरा बढ़ जाता है। नियमित रूप से अखरोट के सेवन से कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद मिलती है। उदाहरण के लिए, 194 स्वस्थ वयस्कों के ऊपर, हाल के एक अध्ययन के अनुसार जिसमें उन्हें आठ सप्ताह तक रोजाना 1.5 औंस (43 ग्राम) अखरोट खाने से उनके कुल कोलेस्ट्रॉल में 5% की कमी हुई, इतना ही नहीं एल.डी.एल. कोलेस्ट्रॉल में 5% की कमी और ट्राइग्लिसराइड्स में 5% की कमी भी हुई, ऐसे लोगों की तुलना में जिन्होंने अखरोट का सेवन नहीं किया था। अखरोट खाने वालों में एपोलिपोप्रोटीन-बी में लगभग 6% की कमी थी, जो इस बात का सूचक है कि आपके रक्त में कितने एल. डी. एल.‌ के कण हैं। जब यह ज्यादा हो जाते हैं तो एपोलिपोप्रोटीन-बी, हृदयरोग के लिए एक प्रमुख कारण बन जाता है।

ओमेगा-3 को प्राप्त करने के लिए अख़रोट को सबसे अच्छा प्राकृतिक स्रोत माना जाता है

अखरोट के अंदर ओमेगा-3 की उच्च मात्रा पाई जाती है, यह अन्य सूखे मेवों की तुलना में सबसे अधिक होती है। एक औंस अखरोट के अंदर लगभग ढाई ग्राम ओमेगा-3 की मात्रा पाई जाती है जो कि अन्य किसी भी पदार्थ से मिलने वाली मात्रा से अधिक है। यदि पेड़ों से प्राप्त होने वाले ओमेगा-3 जैसे गुणकारी पदार्थ की तुलना अन्य सूखे मेवों से की जाए, तो यह अखरोट के अंदर सबसे अधिक मात्रा में पाया जाता है। अखरोट के अंदर पाई जाने वाली ओमेगा-3 को हम अल्फा लिनोलेनिक एसिड के नाम से जानते हैं, जो कि अपने आप में एक बहुत ही महत्वपूर्ण वसा है।

इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिसिन साइंस के अनुसार यदि हम अल्फा लिनोलेनिक एसिड की डेढ़ से दो ग्राम मात्रा प्रतिदिन लेते हैं, जो कि पुरुषों के लिए एक आदर्श मात्रा मानी गई है वहीं महिलाओं के लिए यह मात्रा लगभग 1.1 ग्राम के आसपास होनी चाहिए। अखरोट की एक सर्विंग के अंदर यह मात्रा पूर्ण रुप से सम्मिलित होती है। उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए किए गए अध्ययनों के अनुसार यह साबित हो चुका है कि यदि आप प्रतिदिन अल्फा लिनोलेनिक एसिड का सेवन करते हैं, तो आपके अंदर कई बीमारियों को पनपने से रोका जा सकता है तथा इस महत्वपूर्ण तत्व कारण आपके हृदय से संबंधित रोगों में 10% की कमी आ सकती है। यह सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है कि हम इसे अपने खानपान के माध्यम से जरूर प्राप्त कर सकें।

अखरोट आपके रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) को निम्न रखने में मदद करता है

उच्च रक्तचाप, हृदय रोग और स्ट्रोक के लिए एक प्रमुख कारक माना जाता है। कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि अखरोट खाने से निम्न रक्तचाप बनाए रखने में मदद मिल सकती है, साथ ही यह उच्च रक्तचाप वाले लोगों एवं सामान्य लोग जिन्हें तनाव की शिकायत होती हैं उनके रक्तचाप को भी निम्न रख सकता है। PREDIMED अध्ययन के अनुसार, जिसमें 7500 वयस्क लोगों को, जिन्हें हृदय रोगों का खतरा अत्यधिक था, उन्हें अन्य आहारों की तुलना में, उनकी मिश्रित आहार के साथ रोजाना एक औंस (28 ग्राम) नट्स मिला कर दिए गए जिनमें से आधे अखरोट थे। अध्ययन के अंत में, अखरोट से समृद्ध इस आहार पर आधारित लोगों के डायस्टोलिक रक्तचाप (नीचे की संख्या) में 0.65 mmHg से अधिक कमी आई, उन लोगों की तुलना से जिन्हें अखरोट बिल्कुल नहीं दिया गया था। इससे पता चलता है कि अखरोट आपके हृदय स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है, साथ ही यह आपके रक्तचाप में भी सुधार लाता है। यह बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि रक्तचाप में आया थोड़ा भी अंतर आपके हृदय रोग का कारण बन सकता है।

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अखरोट में कैलोरी की उच्च मात्रा पाई जाती है

