Home रोचक तथ्य लियोनार्डो द विंची के बारे में जानने योग्य 42 अद्भुत तथ्य

लियोनार्डो द विंची के बारे में जानने योग्य 42 अद्भुत तथ्य

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leonardo da vinci

लियोनार्डो डी सेर पिएरो दा विंची, जिनको सामान्यतः लियोनार्डो द विंची के नाम से जाना जाता है। वहीं कुछ लोग उन्हें केवल लियोनार्डो कह कर भी पुकारते हैं। इन्हें इटली के एक बहुत मशहूर बहुगुणी विशेषज्ञ के तौर पर जाना जाता है। इनके ज्ञान का विस्तार अविष्कारों, पेंटिंग, आर्किटेक्चर, विज्ञान, संगीत, गणित, भौतिकी, साहित्य, भूगोल की भूविज्ञान, शरीर रचना विज्ञान, वनस्पति विज्ञान लेखन तथा खगोल विज्ञान तक फैला हुआ था। हम यहां आपको लियोनार्डो द विंची के बारे में 42 बहुत ही रोचक तथ्यों से रूबरू करवाने जा रहे हैं। जिन्हें जानकर आप इनके जीवन से जुड़े कई चौंकाने वाले तथ्यों की जानकारियां एकजुट कर सकते हैं तथा उनके जीवन काम करने के तरीके, उनकी प्रसिद्धि और कई अन्य बातों के विषय में आसानी से जान सकते हैं।

