जानिये अवोकेडो के अनूठे फायदे. क्यों इसे जादुई फल कहा जाता है?

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आवोकेडो (Avocado) एकमात्र ऐसा फल है जो बहुत अधिक मात्रा में मोनो अनसैचुरेटेड फैटी एसिड तथा बीस तरह के विटामिन और पोषक तत्व देता है. फलों और सब्जियों से युक्त भोजन को शुरू से ही अच्छे स्वास्थ्य के लिए आवश्यक माना जाता है. उपयुक्त मात्रा में आवोकेडो खाने से दिल की बीमारियां,  डायबिटीज, मोटापा, जोड़ों में दर्द तथा कैंसर जैसी बीमारियां होने के आसार कम हो जाते हैं.

आइए जानते हैं आवोकेडो खाने से शरीर को कौन-कौन से लाभ होते हैं.

पोषक तत्वों से भरपूर

आवोकेडो के 1/5  हिस्से में लगभग 64 कैलोरी होती है,  6 ग्राम वसा होता है, 3:50 ग्राम कार्बोहाइड्रेट होता है,  1 ग्राम से भी कम चीनी होती है और करीब 3 ग्राम फाइबर होता है.

आवोकेडो में बहुत अधिक मात्रा में विटामिन सी,  विटामिन ई, विटामिन के और विटामिन बी होता है. साथ ही इसमें मैग्नीशियम,  फोलेट और पोटैशियम की भी प्रचुर मात्रा होती है. आवोकेडो से हमें बीटा- कैरोटीन,  ओमेगा 3 फैटी एसिड और लूटीन नाम के तत्व मिलते हैं. आवोकेडो के अंदर पाए जाने वाले फैट (वसा) स्वास्थ्यवर्धक होते हैं और लंबे समय तक पेट भरे होने का एहसास दिलाते हैं.  इसके सेवन से शरीर में कई तरह के विटामिन, खनिज और पोषक पदार्थों को आहार से सोखने और इस्तेमाल करने में मदद मिलती है. आवोकेडो के सेवन से इम्यून सिस्टम मजबूत होता है.

अवोकेडो में लगभग 4-5 ग्राम प्रोटीन होता है. किसी भी फल में ये करीब-करीब सबसे अधिक प्रोटीन का उदहारण है.

दिल के स्वास्थ्य के लिए अति उत्तम

50 ग्राम आवोकेडो के अंदर लगभग 25 मिलीग्राम प्राकृतिक स्टीरोल पाया जाता है जिसे बीटा- सीटोस्टीरोल (beta-sitosterol) भी कहते हैं.  इसके लगातार सेवन से शरीर में कोलेस्ट्रॉल का लेवल ठीक रहता है. साथ ही एचडीएल नामक अच्छे कोलेस्ट्रॉल की वृद्धि होती है. कोलेस्ट्रोल की मात्रा नियंत्रित रहने से हृदय की समस्याएं होने की आशंका कम रहती है.

avocado has many health benefits

आंख की रोशनी के लिए अचूक

आवोकेडो के अंदर लूटीन और जी-ज़ेन्थीन नाम के केमिकल होते हैं जो आंख के अंदर एकत्रित हो जाते हैं.  वहां ये एंटी ऑक्सीडेंट का कार्य करके आंख को हर प्रकार की टूट-फूट से बचाते हैं. यह आपको अल्ट्रावॉयलेट लाइट के दुष्प्रभाव से भी बचाते हैं. इसके सेवन से उम्र से संबंधित आंखों की दृष्टि कम हो जाने की परेशानी को पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकता है.