अखरोट के अंदर कैलोरी की उच्च मात्रा पाई जाती है, परंतु अध्ययनों से ऐसा पता चला है कि उनके द्वारा अवशोषित होने वाली ऊर्जा 21% कम होती है, जो कि उनके अंदर मौजूद पोषक तत्वों के आधार पर मानी गई है। ऐसा कहना भी अतिशयोक्ति नहीं होगा कि, अखरोट खाने से आपको अपनी भूख को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। एक अध्ययन के अनुसार 10 मोटे लोगों को पांच दिनों के लिए दिन में एक बार अखरोट के लगभग 1.75 औंस (48 ग्राम) के साथ बनाई गई एक स्मूदी (जो वास्तव में कैलोरी और पोषक तत्वों में प्लेसीबो के बराबर थी) पीने के लिए दी गई और यह देखा गया की ऐसा करने से उनकी भूख में कमी आई। इसके अतिरिक्त अखरोट की स्मूदी का सेवन करने वाले लोगों के मस्तिष्क का स्कैन करने से पता चला कि उनके मस्तिष्क के एक क्षेत्र में सक्रियता बढ़ गई है और वह फ्रेंच फ्राइज और केक जैसे अत्यधिक स्वादिष्ट खाद्य पदार्थों को खाने से रोकने के संकेत देती हैं।

अखरोट आपके मस्तिष्क स्वास्थ्य का भी ध्यान रखता है

यह सिर्फ एक संयोग मात्र है कि अखरोट का खोल एक छोटे से मस्तिष्क जैसा दिखता है, लेकिन शोध बताते हैं कि अखरोट वास्तव में आपके दिमाग के लिए बहुत अच्छा होता है। पशु और टेस्ट-ट्यूब अध्ययनों में पाया गया कि अखरोट में पॉलीअनसेचुरेटेड वसा, पॉलीफेनोल और विटामिन-ई पाए जाते हैं, यह आपके मस्तिष्क में होने वाली ऑक्सीडेटिव क्षति और सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं। 10 महीने तक किए गए एक अध्ययन में जिसमें कि अल्जाइमर रोग से पीड़ित चूहों को उनकी 6% – 9% कैलोरी के रूप में अखरोट का सेवन कराया गया (जो कि सामान्य लोगों में प्रतिदिन 1-1.5 औंस या 28-45 ग्राम के बराबर होता है) इससे उनके अंदर सीखने के कौशल, स्मृति और चिंता में कमी से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण सुधारों को देखा गया, जिसकी तुलना वास्तव में एक ऐसे समूह के चूहों से की गई जिन्हें अखरोट बिल्कुल भी नहीं दिया गया था। अध्ययनों के माध्यम से यह बात भी सामने आई है कि बढ़ती उम्र के साथ अखरोट का सेवन करने से मस्तिष्क की क्रियाएं बेहतर होती हैं, जिसमें मुख्य रूप से मस्तिष्क की तेजी से प्रसंस्करण गति, अधिक मानसिक लचीलापन और बेहतर स्मृति शामिल है।

अखरोट आपकी आंत के स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है

कई अध्ययनों के माध्यम से ऐसा देखा गया है कि जब हमारी आंत के अंदर इस प्रकार के बैक्टीरिया बढ़ने लगते हैं जो हमारी आंत के स्वास्थ्य की रक्षा करते हैं तथा कई अन्य प्रकार के बहुत छोटे तत्व जिनको माइक्रोबायोटा के नाम से जाना जाता है, तो हमारी आंत का स्वास्थ्य ठीक होने लगता है, जिसके परिणामस्वरुप हमारा पूरा शरीर स्वस्थ रहता है। यदि हमारे पित्त के अंदर माइक्रोबायोटा और दूसरे तत्वों का मिश्रण सही प्रकार से ना हो तो हमारी आंत के अंदर संक्रमण की दर बढ़ने लगती है। जिससे उसके अंदर बीमारियों का प्रसार होता है। कभी-कभी यह बीमारियां हमारे शरीर के अन्य भागों में भी फैल जाती हैं और हम मोटापे, हृदय रोग तथा कैंसर जैसी बीमारियों का शिकार हो जाते हैं। हम जिस प्रकार का भोजन खाते हैं, हमारे अंदर उत्पन्न होने वाले माइक्रोबेटा उसी प्रकार से हमारे शरीर को फायदा या नुकसान पहुंचाते हैं। अखरोट का सेवन करने से आप अपनी आंत के स्वास्थ्य की रक्षा कर सकते है। इस प्रकार हमारे शरीर के अंदर उत्पन्न होने वाले माइक्रोबायोटा हमारी आंत को सही प्रकार से सुरक्षित रखते हैं। एक अध्ययन के अनुसार जिसमें 194 लोगों को प्रतिदिन डेढ़ से दो अखरोट खाने के लिए दिए गए, यह प्रक्रिया लगातार आठ हफ्तों के लिए की गई, तो ऐसा देखा गया कि उनके अंदर उत्पन्न होने वाले अच्छे बैक्टीरिया सही मात्रा में उत्पन्न हो रहे हैं, मुख्य रूप से उन लोगों की तुलना में जो अखरोट का सेवन नहीं करते हैं इन लोगों के अंदर उत्पन्न होने वाले बैक्टीरिया काफी कम मात्रा में उत्पन्न हुए थे। अखरोट के सेवन से हमारे शरीर के अंदर उत्पन्न होने वाले ब्यूटायरेट बैक्टीरिया के स्तर में भी बढ़ोतरी होती है। यह एक प्रकार का वसा होता है जो हमारी आंत के स्वास्थ्य की रक्षा करता है।