लियोनार्डो के जीवन से जुड़े कुछ तथ्य

  1. लियोनार्डो को पढ़ने लिखने और गणितीय कौशल के लिए घर पर ही पढ़ाया जाता था। उन्होंन स्कूल जाकर लैटिन और ग्रीक में औपचारिक शिक्षा ग्रहण नहीं की थी।
  2. लियोनार्डो के पिता के भाई अर्थात उनके चाचा फ्रांसेस्को ने उनके जीवन में बहुत महत्वपूर्ण किरदार अदा किया था। इन्होंने इनकी परवरिश में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
  3. लियोनार्डो अपनी माता के बजाए अपने पिता के ज्यादा करीब थे। वह अपनी मां के साथ जीवन के शुरुआती 5 सालों तक रहें इसके बाद वह अपने पिता के साथ रहने लगे। हालांकि मां से दूर होने के बावजूद वह अपनी मां को खत लिखा करते थे। लियोनार्डो की मां अपने जीवन के अंतिम कुछ वर्षों को अपने पुत्र के साथ बिताने में सक्षम हुई।
  4. लियोनार्डो के पास अपना उपनाम नहीं था। आज के आधुनिक अर्थों में कहा जाए तो लियोनार्डो का कोई उपनाम नहीं था। द विंची का अर्थ द विंची ही है। विंची, इटली के टस्कनी के मेट्रोपॉलिटन सिटी आफ फ्लोरेंस का एक शहर है।
  5. लियोनार्डो के पिता एक बहुत ही अमीर शख्स थे। हालांकि उनकी मौत के उपरांत लियोनार्डो ने बहुत कठिन समय देखा था। उनके सभी सौतेले भाई बहन अपने पिता की संपत्ति पर अपना हक जताने के लिए आपस में लड़ते रहते थे।
  6. जब लियोनार्डो अपने गुरु से पेंटिंग की शिक्षा हासिल कर रहे थे (उनके गुरु जिनका नाम एंड्रिया डेल वेरोकिया था) तो एक बार उनके गुरु ने उनसे एक देवदूत की पेंटिंग बनाने के लिए कहा। लियोनार्डो ने वह पेंटिंग इतनी अद्भुत बनाई कि इसके उपरांत उनके गुरु ने कभी भी पेंटिंग ना बनाने का फैसला किया।
  7. लियोनार्डो के द्वारा 5 अगस्त 1473 को बनाई गई एक पेंटिंग बहुत मशहूर हुई थी। जिन्होंने उसे केवल एक पेन और स्याही के माध्यम से बनाया था। यह पेंटिंग अर्नो वैली की थी।
  8. लियोनार्डो के लिखने का तरीका अपने आप में अद्भुत था। वह अपना ज्यादातर लिखने का काम दाएं से बाएं की ओर लिखकर करते थे‌। इसकी वजह से उनका लिखने का वह तरीका पढ़ने के लिए शीशे में देखना पड़ता था। यह अपने आप में पढ़ना काफी कठिन हो जाता था। इसके पीछे का कारण यह भी हो सकता है कि वह अपने लिखे हुए लेखों को गुप्त रखना चाहते थे। इसलिए उन्होंने इस प्रकार के तरीके को चुना था। या फिर इसके पीछे यह कारण भी हो सकता है कि वह ऐसा इसलिए लिखते थे क्योंकि बाएं हाथ से लिख पाते थे और इस तरह लिखना उनके लिए आसान होता था, जो सामान्य तौर पर असामान्य लेखन शैली होती है।
  9. लियोनार्डो द विंची बाएं हाथ का इस्तेमाल करने वाले इंसान थे। यदि इस सूची में आगे बढ़ा जाए तो दूसरे महान इंसान नेपोलियन, आइंस्टीन, न्यूटन, बिल गेट्स, ओपेरा, अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा शामिल हैं।
  10. लियोनार्डो के पिता ने चार शादियां की थी जिसमें से उनकी एक पत्नी केवल 16 वर्ष की थी। उन्होंने अपने जीवन काल में किसी भी स्त्री से पारंपरिक रूप से शादी नहीं की थी। लियोनार्डो के 17 भाई-बहन थे। जिसमें से ज्यादातर उनके सौतेले भाई बहन थे। उनके पिता की दो पत्नियां किसी भी बच्चे को जन्म दिए बिना ही मृत्यु को प्राप्त हो गई थीं। यह अपने आप में चौंकाने वाला तथ्य है कि उनके पिता ने लियोनार्डो की मां से शादी तक नहीं की थी इसलिए लियोनार्डो एक तरह से उन दोनों की अवैध संतान थे।
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  1. लियोनार्डो विभिन्न प्रकार के क्षमताओं के धनी थे। उनके अंदर नई चीजों को सीखने का एक अलग ही किस्म का जज्बा था।
  2. लियोनार्डो गुलाबी रंग पसंद करते थे। लियोनार्डो अपने आपको तरोताजा दिखाने के लिए गुलाबी रंग के कपड़े पहना करते थे।
  3. लियोनार्डो रात के समय में श्मशान घाट पर जाया करते थे। जहां पर वह कई प्रकार की वस्तुएं चुरा लिया करते थे। लोगों का तो यह भी कहना है कि श्मशान घाट पर वह मरे हुए लोगों का अवलोकन किया करते थे।
  4. लियोनार्डो ने कभी किसी भी महिला के साथ किसी प्रकार का कोई संबंध नहीं बनाया। उन्होंने कभी भी शादी नहीं की और उनके कोई बच्चे नहीं हुए। इतना ही नहीं उन्होंने अपनी किताब में लिखा कि पुरुष और स्त्री के बीच होने वाले प्राकृतिक संबंध उन्हें समझ नहीं आतें।
  5. लियोनार्डो ने कभी भी उपन्यासों इतिहास अथवा धर्म से जुड़े विषयों में किसी प्रकार की कोई रूचि नहीं दिखाई।
  6. साल 1483 में लियोनार्डो ने दुनिया का सबसे बड़ा स्टेचू बनाने की तैयारी की थी। हालांकि यह कभी भी वास्तविकता का रूप नहीं ले पाया।
  7. लियोनार्डो ने फ्लोरेंस के सैन डोनाटो, एक स्कोपेटो मठ के लिए बनाई जाने वाली पहली कमीशन प्राप्त चित्रकला ‘द एडोरेशन ऑफ द मैगी’ पूरी नहीं की थी – लियोनार्डो इस पेंटिंग को पूरा करने से पहले ही मिलान के लिए रवाना हो गए थे जहां वह एक इंजीनियर, आर्किटेक्ट और पेंटर के रूप में कार्य करने लगे थे।
  8. लियोनार्डो सामान्यता टालमटोल करने वाले इंसान थे। लेकिन वह अपने कामों के प्रति बहुत अधिक सजग व्यक्ति भी थे। इसी कारण वह अपने काम को पूरी शिद्दत के साथ किया करते थे।
  9. लियोनार्डो पिंजरे में रखे जाने वाले जानवरों और पक्षियों के लिए बहुत ही बुरा महसूस करते थे। यही कारण था कि वह पिंजरे में बंद जानवरों को खरीदा करते और फिर उन्हें आजाद कर दिया करते थे। लियोनार्डो पूर्ण रूप से शाकाहारी इंसान थे।
  10. यह महान पेंटर अपने काम को करने में बहुत ही धीमे थे। इसी कारण उनके द्वारा बनाई जा रही कई चित्रकलाएं अधूरी ही रह गईं। कई लेख और कहीं आविष्कार जो कभी वास्तविकता की शक्ल लें ही नहीं पाएं। हालांकि आगे चलकर उनके आविष्कारों के द्वारा कई प्रकार के डिजाइन बनाने की कोशिश की गई। लेकिन उनमें से ज्यादातर विफल रहे।

