Home स्वास्थ्य रोजाना सैर करने के 48 अद्भुत फायदे जानिए, विज्ञान द्वारा प्रमाणित.

रोजाना सैर करने के 48 अद्भुत फायदे जानिए, विज्ञान द्वारा प्रमाणित.

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Walking is the best form of exercise

दैनिक रूप से चलने के बहुत सारे स्वास्थ्य लाभ होते हैं । इससे न तो सिर्फ आप अच्छा महसूस करते हैं बल्कि आपको अच्छा दिखने में भी मदद मिलती है। कठोर व कठिन व्यायाम करने से तो अच्छा है कि आप रोज सुबह सुबह सैर पर जायें क्योंकि इससे अच्छा व्यायाम होना मुश्किल है। हर दिन एक साधारण सैर आपके स्वास्थ्य को कई प्रकार की बीमारियों से बचाता है।

तो आज हम इस लेख के माध्यम से आपको रोजाना सैर से होने वाले ऐसे अद्भुत स्वास्थ्य लाभों के बारे में बताएंगें जिन्हें विज्ञान भी सही ठहराता है।

1. दैनिक सैर से आपका हृदय स्वस्थ रहता है।

रोजाना टहलने से हृदय रोगों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

229 रजोनिवृति (मीनोपॉज प्राप्त) महिलाओं के दो समूह लिए गए – जिनमें से एक समूह की महिलाएं हर दिन एक मील चलती थी तथा दूसरे समूह की महिलाएं केवल रोजमर्रा के कार्य ही करती थी। इन दो समूहों के अध्ययन में दस साल बाद पाया गया कि जिस समूह की महिलाएं हर दिन एक मील चलती थी उनमें हृदय रोगों की 82 प्रतिशत कम संभावनाएं पायी गई।

कुछ लोग हर दिन सैर के दौरान अपने कदम गिननें के लिए ‘पेडोमीटर‘ नामक उपकरण का इस्तेमाल करते हैं. यह उपकरण आसानी से आनलाइन या आफलाइन खरीदा जा सकता है। अब तो कई एप्प भी हैं जो आपके द्वारा चले हुए कदमों की गणना कर सकते हैं.

आपको रोज 10 हजार कदम चलना चाहिये क्योंकि ये आपके हृदय पर सकारात्मक प्रभाव डालता है और आपको कई प्रकार के रोगों से भी बचाता है।

जब भी संभव हो लिफ्ट के बजाय सीढियों का इस्तेमाल करें क्यों कि यह आपके हृदय को खुश रखता है।

2. गठिये का दर्द कम होता है।

अगर आप 30 से 60 मिनट तक रोजाना टहलते हैं तो यह प्राकृतिक रूप से गठिये के दर्द को कम करने में सहायक होता है। रोजाना टहलने से आपके जोड़ों की सूजन व कठोरता से भी राहत मिलती है।

जब आप शुरू करते हैं तो धीमी गति से जाएं और धीरे-धीरे तेजी से व लम्बे समय तक चलने का प्रयास करें। आप निश्चित रूप से अच्छा महसूस करेंगे।

3. मानसिक मनोवृति में सुधार होता है।

किसी व्यक्ति के मानसिक रवैये को सुधारने में भी रोजाना टहलना काफी मददगार साबित हुआ है।

ताजी हवा में सांस लेने और पर्यावरण से जुडने से आपके दिमाग में चल रही उलझने भी कुछ समय के लिए दूर हो जाती हैं और इसी वजह से आप काफी आरामदायक महसूस करते हैं।

4. शरीर का अतिरिक्त वजन कम होता है।

दैनिक चलने के सबसे स्पष्ट लाभों में से एक यह है कि आप धीरे-धीरे अतिरिक्त वजन को कम करने में सक्षम होंगे।

यदि आप रोजाना अच्छी तरह से 30 से 45 मिनट तक चलते हैं तो आपको कुछ समय बाद यह पता लगेगा कि आपके कपड़े पहले से ढीले हो गये हैं। यदि आप ये लम्बे समय तक जारी रखते हैं तो आपको नये कपड़े खरीदने का मौका मिल सकता है।

5. टाइप-2 डायबिटीज (मधुमेह) को प्रबंधित करें।

यह दावा किया गया है कि टाइप-2 डायबिटीज (मधुमेह) को नियंत्रित करने के लिए एक स्वस्थ आहार के साथ साथ व्यायाम भी काफी जरूरी है।

चलना या टहलना व्यायाम के सर्वोतम रूपों में से एक है जो आप कर सकते हैं, ये आसान है, मुफ्त है और इसका कोई दुष्प्रभाव भी नहीं होता है।

जब भी मौसम अच्छा हो तब घूमने जरूर जायें। अगर ऐसा ना हो तो अपने घर में ही थोड़ा बहुत घूम लिजिये।

6. अपने संतुलन और समन्वय में सुधार करें।

सक्रिय रहने से अच्छे संतुलन और समन्वय में मदद मिलती है और अगर आप चाहते हैं कि ये  अच्छी तरह काम करें तो आपको अपनी मांसपेशियों का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करना होगा। टहलना आपकी मांसपेशियों को काम करते रहने के लिए सबसे शानदार तरीका है, विशेष रूप से आपके पैरों और बाहों की मांसपेशियों के लिए।

7. अपनी हड्डियों को मजबूत करें।

ओस्टियोब्लास्ट आपकी हड्डियों की वे कोशिकायें हैं जो नई हड्डियों का निर्माण करती है। ये अतिरिक्त तनाव के लिए अच्छी तरह प्रतिक्रिया करते हैं। इसका मतलब ये है कि यदि आप सैर पर नहीं जाते लेकिन आप कल से शुरू करते हैं तो आपकी हड्डियां मजबूत होगी क्यों कि आप इन पर तनाव डाल रहे होंगे। और आपको तो पता ही है कि ओस्टियोब्लास्ट अतिरिक्त तनाव दिए जाने पर अच्छी प्रतिक्रिया देती है जिससे हड्डियों का निर्माण होता है.

