जानिये पान के पत्तों से होने वाले ये 20 वैज्ञानिक फायदे

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क्या आप कभी कभी कुछ बोलते-बोलते रुक जाते हैं क्योंकि आपको लगता है कि आपके मुंह से दुर्गन्ध आ रही है? या आप बहुत ज्यादा सिरदर्द से पीड़ित हैं, इतना ज्यादा कि बस लेटना चाहते हैं। या आपका पाचन खराब रहता है? या फिर मांसपेशी और जोड़ों के दर्द ने आपको बेहाल कर रखा है? खैर यदि इनमें से कोई भी परेशानी आपके साथ हैं तो हम आपको बता देंगे आप इन सभी परेशानियों को आसानी से सिर्फ एक जादुई पान के पत्ते की मदद से खत्म कर सकते हैं। जी हां ! पान के पत्ते में स्वास्थ्य से जुड़े अनेक फायदे होते हैं जैसे कि सूजन कम करना, दर्दनाशक, इम्युनिटी बढ़ाना, एंटीऑक्सीडेंट, माउथ फ्रेशनर आदि । आश्चर्य की बात यह है कि हम में से बहुत कम लोग पान के पत्ते से होने वाले इन फायदों को जानते हैं। आइए यह पता करते हैं कि दैनिक जीवन के आधार पर हम इनका उपयोग किस प्रकार कर सकते हैं और उन से हमें क्या फायदा होगा।

Table Of Contents

मुंह की बदबू दूर करने के लिए पान के पत्ते का प्रयोग

पान के पत्ते दांतो की सड़न को रोकने में मदद करते है। साथ ही यह हमारे दांतों और मसूड़ों को स्वस्थ रखते है। सिर्फ इतना ही नहीं, पान के पत्तों का तेल हमारी सांसो को भी ताजा रखता है और सांसो से आने वाली बुरी बदबू से बचाता है। यह तेल मुह से होने वाले रक्त-स्त्राव (ओरल ब्लीडिंग) को रोककर मुख की स्वच्छता (ओरल हाइजीन) बनाए रखने में बहुत मददगार साबित होता है। आपको बस कुछ बूंदे इस तेल की एक कप गर्म पानी के साथ मिलाकर रोज सुबह-शाम इससे गरारे करने हैं। पहले ही इस्तेमाल के बाद आपको इसका अंतर साफ दिखाई देने लगेगा।

गठिया के इलाज में पान लाभदायक

हमारे घर के किचन में ऐसी बहुत सी सामग्री आपको मिल जाएंगी जिनमें गठिया-विरोधी गुण होते हैं, पान के पत्ते भी उनमें से एक है । पान के पत्तों में एक फिनोल होता है जिसे च्विकोल कहा जाता है। यह अर्थराइटिस अर्थात गठिया से पीड़ित रोगियों के इलाज के लिए उपयोग में लाया जाता है। इससे ना सिर्फ प्रभावित जोड़ों की सूजन, बल्कि दर्द भी कम होता है।

त्वचा के लिए पान फायदेमंद

आज के समय में हम सभी अपनी कमाई का एक अच्छा ख़ासा हिस्सा क्रीम और टोनर जैसे प्रोडक्ट को खरीदने पर खर्च करते हैं। कील मुहांसों और पिंपल से मुक्त त्वचा हर किसी को चाहिए होती है। हालांकि हमें से बहुत कम लोग हैं जो यह जानते हैं कि पान के पत्तों के रोगाणुरोधी गुण हमें कील मुहांसों से मुक्त चिकनी त्वचा देने में मदद कर सकते हैं। त्वचा में होने वाली एलर्जी, धूप से होने वाली कालिमा को दूर करने में, शुष्क त्वचा, काले धब्बे के चकत्ते आदि को रोकने में पान के पत्ते बहुत मददगार साबित होते है। पान के कुछ ताजे पत्तों को कुचलकर उसके रस को हल्दी के साथ मिलाकर चेहरे पर लगाने से उपरोक्त सभी प्रकार की समस्याओं को दूर किया जा सकता है। आप चाहें तो कुछ दिन के लिए इसका उपयोग करके देखें, अंतर आप स्वयं नोटिस करेंगे।

पान के पत्ते सिरदर्द को कम करने में गुणवान

यूं तो पान के पत्तों में बहुत सारे गुणों की भरमार होती है, परंतु ठंडक या शीतलता प्रदान करना इसके मुख्य गुणों में से एक है। यदि आप सिरदर्द से परेशान हैं, तो कुछ ताजे पान के पत्तों को अपने माथे पर रखें या सुपारी के तेल को अपने सिर पर लगाएं। आपको जल्द ही सिरदर्द से राहत महसूस होगी।

