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शुरुआती 30 दिन कैसे रखें अपने घर के नए सदस्य (पालतू कुत्ते) का ध्यान

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आपके घर में शुरुआती कुछ दिन आपके पालतू पशु के लिए बहुत विशेष और महत्वपूर्ण होते हैं। आपका नया पालतू कुत्ता इस बात से बहुत उलझन में रहता है कि वह कहां आ गया है और आप उससे क्या उम्मीद कर रहे हैं। उसकी इस उलझन को सुलझाने के लिए आपको चाहिए कि आप और आपका परिवार अपने घर के इस नए सदस्य (पालतू कुत्ते) के साथ अच्छा समय व्यतीत करके उसे सहज महसूस करवाएं। जिससे कि आपका प्यारा कुत्ता इस नए माहौल में अच्छे से सामंजस्य स्थापित कर सके। यहां हम आपको कुछ ऐसी बातें बताएंगे जो किसी भी कुत्ते को पालने के समय आपको अपने दिमाग में रखनी चाहिए, क्योंकि शुरुआती 30 दिन उस नए सदस्य और आपके लिए थोड़े विचित्र और अलग जरूर होते हैं। परन्तु यह वही समय होता है जब आप उस नन्हें से सदस्य को अपनेपन का अनुभव करा कर उसे अपना बना लेते हैं।

पालने के समय ध्यान रखने वाली बातें

  1. सबसे पहले यह निर्धारित करें कि आप अपने कुत्ते को घर में कहां रखने वाले हैं, क्योंकि जानवर हो या इंसान जब एक जगह से (अपने घर या आश्रय से) दूसरी जगह रहने के लिए आता है, तो वह उस पर्यावरण के परिवर्तन की वजह से बहुत अधिक तनाव में होता है। कुत्ते भी इस तरह के पर्यावरण परिवर्तन से बहुत अधिक प्रभावित होते हैं। ऐसी स्थिति में कई बार वह अपनी कुछ आदतें भी बदल लेते हैं। अक्सर रसोईघर कुत्तों को रखने की सबसे अच्छी जगह के रूप में सामने आता है, क्योंकि घर के इस क्षेत्र को साफ करना भी आसान होता है और इसमें हर समय कुछ ना कुछ हलचल होती रहती है।
  2. घर के जिस क्षेत्र में आपका प्यारा कुत्ता अपने शुरुआती समय के कुछ महीने बिताने जा रहा है, उस जगह को अच्छे से डॉग-प्रूफ कर दें। डॉग-प्रूफ करने से मतलब यह है कि वहां के बेस बोर्ड पर लटके विद्युत तारों को अच्छे से टेप लगा दें, आसपास के पौधों को हटा दें, ऊंची अलमारी में जिनसे चोट लगने की संभावना है, इनको सही तरह से कर दें अपने कुत्ते के लिए उसके बैठने वाले बिस्तर को अच्छे से रख कर एक छोटा सा बेबी गेट भी जरूर बनाएं।
  3. आप अपने कुत्ते की कॉलर में एक आईडी टेग जरूर लगाएं। जिस पर अपने नाम के साथ अपना फोन नंबर लिखें। यह शुरुआती दिनों में अतिरिक्त सुरक्षा की नजर से सही है। साथ ही यह उस स्थिति में बहुत काम आता है, जब कभी आपका कुत्ता कभी गलती से घर से भटक जाएं।
  4. यदि आप अपने कुत्ते को प्रशिक्षण देने की योजना बना रहे हैं तो कुत्ते को घर ले जाने से पहले इस बात को पूरी तरह सुनिश्चित कर लें कि आप अपने कुत्ते को किस प्रकार ट्रेनिंग देने की योजना बना रहे हैं।
  5. अपने कुत्ते का प्रशिक्षण उसी समय से शुरू कर दें, जब आप पहली बार उसे घर लेकर आएं। थोड़ा सा समय निकाल कर, शब्दावली की एक सूची बनाएं जिसमें अपने घर के सभी सदस्यों को भी शामिल करें। इस शब्दावली में उन शब्दों को लिखें जो आप और आपके घर वाले अपने कुत्ते को कोई भी बात कहने के लिए उपयोग करेंगे। इससे आप और आपके घरवालों के बीच अपने कुत्ते से बात करने के दौरान होने वाली भ्रम की स्थिति को आप रोक सकते हैं। साथ ही आपका कुत्ता भी आपके आदेशों को तेजी से सीख सकेगा। यदि आप निश्चित नहीं हैं कि कौन से कमांड का उपयोग किस शब्द द्वारा करते हैं, तो इंटरनेट के माध्यम से आप अपनी इस परेशानी का हल निकाल सकते हैं।
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शुरुआती दिनों के दौरान ध्यान रखने वाली बातें