और सैर ऐसा करने का सबसे अच्छा तरीका है। अगर आप पहले से ही सैर पर जाते हैं तो आपको बस इसके समय को थोड़ा बढाना पडेगा।

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8. अपने कूल्हों का आकार कम करें।

जाहिर सी बात है, किसी भी व्यायाम को करने से, जो आपके पीछे की मांसपेशियों पर जोर डालता है, उन्हें थोड़ा सा कसने से आपकी आकृति को बेहतर बनने में मदद मिलेगी।

9. उच्च रक्त चाप का प्रबंधन हो जायेगा।

यह माना गया है कि दैनिक रूप से चलना उच्च रक्तचाप को स्वाभाविक ढंग से कम कर सकता है। कुछ लोग कहते हैं कि उनको रोजाना 30 से 40 मिनट टहलने का समय नहीं मिल पाता है।

तो ऐसे लोगों के लिए अच्छी खबर है। एक अध्ययन में यह पाया गया है कि एक 10 मिनट की तेज चाल भी काफी फायदेमंद हो सकती है एक लम्बी चाल से ।

सुबह सुबह 10 मिनट तक घूमिये। लंच के समय 10 मिनट टहलें और इसके बाद काम करने के बाद 10 मिनट तक टहलिये।

10. शरीर की चर्बी कम करें।

नियमत रूप से टहलने से आपके शरीर में जमा वसा की मात्रा काफी हद तक कम हो सकती है।

ज्यादातर लोग अपनी शरीर में जमा चर्बी को कम करने के बारे में न सोचकर अपने वजन को कम करने की कोशिश करते हैं।

शरीर की चर्बी भी एक सोचने लायक चीज है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि वजन कम करने से ज्यादा, शरीर की चर्बी कम करना ज्यादा जरूरी है क्यों कि इससे आपके शरीर में कमजोरी नहीं आयेगी और आपके शरीर को एक अच्छी आकृति मिलेगी। रोजाना घूमने से अपके शरीर की चर्बी कम होगी और इससे आपकी मांसपेशियां मजबूत होंगी।

11. अपना जीवन काल बढाएँ।

अध्ययनों से पता चला है कि रोजाना टहलने से आपका जीवन लम्बा होता है और साथ ही आपको अच्छा महसूस होता है। रोजाना चलने के बहुत सारे लाभ होते हैं. ये आपके जीवन का विस्तार भी कर सकता है और सेहत में सुधार कर सकता है। आप अधिक लम्बे समय तक स्वतंत्र रूप से घूम सकते हैं।

12. सैर करने से तनाव कम होता है।

मानसिक तनाव आज बहुत सारे व्यस्त लोगों की जिन्दगी में परेशानी बन गया है।

व्यस्त लोगों की जिन्दगी में ऐसी बहुत सी चीजें होती हैं जिनसे उन्हें रोजाना निपटना होता है और पूरे दिन बस यहीं सब चलता रहता है।

अनुसंधान से पता चला है कि रोजाना एक 20 से 30 मिनट की चाल, काफी हद तक मानसिक तनाव को कम करती है। यह एक औषधि की तरह काम करती है।

13. आपके मस्तिष्क के लिए अच्छा है।

व्यायाम मस्तिष्क को स्मृति और स्पष्ट रूप से सोचने की क्षमता बढाने में मदद करता है। ब्रिटिश कोलंबिया विश्वविद्यालय में किये गये एक अध्ययन में पाया गया कि नियमित एरोबिक (जिसमें आक्सीजन ज्यादा मिलती है) व्यायाम आपके हिप्पोकैम्पस के आकार को बढ़ा देता है।

हिप्पोकैम्पस, आपके दिमाग का वह हिस्सा होता है जो सीखने तथा स्मृति की प्रक्रिया में शामिल होता है। 45 मिनट तक तेजी से चलना एक व्यायाम की तरह काम करता है जिससे आपके शरीर को काफी आक्सीजन मिलती है।

इससे आपको जिम में व्यायाम करने से होने वाले फायदों के बराबर ही फायदे होते हैं। बस बात ये है सैर करने से पैसे बचते हैं।

जो लोग व्यायाम करते हैं उनमें सोच और स्मृति करने वाले दिमाग के भागों का आकार बड़ा और विकसित होता है।

यदि आप बिल्कुल भी व्यायाम नहीं करते हैं लेकिन अगर आप कल से थोड़ा बहुत व्यायाम करना शुरू करते हैं तो आपके दिमाग का अच्छे से विकास होगा क्यों कि अभी इतनी देरी नहीं हुई है।

14. यह व्यायाम का एक दूसरा तथा अत्यंत प्रभावशाली रूप है।

यदि आप थोड़ी देर के लिए सक्रिय नहीं है तो टहलना एक अच्छा तरीका हो सकता है आपको सक्रिय करने का। इसका प्रभाव बाकी व्यायामों से कम होता है। सैर के दौरान आप अपने शरीर को किसी भी तरह से मरोड़ते नहीं है और न ही किसी प्रकार का वजन डालते हैं। शुरूवात में थोडा धीरे चलना शुरू किजिये और धीरे-धीरे तेजी से चलना प्रारम्भ किजिये। यह एरोबिक्स व्यायाम जितना अच्छा होता है।