अखरोट पुरुष प्रजनन स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है

विशिष्ट रूप से पश्चिमी आहार-प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ, चीनी और परिष्कृत अनाज सीधे तौर पर पुरुषों के शुक्राणुओं के कम होने के कारणों से जुड़े हैं। अखरोट खाने से पुरुषों के भीतर उनके शुक्राणु स्वस्थ होते हैं और साथ ही उनकी प्रजनन क्षमता भी बेहतर होती है। जब 117 स्वस्थ नवयुवकों ने अपने पश्चिमी शैली के आहार में तीन महीने के लिए 2.5 औंस (75 ग्राम) अखरोट शामिल किया, तो नट्स ना खाने वाले पुरुषों की तुलना में यह पाया कि उनके शुक्राणु के आकार, जीवन शक्ति और गतिशीलता में सुधार हुआ है। पशु अनुसंधान से पता चलता है कि अखरोट खाने से उनके झिल्ली में ऑक्सीडेटिव क्षति के कम होने के कारण शुक्राणु की रक्षा करने में मदद मिलती है। हालांकि इन लाभों की पुष्टि करने के लिए अभी आगे और अधिक अध्ययन करने की आवश्यकता है, लेकिन यदि आप प्रजनन क्षमता के विषय में चिंतित हैं, तो अखरोट का सेवन एक सरल उपाय साबित हो सकता है।

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अखरोट आपके शरीर के आंतरिक संक्रमण को कम करता है

हमारे शरीर के अंदर होने वाला आंतरिक संक्रमण कई रोगों का मुख्य कारण होता है। जिसमें प्रमुख रुप से टाइप 2 मधुमेह, कैंसर तथा अल्जाइमर से संबंधित बीमारियां होतीं हैं। अखरोट के अंदर पाए जाने वाला एक तत्व जिसे पॉलीफेनॉल के नाम से जाना जाता है, यह हमारे शरीर के अंदर होने वाले इस आंतरिक संक्रमण से हमें छुटकारा दिलाता है तथा हमारे शरीर के अंदर उपस्थित तनाव और संक्रमण की दर को कम करता है। कुछ लोगों पर किए गए एक अध्ययन के अनुसार यह काफी कारगर सिद्ध हुआ है। हमारे शरीर में उत्पन्न होने वाले ऐसे बैक्टीरिया जो हमें कई मायनों में फायदा पहुंचाते हैं यह उन्हें इलैग्टिनीस के कंपाउंड के रूप में तोड़कर यूरोलिथीनस् बनाता है। जिसके बारे में यह कहा जाता है कि यह आंतरिक संक्रमण को रोकने में सहायता करता है। अल्फा लिनोलेनिक एसिड, ओमेगा-3, वसा, मैग्नीशियम और एमिनो एसिड अर्गाइन यह सभी अखरोट में पाए जाने वाले वह तत्व हैं, जो हमारे शरीर के अंदर होने वाले आंतरिक संक्रमण को कम करते हैं।

अखरोट बढ़ती उम्र की सेहत के लिए आवश्यक है

जैसे-जैसे आपकी उम्र बढ़ती है, अपनी गतिशीलता और स्वतंत्रता बनाए रखने के लिए अच्छा शारीरिक व्यायाम अत्यंत आवश्यक है। इसके साथ ही शरीर की शारीरिक क्षमताओं को बनाए रखने के लिए स्वस्थ खान-पान की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। एक अध्ययन के अनुसार जिसमें अधिक उम्र की 50,000 से अधिक महिलाओं में 18 वर्षों तक किए एक अवलोकन अध्ययन में, वैज्ञानिकों ने पाया कि स्वास्थ्यप्रद आहार वाले लोगों में शारीरिक हानि का ख़तरा लगभग 13% कम होता है। इसमें अखरोट उन खाद्य पदार्थों में से एक था, जिन्होंने स्वस्थ आहार में सबसे मजबूत योगदान दिया। हालांकि कैलोरी की मात्रा अधिक होने के साथ-साथ अखरोट आवश्यक विटामिन, खनिज, फाइबर और वसा जैसे यौगिकों से भरे होते हैं, जो आपके शरीर को शारीरिक कार्य करने में मदद करते हैं।

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