  1. कुत्ते को खरीदते समय यह जरूर पूछें कि उसने अंतिम बार क्या खाया था और किस समय खाया था। उसके खाने की समय-सारणी जरूर लेकर रख लें। नए माहौल में लें जाने से पहले यह सारणी रख लेना आपके लिए मददगार साबित होगा। यदि आप उसके खाने के शेडूल में या ब्रांड में बदलाव लाना चाहते हैं तो इसे धीरे-धीरे लेकर आए। एकदम से ब्रांड बदल देने से या खाने के शेडूल को ऊपर नीचे कर देने से आपके पालतू जानवर को अच्छी खासी परेशानी हो सकती है। ऐसी स्थिति में यह खुद को असहज महसूस कर सकता है। इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना बहुत आवश्यक है।
  2. हम सभी जानते हैं कि एक जगह से दूसरी जगह का स्थान परिवर्तन कितना तनावपूर्ण होता है। और कुछ ऐसा ही हमारे इस नए सदस्य (कुत्ते) को भी महसूस होता है, जब हम उसे किसी और जगह से लेकर अपने घर में लाते हैं। अपने घर के नए सदस्य को थोड़ा वक्त दें, जिससे वह अजनबियों से परिचित हो सके और आपके परिवार में अच्छे से घुल मिल सके। घर के बच्चों को यह जरूर सिखाएं कि उन्हें उससे मिलने में किस तरह की सावधानी रखनी चाहिए। ज्यादा जानकारी आप इंटरनेट के माध्यम से भी जुटा सकते हैं।
  3. कुत्ते को घर लाने के बाद सबसे पहले तुरंत उसे टॉयलेट एरिया में लेकर जाए और वहां उसके साथ थोड़ा समय बिताएं, ताकि वह उस क्षेत्र को अच्छे से जान सके और खुद को राहत पहुंचा सके। ऐसा हो सकता है कि अभी आपके कुत्ते के लिए आपका घर बिल्कुल नई जगह होने के कारण, वह घबराहट में इधर उधर टॉयलेट करने की गलती कर दें। इस बात के लिए मानसिक तौर पर तैयार रहें। घर में आने वाले नए लोगों, नई-नई आवाजों से धीरे-धीरे आपका कुत्ता अवगत हो जाएगा, जरूरत है तो बस थोड़े से संयम की। कुत्ते को आपके घर के वातावरण को समझने में थोड़ा वक्त जरूर लग सकता है, परंतु इस बात का ध्यान रखें कि जितनी जल्दी आप का कुत्ता घर में खुद को सुरक्षित और सहज महसूस करेगा उतनी जल्दी वह घर की आदतों को अपना लेगा।
  4. अपने कुत्ते के साथ उसके खाना खाने के शेडूल, टॉयलेट जाने का शेडूल और खेलने का शेडूल बनाने की शुरुआत करें। शुरुआती दिन में आपके कुत्ते को परिवार के साथ ज्यादा समय की जरूरत होगी। जबकि कुछ समय आप उसे एकांत में बैठने के लिए भी दें सकते हैं। कोशिश करें कि वह अकेला सा महसूस ना करें। साथ ही उसे कुछ खिलौने ला कर दें जो मुख्यतः कुत्तों के लिए बनाए जाते हैं।
  5. यदि आप अपने कुत्ते को क्रेट ट्रेनिंग देने की योजना बना रहे हैं, तो कुछ समय के लिए क्रेट के दरवाजे को खुला ही रखें। जिससे आपका कुत्ता जब चाहेगा बाहर निकल सकता है और जब चाहेगा अंदर जाकर बैठ जाएगा। याद रखें जब भी आप अपने कुत्ते को अंदर जाकर बैठने का संदेश दे और अगर वह आपकी बात मान कर अंदर बैठे तो उसको ट्रीट जरूर दें। ऐसा करने से वह यह समझ सकेगा कि उसने कुछ अच्छा किया जिसके लिए उसे ट्रीट मिली है। यहीं से शुरुआत होती है, कुत्ते को घर पर ट्रेनिंग देने की।
  6. आप चाहे तो शुरुआती दिनों में मैगजीन, अखबार, मिसेस आदि चीजों का “प्रशिक्षण उपकरण” के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं। इनका फायदा यह है कि इनसे आपके कुत्ते को तेज चोट नहीं लगेगी। “यहां आओ”, “लेट जाओ” यह कुछ ऐसे शब्द हैं जिनको आप घर में अपने कुत्ते को आसानी से इस प्रशिक्षण उपकरण की सहायता से सिखा सकते हैं। यह बिल्कुल ना भूलें कि, उसके अच्छे काम करने पर उसे ट्रीट जरूर दें, इससे उसका उत्साह ट्रेनिंग के दौरान बना रहेगा।
  7. शुरुआत के कुछ दिनों में अपने कुत्ते के आसपास का माहौल शांत बनाकर रखें। बहुत अधिक उत्तेजनापूर्ण माहौल ना बनाएं। कोशिश करें कि आप अपने कुत्ते की पसंद और नापसंद को समझें। घर का माहौल में जितनी जल्दी वह घुल मिल जाएगा, उतनी ही जल्दी आपको भी उसकी आदतें समझ में आने लगेंगी।
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आने वाले हफ्तों में ध्यान रखने की बातें