हड्डी कमजोर होने से बचाने में महारत 

आधा आवोकेडो खाने से दिनभर की विटामिन के की जरूरत का लगभग एक चौथाई हिस्सा शरीर को मिल जाता है.  विटामिन के शरीर की हड्डियों और जोड़ों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है और ज्यादातर इसे अनदेखा किया जाता है.  अधिकतर डॉक्टर भी हड्डियों के लिए सिर्फ विटामिन डी और कैल्शियम पर ध्यान देते हैं. वैज्ञानिक शोध से यह पता लगा है कि विटामिन के से परिपूर्ण आहार से शरीर में कैल्शियम अच्छी तरह से किया जाता है तथा मूत्र के द्वारा कैल्शियम का विसर्जन भी कम होता है. इस वजह से अधिक कैल्शियम रक्त से लेकर हड्डियां मजबूत हो सकती हैं तथा छोटी-मोटी चोट से फ्रैक्चर होने के खतरे से बचा जा सकता है. बुजुर्गों के लिए आवोकेडो का सेवन अति आवश्यक है क्योंकि उम्र बढ़ने के साथ-साथ हड्डियां कमजोर होती हैं. इसी प्रकार मीनोपॉज (माहवारी बंद होने का समय) से गुजरने वाली औरतों के लिए भी आवोकेडो का सेवन उनकी हड्डियों और जोड़ों को कमजोरी और चोटों बचाने में बहुत अधिक कारगर है.

ब्राज़ील में लोग अवोकेडो को आइस-क्रीम में मिला कर खाते हैं. अवोकेडो पेड़ में जोड़े के रूप में फलता है.

कैंसर से रोकथाम और जंग

कैंसर के इलाज में आवोकेडो का रोल दिखा गया है. कुछ वैज्ञानिक अनुसंधान बताते हैं कि आवोकेडो से निकले हुए केमिकल कैंसर की कोशिकाओं को बनने और बढ़ने से रोक सकते हैं तथा किसी किसी केस में कैंसर की कोशिकाओं को मार भी सकते हैं.  यह इम्यून सिस्टम की लिंफोसाइट नामक कोशिका की संख्या बढ़ाकर ऐसा कर पाने में संभव होते हैं. ऐसा भी देखा गया है कि यह केमिकल कुछ कीमोथेरेपी की दवाएं जैसे साइक्लोफॉस्फेमाइड (Cyclophosphamide) से होने वाले क्रोमोसोम डैमेज (डी.एन.ए की टूट फूट) को रोकते हैं.

स्वस्थ गर्भावस्था 

स्वस्थ गर्भावस्था पाने के लिए आवोकेडो का सेवन बहुत जरूरी है.  इसके अंदर वह तत्व पाए जाते हैं जो बच्चे का विकास अच्छी तरह होने में मदद करते हैं.  साथ ही गर्भावस्था की वजह से होने वाले पोषक तत्वों की कमी को पूरा करते हैं. किसी किसी रिपोर्ट में यह पाया गया है कि पपीते के सेवन से गर्भावस्था में जी मिचलाना और उल्टी जैसी शिकायतों में भी आराम होता है.

आवोकेडो में फोलेट प्रचुर मात्रा में होता है. एक स्वस्थ गर्भावस्था और बच्चे के जन्म के लिए फोलेट बहुत जरूरी पोषक तत्व है. इसके सेवन से गर्भपात होने की आशंका क्षीण होती है. और बच्चों में होने वाले न्यूरल ट्यूब की समस्याएं भी नहीं होती.

मानसिक अवसाद से छुटकारा

आवोकेडो में पाए जाने वाले फोलेट की वजह से डिप्रेशन या मानसिक अवसाद का खतरा कम होता है. फोलेट होमोसिस्टाइन नाम के पदार्थ को बनने से रोकता है. होमोसिस्टाइन खून के दौरे को कम कर सकता है और दिमाग में जाने वाले पोषक तत्वों की मात्रा को भी घटा सकता है.  होमोसिस्टाइन की मात्रा अधिक होने पर कुछ हॉर्मोन बनना कम हो जाते हैं( सेरोटोनिन, डोपामिन, एपीनेफ्रिन). यह हार्मोन हमारी भूख, नींद और मानसिक स्थिति या मूड को संचालित करते हैं.