दुर्गन्ध-नाशक (डिओडरेंट) की तरह पान के पत्तों का इस्तेमाल

यह जानकर कई लोगों को आश्चर्य हो सकता है कि पान के पत्ते एक प्राकृतिक डिओडरेंट के रूप में इस्तेमाल किये जा सकते हैं। यह सच है, यदि आप चाहें तो अपने नहाने के पानी में कुछ बूंदें पान के पत्तों के अर्क की डालें। आप पूरे दिन तरोताजा महसूस करेंगें। यदि आप पानी के साथ थोडा सा शहद या चीनी डालकर उस पानी में भिगोए हुए पान के पत्तों को डालकर अच्छे से काढ़ा बनाकर पिए तो यह एंटीसेप्टिक गुणों से भरपूर होने के कारण स्वास्थ्य के लिए बड़ा लाभकारी होगा। यह मुह की दुर्गन्ध ख़त्म कर देगा. और साथ ही यह मासिक धर्म के दौरान आने वाली गंध को भी कम करने में मदद करता है।

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नकसीर की तकलीफ को कम करने में पान प्रभावी

पान के पत्ते में सनस्ट्रोक को रोकने तथा ठीक करने का गुण होता है। बहुत से लोगों को (विशेषतौर पर बच्चों को) गर्मी के मौसम में दिन में बाहर धूप में खेलते समय नाक से खून बहने की शिकायत होती है। ऐसे समय पर आप उन्हें बिस्तर में लेटा कर उनकी नाक में पान के पत्ते को गोल करके डाल दें और उन्हें लेटा रहने दें। जल्द ही खून का बहना रुक जाएगा। क्योंकि पान के पत्ते में खून के थक्के को जमाने के गुण होते हैं, साथ ही यह अनावश्यक रक्त के प्रवाह को भी रोकने में मदद करता है।

मूत्र स्त्राव को नियंत्रित करने में मददगार

जो लोग किडनी/गुर्दे की बीमारियों से पीड़ित होते हैं, यह उनके लिए बड़ा ही उपयोगी होता है। पान की सबसे उपयोगी विशेषताओं में से एक विशेषता यह है कि यह यूरिन के प्रवाह को सामान्य करने में बड़ा मददगार होता है। दूध के साथ पान के पत्तों के रस को मिलाकर पीने से इस तरह की परेशानियों को नियंत्रित किया जा सकता है।

पान के पत्ते चौकस या अलर्ट रखने में मददगार

यदि आप हाल में ही सुस्ती महसूस कर रहे हैं तो पान के पत्तों के रस को शहद के साथ मिलाकर थोड़ा सा सेवन करें। यह ना केवल आपको ऊर्जावान करेगा, बल्कि इसके सेवन से आपकी मानसिक कामकाज करने की क्षमता भी कुछ समय के लिए बढ़ेगी। और तो और अगर आप एक पान के पत्ते को लौंग, इलायची के साथ चबा कर खा लेंगे तब भी आपको ताजगी का अनुभव होगा.

पान के पत्ते घाव भरने के लिए बहुत उपयोगी

अपने उपचार गुणों के कारण दुनिया भर के कई हिस्सों में सुपारी का उपयोग चोटों/घावों के इलाज के लिए किया जाता है। पान के पत्ते का रस निकालकर चोट लगी हुई जगह पर इसे लगाएं और ताजे पान के पत्ते को हल्का गरम करके, उसमें थोडा सा देसी घी लगा कर, इसके ऊपर रखकर पट्टी से बांध लें। ऐसा करने से चोट या घाव जल्दी भरता है।

श्वास प्रणाली की समस्याएं सुलझाने में पान मददगार

पान के पत्तों का उपयोग छाती की सूजन, फेफड़े की कमजोरी, अस्थमा (दमा) और सांस लेने की समस्याओं के इलाज के लिए भी किया जाता है। इसके लिए पान के पत्ते को गर्म करें, उस पर सरसों का तेल लगाकर अपनी छाती पर रख लें। अस्थमा के दौरे या जमाव के कारण होने वाले दर्द और सीने की जकड़न में इससे राहत मिलेती है। ताजी सुपारी को इलायची और दालचीनी के साथ मिलाकर अच्छे से उबाल कर काढ़ा बना लें। ये काढ़ा जकड़न और सांस की समस्याओं से राहत दिलाने में बहुत मददगार साबित होता है इसके कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होते हैं।

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खांसी के इलाज के लिए पान के फायदे

एंटीबायोटिक (जीवाणुरोधी) गुणों के कारण पान के पत्तों का एक और औषधीय लाभ यह है कि यह खांसी के इलाज में बहुत फायदेमंद होता है। इसके लिए आप कुछ पान के पत्तों को लें और उसमें थोड़ी सी दालचीनी और इलायची डालकर उबालें। इस काढ़े को जितना हो सके उतना गाढ़ा करें। यह काढ़ा खांसी और जुकाम के इलाज के लिए काफी फायदेमंद कहा जाता है।