  1. अपने पशु चिकित्सक के साथ यह सुनिश्चित करें कि आप के कुत्ते को सभी आवश्यक टीकें लग चुके हैं। यदि आप चाहें तो अपने कुत्ते को ग्रुप में भी ट्रेनिंग दिलवा सकते हैं या फिर उसे पार्क में भी यह प्रशिक्षण दिया जा सकता है। अपने कुत्ते की बॉडी लैंग्वेज को समझने पर पूरा ध्यान दें। उसकी बॉडी लैंग्वेज की समझ से ही आप यह सुनिश्चित कर पाएंगे कि किस समय वह भयभीत होता है, कब वह खुश होता है, किस समय उसे भूख लगी होती है या बाहर जाने की आवश्यकता होती है।
  2. यदि आपको अपनी कुत्ते के व्यवहार से कोई शिकायत है तो आपको उसके ट्रेनर से या उसके पशु चिकित्सक से इस विषय में चर्चा जरूर करनी चाहिए। ऐसे व्यवहार को अनदेखा ना करें। परन्तु संयम को भी ना छोड़े। इस बात को हमेशा याद रखें जितनी कोशिश आप अपने कुत्ते को समझने की कर रहे हैं, वह भी आपके नए वातावरण में घुलने मिलने की उससे ज्यादा कोशिश कर रहा है। इसलिए यह जरूरी है कि आप उसे समय दें और उसकी हर हरकत पर पूरी नजर रखें।
  3. कई लोगों का मानना है कि गोद लेने के कई हफ्ते बाद तक वे अपने कुत्ते के वास्तविक व्यक्तित्व को नहीं पहचान पाते। ऐसा हो सकता है कि शुरुआती कुछ दिनों में आपका कुत्ता आपसे थोड़ा असहज रहे, क्योंकि वो आपको जानता नहीं है। धैर्य और समझ रखें, उसके शेडूल को बनाएं और उसके आधार पर उसकी आदतों को समझने की कोशिश करें।

यदि आप ऊपर बताई गई इन सभी टिप्स को ध्यान में रखेंगे, तो हमें यह कहने में गर्व होगा कि आप एक बहुत ही अच्छा, बात मानने वाला कुत्ता ना सिर्फ पालने के लिए बल्कि उसे घर का सदस्य बनाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

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