जानिये तिब्बत के बारे में विस्मृत कर देने वाले 25 तथ्य

0
12
tibet facts

तिब्बत समुद्र-तट से तीन मील की ऊंचाई पर स्थित एक धार्मिक देश है जहां बौद्ध धर्म का खूब विकास हुआ। यूं तो तिब्बत के बारे में बहुत सी बातें लोग जानते हैं, परंतु यहां हम आपको आज उसके बारे में कुछ अन्य रोचक तथ्यों से अवगत कराएंगे-

  1. दुनिया की कुल 46% आबादी, तिब्बत से उत्पन्न होने वाली पांच मुख्य नदियों पर निर्भर करती है।
  2. हिमालयन मोनाल तिब्बत का राष्ट्रीय पक्षी है।
  3. ‘जौ’ तिब्बत में पैदा होने वाली सबसे मुख्य फसल है। जौ से बने आटे से ‘संपा’ बनाया जाता है जो तिब्बत के लोगों का सबसे मुख्य खाद्य पदार्थ है। यहाँ मांसाहार ज़्यादातर याक, बकरी और मटन से मिलता है।
  4. तिब्बत को ‘दुनिया की छत’ भी कहा जाता है क्योंकि यहाँ बहुत ऊँचे पर्वत शिखर हैं। तिब्बत समुद्र के लेवल से लगभग साढ़े चार किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थित है।
  5. तिब्बत में कोई भी KFC नहीं हैं, क्योंकि दलाई लामा ने उन्हें एक पत्र लिखा था जिसमें बताया गया था कि कैसे मुर्गियों को बड़े पैमाने पर मारने से तिब्बत की पारंपरिक मूल्यों का उल्लंघन होता है।
  6. सन् 2005 में फुटबॉल प्रबंधक को चीन में प्रतिबंधित कर दिया गया क्योंकि उन्होंने तिब्बत को एक स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता दे दी थी।
tibet
  1. तिब्बती लोग “आकाश में दफनाने” की प्रक्रिया का ना सिर्फ अभ्यास करते हैं अपितु इसे पूरी तरह मानते भी हैं। जिसके अनुसार मृत्यु हो जाने के उपरांत शवों को काट कर गिद्धों के लिए छोड़ दिया जाता है और ऐसा माना जाता है कि गिद्धों द्वारा इन्हें स्वर्ग की तरफ ले जाया जाएगा।
  2. ऐसा कहा जाता है कि रनवे को अधिक ऊंचाई पर होना चाहिए। परंतु क्या आप जानते हैं कि दुनिया का सबसे लंबा रनवे 18,045 फीट लंबा है, जो तिब्बत के एक छोटे से हवाई अड्डे पर स्थित है।
  3. तिब्बत में पोताला पैलेस दलाई लामा का आधिकारिक निवास स्थल 7 वीं शताब्दी से सन् 1959 तक रहा है। यह महल दुनिया का सबसे ऊंचा महल है और आगंतुकों को प्रवेश करने से पहले खुद को आत्मसात करने के लिए कहा जाता है, क्योंकि उन्हें अपने साथ ऑक्सीजन सिलेंडर ले जाने की अनुमति नहीं दी गई है। ऐसा माना जाता है कि महल में आग ना लगे अतः सावधानी की दृष्टि से यह कदम उठाया गया है।
  4. 4200 मीटर से अधिक की ऊंचाई पर रहने वाले तिब्बतियों में समुद्र तल पर रहने वाले लोगों की तुलना में रक्त का प्रवाह दोगुना से अधिक होता है, जिसका कारण यह है कि इतनी ऊंचाई पर कम दबाव होता है।
  5. अंग्रेजों ने 1800 के दशक में तिब्बत का पता लगाने के लिए पंडितों का इस्तेमाल किया था। अंग्रेजों ने इन्हें धार्मिक तीर्थयात्रियों के रूप में ना मानते हुए, इन भारतीय पुरुषों को प्रति मील 2,000 कदम चलने के लिए प्रशिक्षित किया और पश्चिमी लोगों पर लगाए गए प्रतिबंधों को झूठा करार देते हुए अंग्रेजों के लिए इस क्षेत्र का मानचित्रण किया गया था।