15. यह बूढ़े लोगों को गिरने से बचाता है।

दैनिक सैर से किसी व्यक्ति की आसानी से चलने की क्षमता मजबूत होती है। बूढ़े लोगों को यह गिरने से बचाता है और स्वास्थ्य समस्याओं को कम करता है। जैसे जैसे व्यक्ति की उम्र बढ़ती है वैसे वैसे उनके आसानी से चलने की क्षमता कम होती जाती है, तो ऐसे में रोजाना सैर करना बेहद आवश्यक है।

बहुत से वृद्ध व्यक्ति बहुत गतिहीन हो जाते हैं और इससे शरीर में विकार हो सकते है। इसलिए जब भी वे चलते हैं तो उनके गिरने का डर बना रहता है और गिरने के कारण उनकी हडियां भी टूट सकती है।

16. यह आपको सोचने का समय देता है।

चलने की वजह से आपको खुले वातावरण में सोचने का समय मिलता है। इस दौरान आप अपने फोन, कम्प्युटर, टेलीविज़न या अन्य रूकावट से भी छुटकारा पा सकते हैं। आप अपने दिन की गतिविधियों के बारे में सोच सकते हैं, जिन मुददों पर परेशानी आ रही है उनके सामाधान निकाल सकते हैं, और भी बहुत कुछ कर सकते हैं।

ज्यादातर लोग सभी बेकार की चीजों से दूर होकर सोचने के लिए सैर पर जाते हैं ताकि उनका दिमाग तरोताजा हो सके और हर समस्या का समाधान मिल सके।

17. यह आपकों ध्यान करने का समय देता है।

अगर आपको ध्यान करना पसंद है तो सुबह या शाम की सैर आपके लिए एक अच्छा समय है ऐसा करने का। चलते समय आप हैडफ़ोन लगाकर अच्छा संगीत सुन सकते हैं। ऐसा करने से आप एक ही समय में दो काम कर सकते हैं।

18. रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) को बढ़ाता है।

रोजाना घूमने से आपके शरीर की प्रतिरक्षा शक्ति बढ जाती है। हाल ही के अध्ययनों से पता चला है कि रोजाना सैर पर जाने से आपके शरीर में एक साल में होने वाले बुखारों की संख्या काफी हद तक कम हो जाती है। डॉक्टरों का मानना है कि नियमित व्यायाम करनें से आपके शरीर की प्रतिरक्षा शक्ति बढ जाती है. इससे आपके शरीर की कोशिकाएं भी मजबूत बनती है जिससे किसी भी प्रकार का जीवाणु आपके शरीर में घुस नही पाता। इसलिए आपको नियमित रूप से सुबह सुबह घूमना चाहिये।

19. रचनात्मकता में वृद्धि।

अगर आप रोज सैर पर जाते हैं तो आपकी रचनात्मक शक्ति बढेगी। यह न केवल आपके शरीर को गति प्रदान करता है बल्कि आपके दिमाग को भी जगाता है। पुरानी कहावत है कि आपको एक बड़ा निर्णय लेने से पहले सोना चाहिये, लेकिन यह अच्छी सलाह नही हो सकती है।

सैर करने से आपको इससे काफी अच्छे परिणाम मिलेंगे। घूमने से आपके दिमाग में कई प्रकार के रचनात्मक विचार आते हैं जो आपकी बहुत सी जगह मदद कर सकते हैं।

दार्शनिकों और अन्य लेखकों ने पाया है कि चलने, सोचने और लिखने के बीच एक सहज संबंध है। क्योंकि चलने से हमारा दिमाग एक दम तरोताजा हो जाता है और हम स्वतंत्रता से सोच सकते हैं। यह एक मानसिक स्थिति है जो नवीन विचारों और अंतर्दृष्टि से जुडी है।

20. यह जीवन पर आपके दृष्टीकोण को सुधारता है।

जब आप रोजाना 30 से 40 मिनट के लिए सक्रिय रहते हैं तो आपका शरीर विभिन्न प्रकार के रसायनिक पदार्थ, जैसे कि एंडोर्फिन को स्त्रावित करता है और आपका मूड अच्छा बन जाता है। ये आपके दिमाग को संदेश भेजते हैं जिससे कि आप अच्छा महसूस करते हैं।

और अगर आप अच्छा महसूस करेंगे तो जाहिर सी बात है आपका अपनी जिन्दगी के प्रति दृष्टीकोण सुधरेगा।

रोजाना सैर से आपके शरीर से कोर्टिसोल नामक हॉर्मोन की मात्रा कम हो जाती है। यह एक प्रकार का र्होरमोन है जो आपके मूड व तनाव से जुड़ा होता है। उचित व्यायाम से आपके महसूस करने के तरीके में सुधार होगा। इससे आप अपने जीवन में सकारात्मक भाव से सोचेंगे।

21. आपके पैर अच्छे दिखेंगे और मजबूत बनेंगे।

दैनिक आधार पर चलने से आपके पैरो को शानदार और मजबूत बनने में मदद मिलेगी। नियमित रूप से चलने से आपको अपने गद्दीदार पैरो से छुटकारा मिलेगा और इसके साथ ही आपकी त्वचा को भी कसने में मदद मिलेगी। जिससे आपके पैर अच्छा महसूस करेंगे।

जैसे-जैसे हम बड़े होते हैं हमारी मांसपेशियां ढिली होना शुरू हो जाती है। चलने से आपके पैरो की मांसपेशियों को मजबूत करने में मदद करेगी। चलने के दौरान, अपनी बाहों को आगे और पीछे की ओर घूमाने से आपके पैरों की बाहें मजबुत होगी।