आवोकेडो से मिला फोलेट शारीर में होमोसिस्टाइन की मात्रा कम रखता है. इससे मन को खुश रखने वाले सभी हॉर्मोन प्रचुर मात्रा में पैदा होते हैं जिससे मानसिक अवसाद या डिप्रेशन का खतरा कम हो जाता है.

भोजन पचाने में मददगार

आवोकेडो के फल में फाइबर की मात्रा अच्छी खासी होती है.  लगभग आधे आवोकेडो में 6 से 7 ग्राम फाइबर पाया जाता है. जिस फल में फाइबर अधिक होता है उसे खाने से कब्ज की शिकायत नहीं होती. साथ ही पाचन तंत्र स्वस्थ रहता है और आंत के कैंसर का खतरा भी कम होता है. विज्ञान ने यह सिद्ध किया है कि आंत का संबंध दिमाग से होता है यदि खाना ठीक तरह से ना पचे तो इसका असर दिमाग पर पड़ता है. खाने में फाइबर की अच्छी मात्रा होने से पेट का स्वास्थ्य ठीक रहता है. इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम होने की आशंका कम हो जाती है. साथ ही अल्सरेटिव कोलाइटिस नाम की बीमारी भी कम देखने को मिलती है.

eating avcado can reduce risk of cancer, heart disease, diabetes and depression

शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालना

आवोकेडो का सेवन करने से पेट और आंतों में फाइबर पहुंचते हैं जिससे भोजन अच्छी तरह से पचता है. इससे वातावरण तथा भोजन के द्वारा शरीर में आए हुए विषैले तत्व बाइल (BILE) और मल के द्वारा बाहर निकलते हैं.

आधुनिक विज्ञान के शोध कार्यों से पता लगा है कि फाइबर का इम्यून सिस्टम मजबूत करने में और शरीर की कोशिकाओं में सूजन कम करने में बहुत महत्वपूर्ण योगदान है.  शरीर की कोशिका में सूजन से कई तरह के गंभीर रोग होते हैं जैसे अर्थराइटिस, डायबिटीज, उच्च रक्तचाप, मोटापा, पैरालिसिस, हृदयाघात, कैंसर आदि

इनफेक्शन को रोकना

आवोकेडो के अंदर जीवाणुओं से लड़ने वाले तत्व होते हैं. इसका नियमित सेवन करने से शरीर को बार-बार इन्फेक्शन नहीं होते.  इस प्रकार कई प्रकार की बीमारियों से बचा जा सकता है. खास तौर पर यह देखा गया है कि आवोकेडो ई. कोलाई नाम के बैक्टीरिया से लड़ता है और डायरिया होने के चांस कम करता है.

यदि आपको यह पता करना है कि आवोकेडो ठीक से पका है कि नहीं तो इसे हल्का सा दबाकर देखना चाहिए. यदि यह बिलकुल सख्त महसूस हो तो इसे खाने के पहले कुछ दिन और पकने देना चाहिए.  आवोकेडो को जल्द पकाने के लिए इसे कागज के थैले में केले के साथ रखना चाहिए.

कुछ अन्य महत्वपूर्ण तथ्य भी जान लीजिये:

आवोकेडो को अलग-अलग तरह से आहार के रूप में लिया जा सकता है. आवोकेडो का तेल खाना पकाने के काम आ सकता है,  बालों में लगाने के काम आ सकता है. साथ ही इसे त्वचा में लगाए तो मोइस्चराइज़र का काम करता है.

यह जानना जरूरी है कि यदि आप खून को पतला करने की दवा जैसे वारफ़रीन (WARFARIN) ले रहे हैं तो अचानक से बहुत ज्यादा आवोकेडो का सेवन ना करें क्योंकि आवोकेडो में विटामिन के होता है जिसका खून को जमाने में महत्वपूर्ण रोल होता है.

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