लियोनार्डो द विंच के द्वारा किए गए कुछ जाने-माने आविष्कार

  1. लियोनार्डो के पास कई प्रकार की योजनाएं थीं, जिनका सिर्फ अंदाजा लगाया जा सकता है। यह योजनाएं कई प्रकार के आविष्कारों से संबंधित थी, जैसे कि चलते फिरते पुल को बनाना, धुआं छोड़ने वाली मशीन बनाना और कई प्रकार के युद्ध लड़ने वाले वाहन बनाना। लेकिन वह इनमें से किसी भी आविष्कार को रूप नहीं दे पाए। जिसके पीछे यह संभावना जताई जाती है कि उनके धीरे काम करने के रवैया के कारण उन्हें इतना समय ही नहीं मिला कि वह इन कार्यों को पूरा कर पाते।
  2. क्या आपने कभी यह जानने का प्रयास किया है कि आसमान नीला क्यों होता है? आपको यह बात पता होनी चाहिए कि इस बात का पता लियोनार्डो ने लगाया था और यह इतिहास में सबसे पहली बार था जब किसी ने इस विषय में व्याख्यान दिया हो। उन्होंने बताया कि जब आसमान में किसी प्रकार के कोई बादल नहीं होते तो आसमान नीला इसलिए दिखाई देता है क्योंकि हवा के अंदर जो तत्व होते हैं, वह नीले रंग का प्रकाश छोड़ते हैं उन्हें यह प्रकाश सूर्य से प्राप्त होता है और वह लाल रंग से ज्यादा नीले रंग को अवशोषित कर पाते हैं।
  3. लियोनार्डो ने इस तथ्य का पता लगाया कि यह दुनिया बाइबल से पुरानी है। यह तथ्य उनके सामने तब उजागर हुआ जब उन्होंने नदियों के बनने का सुराग ढूंढने की कोशिश की।
  4. लियोनार्डो ने घर्षण बल और इससे संबंधित सिद्धांतों के ऊपर अध्ययन किया था और इससे जुड़े हुए सिद्धांतों को परखने के पश्चात उन्होंने घर्षण का एक सिद्धांत विकसित किया जो यकीनन दुनिया में पहला था।
  5. लियोनार्डो ने एक ऐसी ट्यूब बनाई, जिसे पानी के अंदर इस्तेमाल किया जा सके। लियोनार्डो को पहली साइकिल बनाने का श्रेय भी जाता है और यह कार्य उन्होंने साइकिल के सड़कों पर आने के लगभग 300 साल पहले किया था।
  6. लियोनार्डो वैज्ञानिक रूप से पक्षियों की उड़ान का अध्ययन करने वाले पहले व्यक्ति थे।
  7. लियोनार्डो ने हाइड्रोलिक पंप का आविष्कार किया था। इतना ही नहीं उन्होंने ड्यूक ऑफ़ मिलान के लिए एक चलता फिरता पुल भी बनाया था।
  8. साल 1485 में लियोनार्डो ने एक बख्तरबंद कार बनाने की योजना बनाई थी।
  9. मोनालिसा और द लास्ट सपर उनके द्वारा बनाई गई दो विश्वविख्यात चित्रकलाएं हैं।
  10. लियोनार्डो समय से आगे की सोचते थे, यह उनके लेखों के माध्यम से पता चलता है। उनके लेखों में आधुनिक आविष्कारों के विषय से संबंधित कई रचनाएं मिलती हैं। जैसे कि हेलीकॉप्टर का निर्माण, कैलकुलेटर, सोलर पावर और टेक्टोनिक प्लेटों के बनने की क्रियाएं इत्यादि।
  11. लियोनार्डो द विंची ही वह पहले इंसान थे जिन्होंने पैराशूट का डिजाइन बनाया था। उनके पास डिजाइन पूर्ण रूप से तैयार था लेकिन इसका कोई भी प्रोटोटाइप उन्होंने नहीं बनाया था। इस डिजाइन को साल 2000 में प्रकाशित किया गया, जब साउथ अफ्रीका के स्काई ड्राइवर एड्रियन निकोलस ने इस डिजाइन से बने पैराशूट को इस्तेमाल करना आरंभ किया।
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लियोनार्डो द विंसी और मोनालिसा