22. आप अधिक नियमित रूप से बाथरूम की आदत डालेंगे।

अगर आप रोजाना घूमना शुरू करते हैं तो कुछ दिनों बाद आप पायेंगे कि आपने अपनी जिन्दगी में बहुत सी अच्छी आदतों को अपना लिया है। इन्ही में से एक है बाथरूम जाने की आदत।

नियमित रूप से चलने से पाचन शक्ति भी सुद्रढ़ होती है । यह पाचन शक्ति तेज करके शरीर से अपशिष्ट पदार्थो को नियमित रूप से निकालने में मदद करता है। जिन लोगो की सुस्त जीवनशैली होती है, उनमें आमतौर पर पाचन तंत्र धीमा होता है। जब आपकी आंत धीमी हो जाती है तो अपशिष्ट पदार्थो का निकलना कठिन हो जाता है जिससे कब्ज की शिकायत हो सकती है।

चलना शुरू कीजिये और कब्ज की दवाइयों से मुक्ति पा लिजिये। आपकी मांसपेशियों में बहने वाला रक्त सभी प्रकार के अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकाल देगा।

23. उपर की ओर चलने से आपके कूल्हे दृढ बनेंगे।

बहुत से लोग अपने कूल्हों और जांघों के आकार के कारण काफी चितिंत रहते हैं। वे उन्हें कठोर तथा मजबूत बनाना चाहते हैं। नरम और ढीलें कूल्हों और जांघों का होना अधिकांश लोगों को आकर्षक नहीं लगता है। एक बार जब आप नियमित रूप से चलने से दिनचर्या शुरू कर लेते हैं तो इसके बाद थोड़ा उपर की ओर चलना शुरू करें। यह आपके कूल्हों की मांसपेशियों व पैरो को टाइट करेगा और आपको ढीली जाघों से छूटकारा मिल जायेगा।

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24. अपनी याददाशत में सुधार करें।

रोजाना चलना एक इस तरह का व्यायाम है जो आपके दिमाग का आकार बढ़ा देता है। ये आपके हिप्पोकैम्पस को बढ़ा देता है जो आपकी याददाशत से जुडा होता है।

आपको किसी प्रकार के मुश्किल व्यायाम करने की आवश्यकता नहीं है। रोजाना 30 से 40 मिनट तक तेज चलना ही काफी है।

जैसे जैसे हमारी उम्र बढती है वैसे वैसे हमारी याददाशत कम होती जाती है। और आज की दुनिया में तो हमें बहुत कुछ याद रखना होता है चाहे हम किसी भी उम्र के हों।

अपने दिमाग के आगे आ रहे कोहरे से छूटकारा पाने और अपने याद करने की क्षमता बढ़ाने के लिए रोजाना सुबह या शाम को सैर पर जरूर जायें।

एक तेज दौड़ आपके दिमाग को गहरी नींद से जगा सकती है। और आप घटनाओं को अधिक तेजी से याद करने और चीजों को बहुत आसान तरीकों से याद रखने में सक्षम होंगे।

25. व्यायाम फेफड़ों की कार्यशीलता को बढ़ाता है।

तेज दौडने से आपको जो व्यायाम मिलता है वह आपके फेफड़ो पर काम का बोझ बढाता है। मांसपेशियों से निकलने वाले उत्पाद (हाइड्रोजन, कार्बन डाइआक्साइड व लेक्टिक ऐसिड), आपके ब्रेनस्टेम में श्वसन तंत्रिकाओं को उत्तेजित करते हैं। यह फिर से सांस की मांसपेशियों को उत्तेजित करता है। थोड़ा उंचा रक्तचाप, फेफड़ों में रक्त प्रवाह खोलकर, अधिक वायु प्रवाह चालू करता है।

इस पूरी प्रक्रिया से रक्त में अधिक आक्सीजन पैदा होती है। और जब आपके फेफड़ों को अधिक आक्सीजन मिलती है तो आपके शरीर को भी अधिक आक्सीजन मिलती है। यदि आप बाहर के प्रदुषण के बारे में चिंतित हैं जो आपके फेफड़ो के लिए काफी हानिकारक हो सकता है तो आप घर में ट्रेडमिल पर चल सकते हैं और घर की वायु को शुद्ध करने के लिए एक वायु शोधक इस्तेमाल कर सकते हैं।

26. मानसिक निपुणता बढाता है।

चलना आपको अपने संतुलन और शारीरिक निपुणता में सुधार करने में मदद करता है। आप अपने शरीर पर नियंत्रण को बढावा देंगे। उम्र बढने के साथ शारीरिक निपुणता बनाये रखना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। इसे खो देने से कहीं भी गिरने का डर हमेशा बना रहता है। जब भी आप तेज गति से चल रहे होते हैं तो अपने दोनों हाथों में 5-5 पाउंड का वजन रखें। यह शारीरिक निपुणता बनाये रखने में मदद करेगा। यह आपकी अंगुलियों, कलाइयों और हाथों को अधिक लचीला बना देगा। जल्दी और प्रभावी ढंग से आगे बढने की क्षमता खोना ही एक कारण है कि बूढे लोग खुद की देखभाल करने में असक्षम हो जाते हैं।

अपनी मांसपेशियों का व्यायाम करके और रोजाना वजन उठाकर चलने से आपको निपुणता बढाने में मदद मिलेगी।

27. आप जवान दिखते हैं।

दैनिक चलने से त्वचा को मजबूत करने में ज्यादा मदद मिलती है और यह आपको जवान दिखाने में मदद कर सकता है। अगर आपकी त्वचा क्रीम जैसी मुलायम हो गई है तो अच्छा रहेगा कि आप आज से ही चलना शुरू करें।

रोजाना टहलने से आपकी त्वचा में रक्त का प्रवाह तेज होगा, जिससे आपके चेहरे को अधिक रंग और जीवंतता मिलेगी और आपके शरीर को आराम मिलेगा। तो सोचिये मत सुबह की ठण्डी ठण्डी हवा में घूमना कल से ही शुरू करें क्योंकि अब तो धूप आ गई है।

28. थुलथुले पैरों से छुटकारा पायें।

क्या आपने कभी ऐसे लोगो के गददीदार पैर देखे हैं जो बिल्कुल व्यायाम नहीं करते है?