मांसपेशियों में ऐंठन से राहत दिलाता है

रीढ़ की मांसपेशियों के दबने के कारण कमर के निचले हिस्से और पैरों में जो ऐंठन होती है, सुपारी या पान के पत्तों से उस दर्द को कम किया जा सकता है। शरीर के उस हिस्से में जहां इस प्रकार की मांसपेशियों की ऐंठन हो रखी हो, वहां नारियल तेल के साथ सुपारी का तेल मिलाकर मालिश करने से काफी राहत मिलती है। यह मांसपेशियों की ऐंठन को भी कम करता है। पान के पत्ते को गर्म करके नारियल के तेल के साथ लेप करके दर्द की जगह पर बाँध देने से भी मांसपेशी की ऐंठन से राहत मिलती है।

दर्द निवारक औषधि के रूप में पान के पत्ते का उपयोग

अपने दर्द-निवारक (एनाल्जेसिक) गुणों के कारण, पान का पत्ता आपको कई प्रकार के दर्द से राहत दिलाने में काफी मददगार होता है। पान के पत्तियों का पेस्ट बनाकर दर्द या घाव वाली जगह पर लगाने से दर्द में काफी आराम मिलता है। यह घाव, चोट, खरोंच, कट आदि को जल्दी ठीक करता है। यह घाव की सूजन भी कम करता है और वो भी बहुत जल्दी।

पाचन शक्ति को बढ़ाने में सहायक

आपने कई बार लोगों को किसी सभा, शादी या सामाजिक अवसरों में भोजन के बाद अधिकतर पान खाते देखा होगा। ऐसा करने के पीछे का मुख्य कारण पान के पत्ते के गैस्ट्रोप्रोटेक्टिव (पेट की अंदरूनी झिल्ली के बचाव) और एंटी-फ्लैटुलेंस (पेट में गैस न बनने देने) गुण हैं। यदि आप पेट के दर्द से परेशान हैं तो सुपारी के तेल से पेट की मालिश करने से शरीर के अंदर कार्मिनेटिव एसिड उत्पन्न होता है जो पाचन क्रिया के लिए मददगार होता है। आप पान के पत्ते के जूस को काली मिर्च के साथ मिलाकर भी दे सकते हैं। यह पाचन क्रिया को बढ़ावा देता है।

कब्ज से बचाने में पान के पत्ते फायदेमंद

पान के पत्तों का एक सबसे बड़ा फायदा इसके एंटीऑक्सीडेंट गुण का होना है। इसका सेवन शरीर के पाचन की क्रिया को मदद प्रदान करता है, साथ ही यह एसिडिटी स्तर (पी.एच. संतुलन) को भी शरीर में संतुलित बनाकर रखता है‌। आप पान के पत्तों को पानी में डालकर उबाल सकते हैं और उसके बाद इसे रात भर रखे रहने दें। अगली सुबह इसका सेवन करें, यह कब्ज को कम करने में मदद करता है।

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पान के पत्ते मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाते हैं

पान के पत्तों का सेवन मेटाबॉलिज्म को बढ़ाने में सहायता करता है। यह रक्त के परिसंचरण को नियंत्रित करता है और भोजन से जितना अधिक हो सके उतना खनिज, विटामिन, प्रोटीन अवशोषित करने के लिए शरीर को प्रेरित करता है।

भूख को बढ़ाने में पान के पत्ते फायदेमंद

पेट में अस्थिर अम्ल का स्तर आपको पेट फूलना जैसी समस्या से पीड़ित कर सकता है। ऐसे में आपके पेट में अधिक गैस होने जैसी संभावना भी हो सकती है। पान की पत्तियां आपके शरीर से विषाक्त पदार्थों को दूर करके आदर्श अम्लता प्राप्त करती हैं और भूख को बढ़ाती हैं।

ब्रोंकाइटिस के इलाज के लिए पान के पत्ते फायदेमंद

पान के पत्ते ब्रोंकाइटिस के इलाज में भी मदद करते हैं। यह श्वसन पथ में सूजन को कम करते हैं और यहां पर होने म्यूकस या श्लेष के वाले जमाव को रोकते हैं।

इम्युनिटी (रोग-प्रतिरोधक क्षमता) बढ़ाने में पान के पत्तों का लाभ

पान के पत्तों में बहुत से एंटी-ऑक्सीडेंट तत्व होते हैं जो शरीर के अन्दर फ्री-रेडिकल को कम करते हैं। ये फ्री-रेडिकिल शरीर के अन्दर टूट-फूट, बीमारियाँ, और उम्र बढ़ने के लिए ज़िम्मेदार होते हैं। पान का नियमित सेवन शरीर की इम्युनिटी बढ़ाने में बहुत कारगर है और इसके सेवन से बार बार होने वाले इन्फेक्शन, एलर्जी आदि से बचा जा सकता है।

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