  1. लियोनार्डो की विश्वविख्यात चित्रकला मोनालिसा जो कि एक बुलेट प्रूफ कांच के शीशे के भीतर रखी हुई विश्व विख्यात चित्रकला है। इसे आप पेरिस के एक म्यूजियम में जाकर देख सकते हैं। यह लियोनार्डो के द्वारा बनाई गई थी। यह चित्रकला 200 सालों से भी अधिक समय से इस म्यूजियम की शोभा बढ़ा रही है।
  2. ऐसा भी कहा जाता है कि लियोनार्डो को मोनालिसा के होठों को बनाने और उसमें रंग भरने में 10 साल का वक्त लगा था।
  3. कई लोगों का मानना है कि मोनालिसा एक लिजा डेल जियोकोंडा नामक एक स्त्री है जो कि फ्रांसिस्को की पत्नी थी। यह एक अमीर सिल्क के व्यापारी थे। हालांकि कुछ लोगों का मानना है कि यह चित्रकला किसी जीवित मनुष्य की नहीं है।
  4. कुछ तथ्यों के मुताबिक मोनालिसा की अद्भुत मुस्कान के पीछे उनका गुप्त रूप से गर्भवती होना था।
  5. लियोनार्डो इस बात पर विश्वास किया करते थे कि आंखों की रोशनी इंसान द्वारा किसी भी अनुभूति को का एहसास करने के लिए सबसे जरूरी माध्यम है।
  6. गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के अंदर लियोनार्डो के द्वारा बनाई गई चित्रकला मोनालिसा को सबसे ज्यादा इंश्योरेंस वैल्यू की वस्तु माना गया है। साल 1962 में इस पेंटिंग का मूल्यांकन 100 मिलियन यूएस डॉलर में किया गया था।
  7. बिल गेट्स उनके द्वारा लिखे गए एक हस्तलिखित ग्रंथ को खरीद चुके हैं। सॉफ्टवेयर बनाने वाले, दुनिया के सबसे अमीर इंसानों की सूची में शामिल बिल गेट्स ने इस ग्रंथ को 30 मिलियन डॉलर देकर साल 1995 में खरीदा था और इसका इस्तेमाल उनकी कंपनी के द्वारा बनाई जाने वाली विंडोज 95 में किया गया था।
  8. लियोनार्डो के सम्मान में इतिहासकार हेलेन गार्डनर ने एक बार कहा था कि ‘उनका दिमाग और व्यक्तित्व एक सुपर ह्यूमन की तरह है, वह अपने आप में बहुत ही रहस्यमई और संचालित इंसान है।’
  9. हाल ही में वैज्ञानिकों ने इस बात के लिए जानकारी जुटाना आरंभ किया कि क्या वह लियोनार्डो के डीएनए को हासिल कर सकते हैं, जो कई 100 सालों पहले इस दुनिया से जा चुके हैं। इसके जरिए वह यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि वह उनके बारे में और अधिक जान सकें। उनके डीएनए को हासिल करने के लिए उनकी हड्डियों का संरक्षण भी करने की कोशिश की गई थी।
  10. लियोनार्डो को एक अद्भुत इंसान के तौर पर जाना जाता है, क्योंकि उनके द्वारा विज्ञान और कला के क्षेत्रों में कई प्रकार के कार्य किए गए थे।
  11. कई क्षेत्रों में किए गए उनके प्रसिद्ध कामों के बावजूद, लियोनार्डो जब अपने मृत्यु शैया में थे तो उन्होंने कहा था कि ‘मैंने भगवान और इंसानियत के लिए कुछ नहीं किया तथा मेरा काम उस स्तर तक नहीं पहुंच पाया जहां पर इसे पहुंचना चाहिए था।’

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