उनके पैर उनके हर कदम पर झूकते दिखते हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि उनकी मांसपेशियां मजबूत नहीं होती है। उनके पैरों में ज्यादातर चर्बी ही जमा होती है। चर्बी की कोई संरचना नहीं होती है ये बस बिना संरचना के ही घूमती है।

रोजाना सैर आपके पैरों में जमा अतिरिक्त चर्बी को घटाता है। और आपके पैर एक दम कठोर और मजबूत बना देता है। गददीदार पैर होने से तो अच्छा है कि आप थोड़ा सा समय निकाल कर रोजाना सैर पर जाइये, नहीं तो बुढापे में बड़ी दिक्कत हो सकती है।

29. उदासी दूर भगाएं.

क्या आपने अपने आप को बरसात के समय में उदास पाया है?

ऐसा इसलिए होता है क्योंकि आपके शरीर को विटामिन डी की आवश्यकता होती है जो केवल सुर्य से ही मिल पाता है। जब आप बाहर नहीं जा पते तो विटामिन डी की कमी से उदासी होने लगती है. रोजाना टहलने से आपको विटामिन डी का प्राकृतिक रूप अधिक प्राप्त होगा क्यों कि टहलते समय आप सूर्य के सीधे सम्पर्क में रहते हैं।

रोजाना टहलने से आपके शरीर में विटामिन डी की मात्रा बढ जाती है जिससे आपकी उर्जा काफी बढ जाती है और आप शानदार महसूस करते हैं।

दिन में 30 मिनट की तेज चाल काफी अच्छी साबित हो सकती है क्योंकि सूर्य से प्राप्त विटामिन डी आपके मूड को अच्छा करने में मदद कर सकता है। इसलिए सूर्य के प्रकाश में ज्यादा देर बैठने की जरूरत नहीं है बस कुछ मिनट ही काफी है।

30. रक्त के लिपिड (कोलेस्ट्रॉल) स्तर में सुधार करता है।

कम घनत्व वाले लिपोप्रोटीन को हृदय रोग व शरीर में अन्य पूरानी बीमारियों के जोखिम को बढ़ाने के लिए माना जाता है।

व्यायाम एंजाइमों को उतेजित करता है जो एलडीएल (बुरा कोलेस्ट्रॉल) को रक्त से और यकृत से बाहर निकालने में मदद करते हैं। व्यायाम शरीर के माध्यम से कोलेस्ट्राल बढाने वाले प्रोटीन कणों के आकार को बढ़ाता है। ये छोटे छोटे कण शरीर के अन्य अंगों  को कमजोर कर सकते हैं। तो, व्यायाम प्रोटीन कणों का आकार बढ़ाकर इसे कम करने मे मदद करता है। आवश्यक व्यायाम केवल धीरे-धीरे चलना ही नहीं है बल्कि तेजी से चलना है जिसे हम एरोबिक व्यायाम भी कहते हैं। इसका मतलब है चाहे कुछ भी हो 30 से 40 मिनट तो दौडना चाहिए.

31. केंसर के खतरे को कम करता है।

अनुसंधानों से पता चला है कि शारीरिक व्यायाम केंसर के खतरे को काफी हद तक कम कर सकते हैं। रिपोर्टस बताती हैं कि स्वस्थ लोगों मे केंसर की 24 प्रतिशत तक कम संभावना होती है।

स्वस्थ महिलाओं में स्तन केंसर का खतरा कम होता है। कुछ रिपोर्टस ऐसा भी कहती है कि थोडा बहुत व्यायाम करने से भी केंसर का खतरा कम होता है। व्यायाम करने से खाने की नली का केंसर, यकृत कैंसर होने की संभावनाएं भी घट जाती है। व्यायाम उन हार्मोनों का स्तर कम कर देता है जो केंसर का खतरा बढाते हैं। व्यायाम आपकी पाचन शक्ति को बढाता है जिससे पेट व बड़ी आंत के केंसर का खतरा भी कम होता है। ऐसा कहा जाता है कि जहां आक्सीजन होती है वहां कैंसर जन्म नहीं ले सकता है। और चलने से आपको भरपूर आक्सीजन मिलेगी।

32. दैनिक चलने से अस्थमा व श्वसन रोगो से छूटकारा मिलता है।

जिन लोगों में अस्थमा या श्वसन से जुडे रोग होते हैं वो लोग सोचते है कि व्यायाम उनके लिए बहुत बुरा है इसमें सांस लेने में दिक्कत आएगी। लेकिन जरूरी नहीं है कि ऐसा ही हो।

जिन लोगों के अस्थमा है उन लोगों के लिए भी व्यायाम एक अच्छी चीज है लेकिन ज्यादा व्यायाम नहीं करना चाहिये क्यों कि जाहिर सी बात है कोई भी आदमी अपने आप को खत्म नहीं करना चाहता। परन्तु फिर भी सुबह की सैर अस्थमा रोगीयों के लिए एक बेहतर विकल्प है। इसे धीरे धीरे शुरू किया जा सकता है और जैसे ही आप सहज महसूस करें आप इसे थोड़ा तेज कर सकते हैं। यह आपके वायुमार्गो को खोलेगा जिससे आपको सांस लेने में आसानी होगी।