  6. तिब्बत को शेष चीन से जोड़ने वाला एक रेलवे ट्रैक है। यह 5,072 मीटर (16,640 फीट) के उच्चतम बिंदु तक पहुंचता है। खड़ी चढ़ाई और उच्च ऊंचाई का सीधा सा मतलब है कि प्रत्येक यात्री को ऑक्सीजन की आपूर्ति दी जाएगी और एक डॉक्टर का हर समय ट्रेन में उपस्थित होना आवश्यक है। सन् 2006 में ट्रेन में दिल की बीमारी के कारण एक बुजुर्ग यात्री की मौत भी हो गई थी।
tibet buddhism
  1. पग्स (कुत्ते की एक प्रकार की किस्म) तिब्बत में उत्पन्न हुई और नाविकों की महिलाओं को उपहार के रूप में प्रस्तुत किया जाने लगा और इन्हें “लिटिल टर्क्स” नाम से जाना जाता है।
  2. “ल्हासा अप्सो” नामक कुत्ते की प्रजाति तिब्बत में 800 ईसा पूर्व ईसाई आश्रम के अंदर पहरेदार के रूप में पालतू बनाई गई थी आज इन्हें घरेलू कुत्ते के रूप में पाला जाता है। 1933 में 13वें दलाई लामा द्वारा उपहार स्वरूप अमेरिका में इनकी (कुत्ते की) पहली जोड़ी लाई गई थी।
  3. तिब्बत में एक पहाड़ जिसका नाम “माउंट कैलाश” है, ये एक ऐसा पहाड़ है जिसमें कभी चढ़ाई नहीं की जा सकी है, जबकि ऐसी कई योजनाएं बनाई गई जिससे इस पर चढ़ाई की जा सके। यहां के स्थानीय लोगों का मानना है कि माउंट कैलाश नामक इस पहाड़ पर चढ़ने के लिए पर्वतारोही को “खुद को एक पक्षी के रूप में बदलना होगा जिसके बाद ही वह पहाड़ पर चढ़ाई कर सकेगा।”
  4. तिब्बत के कुछ क्षेत्रों में पारंपरिक रूप से हुए विवाह में एक ही पत्नी को एक ही घर के कई भाइयों के बीच समान रूप से साझा किया जाता है।
  5. तिब्बत में कहीं कहीं पर एक असामान्य परंपरा आज भी प्रचलित हैं जिसके अनुसार जीवित बंदर के मस्तिष्क को खाना शामिल है।
  6. तिब्बत में यदि अगले दलाई लामा के चयन के दौरान एक से अधिक उम्मीदवारों के नाम प्रस्तावित होते हैं, तो तिब्बत के मंत्री कलश द्वारा किसी एक का नाम चुन लेंगे।
tibet
  1. तिब्बत में आने वाले पहले यूरोपीय सन् 1624 में पुर्तगाली मिशनरी एंटोनियो डी एंड्रेड और मैनुअल मार्केस थे। उनका स्वागत किंग एंड क्वीन ऑफ गुएज द्वारा किया गया था और उन्हें एक चर्च बनाने और ईसाई धर्म का परिचय देने की अनुमति दी गई थी। परंतु सभी मिशनरियों को सन् 1745 में निष्कासित कर दिया गया था।
  2. सन् 1930 में तिब्बत ने चीन के द्वारा अपनी भूमि पर कब्जा करने के प्रयासों के विरोध के लिए चीन पर आक्रमण किया। यह वह समय था जब तिब्बत अपनी स्वतंत्रता के लिए संघर्ष कर रहा था।
  3. “सिल्क रोड” मार्गों में से एक महत्वपूर्ण हिस्सा तिब्बत से होकर गुज़रता है।
  4. ऐसा कहा जाता है कि तिब्बत में उड़ने वाले लामाओं को देखा गया है।
  5. 1949 में चीन द्वारा तिब्बत पर हमला किया गया था जिसके परिणामस्वरूप ६० लाख तिब्बतियों में से लगभग 12 लाख की मृत्यु हो गयी थी. ६००० से भी अधिक तिब्बती धर्मस्थल तोड़ दिए गए और लाखों तिब्बतियों को बंदी बना लिया गया।
  6. चीनी सरकार के अनुसार वे अब तक लगभग 55 बिलियन डॉलर के मूल्य का टिम्बर (लकड़ी) का तिब्बत से दोहन कर चुके हैं और तिब्बत के लगभग 80 प्रतिशत जंगल नष्ट कर चुके हैं।
  7. स्नो लायन (बर्फ में रहने वाला शेर) तिब्बत का आधिकारिक राष्ट्रीय जानवर है।

Leave a Reply