चलने की आदत आपके फेफड़ों को मजबूत करेगी और अपके सांस लेने में सुधार करने और अस्थमा के लक्षणों को कम करने में मदद करेगी । अस्थमा रोगीयों के फेफड़ें ठण्डी हवा या गर्म हवा और वातावरण की अन्य चीजों के प्रति अधिक सवेंदनशील होते है। अस्थमा रोगीयों के लिए व्यायाम के दौरान मुहं के बजाय नाक से सांस लेना ज्यादा अच्छा माना जाता है। हवा को फेफड़ों तक पहुंचने से पहले फिल्टर किया जाता है जिससे सांस लेने में आसानी होती है। दैनिक सैर, मुंह से सांस लेने से बचने के लिए सबसे अच्छा व्यायाम है। ऐसी गति से चले जिससे आप नाक से सांस लेने में सक्षम रहें। जब आप मुहं से सांस लेना शुरू करते हैं तब आप थोड़ी देर के लिए आराम किजिये।

33. निंद्रा संबंधी विकार दूर करें।

जो लोग रोजाना व्यायाम करते हैं उनमें नींद न आने की समस्या कम होती है। मध्यम व्यायाम जैसे रोजाना टहलना, नींद के विभिन्न चरणों के बीच शांत संक्रमण की अनुमति देकर नींद की गुणवता में सुधार करता है। सुबह और दोपहर के व्यायाम नींद के लिए बेहतर होते हैं। सोने के पूर्व हल्का व्यायाम सबसे अच्छा रहता है। यह आपको नींद की सबसे गहरी अवस्था में लाने और लंबे समय तक सोये रहने में मदद करता है।

34. सेक्स लाइफ को सुधारता है।

दैनिक सैर साधारणतया आपकी जीवनशैली सुधारती है। यह मांसपेशियों की ताकत, मन-शरीर समन्वय और अन्य शारीरिक गतिविधियों में सुधार करता है। यह पुरूषों और महिलाओं दोनों में सेक्स ड्राइव में भी सुधार कर सकता है।

व्यायाम करने से पुरूषों की सेक्स ड्राइव में बहुत ज्यादा वृद्धि देखने को मिली है। यह महिलाओं के शारीरिक और यौन उतेजना को भी बढाता है। यह शरीर में जागरूकता बढाता है जिससे यौन उतेजना भी बढ़ जाती है। व्यायाम के साथ आने वाले आत्म सम्मान से भी पुरूषों व महिलाओं की सेक्स ड्राइव पर काफी प्रभाव पड़ता है।

35. आपकी पैरों की मांसपेशियों के लिए सबसे अच्छा व्यायाम है।

ज्यादातर लोग अपने पैरों  के व्यायाम के बारे में नहीं सोचते हैं. लेकिन पैरों की मांसपेशियो, हडियों व स्नायुबंधनों के लिए नियमित व्यायाम करना बेहद आवश्यक हैं। आपके पैर में ही लगभग 50 मांसपेशियां होती है।

पैरों की मांसपेशियों को स्वस्थ व अच्छे से काम करते रहने के लिए नियमित व्यायाम की आवश्यकता होती है। जब उन्हें नियमित व्यायाम नहीं मिलता तो वे कमजोर हो जाती है। दैनिक चलने से आपके पैरों में मौजूद 26 हड्डियों का व्यायाम होगा बिना कोई नुकसान पहुंचे। बेशक एक लम्बी सैर करने के लिए अच्छे जूतों का उपयोग करें। यह आपको और अधिक सुचारू रूप से कार्य करने में मदद करेगा। अगर आप चाहते हैं कि चलने के बाद आपके पैरों में दर्द न हो तो आप थोडी सी मालिश कर सकते हैं।

36. दैनिक चलने से ऊर्जा बढती है।

जार्जीया के विश्वविद्यालय में किये गये एक शोध में पाया है कि जब गतिहीन लोगों ने सप्ताह में कई बार 20 से 30 मिनट कम प्रभाव वाले व्यायाम शुरू किये तो उन्हें अधिक उर्जा महसूस हुई व कम थकान हुई।

चलने से मांसपेशियों और मस्तिष्क में रक्त का प्रवाह बढता है जिससे उर्जा बढती है और आप अच्छा महसूस करते हैं।

व्यायाम करने से ‘एडिनोसिन ट्राइफोस्फेट‘ (ATP) बढ जाता है एक रसायनिक पदार्थ, जो उर्जा के स्तर को बढाता है। अगर आप बहुत जल्दी थक रहे हैं तो इसका मतलब आप बिल्कुल भी व्यायाम नहीं करते हैं। एक तेज चाल आपके दिमाग व शरीर को सक्रिय करती है। इससे आप कम थका हुआ महसूस करते हैं।

37. आपका मेटाबालिज्म (उपापचय) का कार्य तेज करता है।

दैनिक सैर आपके शरीर के मेटाबालिज्म को तेजी से काम करने के लिए प्रेरित करता है। यह आपके शरीर को लम्बे समय तक कैलोरी जलाने में मदद करता है।

क्या आप जानते हैं कि जब आप नियमित रूप से व्यायाम करते हैं तो आप सोते समय भी काफी कैलोरी जला देते है?

इसके लिए आपको अत्यधिक व्यायाम नहीं करना है। हर दिन एक तेज गति की चाल लेने से आपके शरीर की मेटाबालिज्म में वृद्धि होगी और सोते समय भी आपके शरीर का मेटाबालिज्म तेजी से काम करेगा।

प्रत्येक दिन एक 30 से 40 मिनट की तेज चाल आपके भोजन को तेजी से पचाने, वजन कम करने  और तेजी से चलने में मदद करेगी। यदि आपकी पाचन शक्ति तेज होगी तो आपके शरीर में पेट से सम्बंधित सभी बिमारीयां दूर ही रहेगी।

38. एचडीएल कोलेस्ट्राल (जिसे अच्छा कोलेस्ट्रॉल भी कहते हैं) को बढाने में मदद करता है।

हमने बताया कि कैसे आपकी एक सैर से आपके शरीर से बुरा कालेस्ट्राल बाहर निकल जाता है और इससे जुडी अन्य बीमारियां भी दूर हो जाती हैं। हालांकि चलने से एचडीएल कालेस्ट्राल भी बढता है।

आपने कभी न कभी तो बुरे व अच्छे कालेस्ट्राल के बारे में अवश्य सुना होगा। एचडीएल एक अच्छा कालेस्ट्राल है जो कम घनत्व वाले कालेस्ट्राल को यकृत में स्थानांतरित कर देता है जहां यह टूट जाता है और शरीर से बाहर निकल जाता है।

एचडीएल आपके शरीर में रक्त कालेस्ट्राल स्तर को स्थिर करने के लिए महत्वपूर्ण है। चलने से आपके शरीर में एचडीएल का स्तर बढ जाता है।

daily walking reduces diseases

39. अम्ल प्रतिवाह (Acid Reflux) में कमी कर सकता है।

अगर आप अम्ल प्रतिवाह से ग्रस्त हैं (खट्टे डकार आना, सीने में जलन होना, अपचन होना), तो आप जानते होंगे कि इससे राहत मिलना कितना महत्वपूर्ण है। खैर चलने से अम्ल प्रतिवाह के लक्षणों को कम करने और हमलों की घटनाओं को कम करने में मदद मिलती है। कुछ व्यायाम आपके शरीर में अम्ल प्रतिवाह को बढावा दे सकते हैं खासकर वे व्यायाम जिनमें आपको अपनी पीठ पर सोकर अपनी छाती पर अत्यधिक दबाव डालने की आवश्यकता होती है।

डाक्टरों द्वारा 1875 लोगों के एक अध्ययन में पता चला है कि जो लोग रात को खान के बाद कुछ देर टहलते हैं उनमें अम्ल प्रतिवाह के लक्षण काफी हद तक कम हो जाते हैं।

40. रजोनिवृति (मीनोपॉज) के लक्षणों से छूटकारा।

रजोनिवृति (Menopause) से गुजरने वाली महिलाओं को रजोनिवृति के लक्षणों कम करने के लिए नियमित रूप से अच्छे जूतों में घूमना चाहिये।

55 से 72 वर्ष की महिलाओं पर किये गये एक अध्ययन में पाया गया है कि नियमित रूप से व्यायाम करने वाली महिलाओं में बाकी महिलाओं की तुलना में रजोनिवृति के लक्षणों कम दिखाई देते हैं।

41. पैरों की बैचेनी दूर करें।

पैरों की बैचेनी (रेस्टलेस लेग सिन्ड्रोम) एक न्यूरोलोजिकल डिसआर्डर है जो पैरो में एक धडकन, रेंगने या झुनझनी सनसनी फैलने का कारण बनता है। यह ज्यादातर रात के समय होता है जब रोगी सोने की कोशिश करता है। उन्हें इस झनझनाहट को दूर करने के लिए बार बार अपने पैरों को हिलाना पड़ता है।

पुरूषों व महिलाओं दोनों में यह दिक्कत हो सकती है हालांकि महिलाओं में इसकी संभावनाएं ज्यादा होती है।

पैरों की बैचेनी दूर करने के लिए दैनिक सैर एक अच्छा विकल्प है। तेजी से चलने की कोशिश करें।

अपने चलने की शुरूवात करने से पहले अपने शरीर को स्ट्रेच करें ताकि ज्यादा से ज्यादा फायदा मिल सके। चलनें के बाद भी एक बार स्ट्रेचींग अवश्य करें।

42. परिसंचरण (रक्त के सर्कुलेशन) में सुधार करता है।

दैनिक सैर आपके परिसंचरण की प्रक्रिया को तेज करने में मदद करती है। बस किसी अन्य शारीरिक कार्य के जैसे ही यदि आप सक्रिय हैं तो चीजे बेहतर काम करेंगी।

इससे रक्त का प्रवाह आपके पूरे शरीर में हो पायेगा। दैनिक चाल से परिधीय धमनी सम्बंधी रोगों से भी राहत मिलती हैं। ‘एथेरोस्क्लोरसिस‘ (atherosclerosis), धमनियों में पट्टिका का निर्माण करता है। यह रक्त वाहिकाओं का संकुचन करता है अर्थात उन्हें संकरा बनता है। इससे ब्रेन हेमरेज, हार्ट अटैक, पैरालिसिस इत्यादि होने की सम्भावना रहती है. दैनिक चलने से आप इस प्रकार के रोगों से बच सकते है और एकदम स्वस्थ रह सकते हैं।

43. आपके सामाजिक जीवन को सुधारता है।

ज्यादातर लोग बताते हैं कि वे सैर करते समय नये नये लोगों से मुलाकात करते हैं। नये लोगों से मिलना व नये दोस्त बनाना आपके समग्र स्वास्थ्य और जीवन के आनंद के लिए निश्चित लाभ है। यह आपके मानसिक रवैये में सुधार करता है और अकेले रहने की आदत को दूर करता है।

44. आकस्मिक गर्भपात को रोकता है।

जब आप गर्भवती हो जाती हैं तो आपके जोड़ थोडे नरम हो जाते हैं और अगर आप कोई छोटा सा भी कार्य करती हैं तो आपको काफी दर्द महसूस होता है।

कई महिलाएं जो अपने गर्भधारण से पहले एक एथलीट थी वे अपने गर्भवती होने के बाद भी एथलीट बने रहना चाहती है। उन्हें डाक्टर की सलाह सही व्यायाम करना चाहिए. अधिकांश डाक्टर गर्भावस्था के दौरान किसी भी प्रकार के भारी व्यायाम से बचने की सलाह देते हैं।

सक्रिय और स्वस्थ रहने के लिए दौड़ने और अन्य भारी अभ्यासों के बजाय सुबह सुबह टहलना ज्यादा अच्छा रहता है। एक अध्ययन से यह पता चला है कि जो महिलाएं, गर्भावस्था के दौरान भारी व्यायाम करती हैं उनमें गर्भपात का खतरा ज्यादा रहता है।

इसलिए धीरे धीरे चलना आपके शरीर के लिए अच्छा साबित होगा और इससे आपकी मांसपेशियां मजबूत बनेगी और आपके गर्भवती शरीर को किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं होगा। ज्यादातर डाक्टर्स गर्भवती महिलाओं को हल्का फुल्का व्यायाम करने की सलाह देते हैं।

इससे डिलीवरी के दौरान आपको अच्छा आकार बनाये रखने में सहायता मिलती है और गर्भावस्था के दौरान आपको अधिक वजन प्राप्त करने से भी छुटकारा मिलता है।

45. मोटापा कम करने में मदद करता है।

मोटापा एक ऐसी दिक्कत है जिससे दुनिया के काफी लोग ग्रसित है इसका कारण व्यायाम न करना है। ज्यादातर लोग अपने काम के दौरान सारा दिन बैठे ही रहते हैं और उन्हें अपने परिवार और बच्चों के अलावा व्यायाम का समय नहीं मिल पाता है।

लेकिन अगर आप समय निकालकर 30 से 40 मिनट तक सैर करते हैं तो एक महीने में आपका बहुत सारा मोटापा कम हो जायेगा। मोटापा एक ऐसी बीमारी है जो अपने साथ दूसरी खतरनाक बीमारीयों को भी न्योता देता है।

अगर आप अपनी खाने की आदतों को नहीं भी सुधारते हैं तो भी एक दैनिक सैर आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है और यह आपके शरीर से काफी केलोरी को खर्च करता है, इससे आपका जीवनकाल भी बढेगा।

अधिकांश मोटे लोगों में व्यायाम करने के लिए पर्याप्त उर्जा नहीं होती है। लेकिन अगर आप धीरे धीरे भी चलना शुरू करते है तो मेरी मानियें आपकी उर्जा भी धीरे धीरे बढने लगेगी। और आप जोशीला महसूस करेंगे।

46. पागलपन और भूलने की बीमारी को दूर करता है।

दैनिक चलने से पागलपन और भूलने की बीमारी की संभावनाओं में कमी होती है। यह आपके दिमाग को अच्छे से काम करने में मदद करता है साथ ही ऑक्सीजन स्तर को भी बढाता है और इसे आपके शरीर के सभी हिस्सों में ले जाता है।

लंबे समय तक गतिहीन होने से दिमाग के आगे कोहरा छा जाता है जो दिमाग को सही तरीके से काम करने से रोकता है। और आप चीजें भूलने लगते हैं।

गतिहीन लोगों में दिमाग सिकुड जाता है। व्यायाम हिप्पोकैम्पस के आकार को बढाता है और आपके सोचने की शक्ति को भी बढाता है।

बहुत सारे मामलों मे यह पाया गया है कि गतिहीन लोग भी अपने दिमाग को पहले की तरह सक्रिय कर सकते है बस उन्हे जरूरत है रोजाना 30 से 40 मिनट घूमने की, और इसके साथ साथ अच्छे भोजन की भी।

47. प्रीमेन्सुरेशन सिन्ड्रोम (माहवारी के पूर्व के तकलीफदेह लक्षण) कम होता है

हल्का फुल्का व्यायाम करने वाली महिलाओं में माहवारी के पूर्व के लक्षणों में कमी दर्ज की गई है।

जब खिंचाव शुरू होता है तब एक तेज चाल शुरू किजिये ताकि आपको दर्द से छुटकारा मिल सके। अपने दिमाग में एंर्डोफिंस (endorphins) की संख्या बढाकर, आप सभंवतः एक अच्छे मूड में आ सकते हैं। व्यायाम के सभी लाभ भी हर समय काम नहीं करते हैं इसलिए हमेशा भारी व्यायाम न करें।

48. चलने से आपकी कमर कम हो सकती है।

अगर आपको अपनी कमर पर उभार नजर आने लगा है तो एक नियमित तेज चाल इससे छूटकारा पाने में मदद कर सकती है। और कुछ समय में आप फ्लैट एब्स प्राप्त कर सकते हैं। यहां ध्यान रखने वाली बात ये है कि आपके चलने की तकनीक सही होनी चाहिये। नीचे देखने की बजाय अपने सिर को सीधा रखें और सामने देखें ।

अपनी गर्दन, पीठ व कंधों को आराम दें। अपनी बाहों को स्वाभाविक रूप से घूमाएं, थोडी मुड़ी हुई कोहनी के साथ। अपने पेट की मांसपेशियों को थोड़ा सा कसें। चलते समय एक लम्बी सांस लें।

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