जानिये ‘राष्ट्रपति भवन’ से जुड़े हुए ये अद्भुत तथ्य

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राष्ट्रपति भवन नई दिल्ली में स्थित भारत के राष्ट्रपति का आधिकारिक निवास है और भारत के सबसे प्रतिष्ठित स्मारकों में से एक हैं। इसमें उद्यान, संग्रहालय, सेरेमोनियल हॉल, बड़े खुले स्थान, अंगरक्षक, कर्मचारियों आदि के निवास भी शामिल हैं। यदि हम क्षेत्र के संदर्भ में बात करें तो यह देश के प्रमुख का सबसे बड़ा निवास है। राष्ट्रपति भवन का सबसे प्रमुख और विशिष्ट पहलू इसका गुंबद है । देश के अलग-अलग हिस्सों के लोगों को राष्ट्रपति के रूप में इस भवन में रहने का मौका मिल चुका है। राष्ट्रपति भवन में संग्रहालय से उद्यान तक बहुत सी ऐसी चीजें हैं, जो हर एक भारतीय के लिए गर्व का विषय है। यहां कर्मचारियों और अंगरक्षकों के लिए भी अलग से जगह निर्धारित की गई है। आइए आज हम आपको राष्ट्रपति भवन के बारे में कुछ ऐसे रोचक तथ्यों से अवगत कराएंगे जिनके बारे में शायद आप पहले नहीं जानते थे। आज हम आपको राष्ट्रपति भवन के बारे में 20 ऐसे आश्चर्यजनक तथ्यों के बारे में बताएंगें जिनको जानकर आप ताज्जुब में पड़ जाएंगे –

  1. इटली के चूर्ण पैलेस के बाद भारत का राष्ट्रपति भवन दूसरा सबसे बड़ा निवास स्थान है। राष्ट्रपति भवन इसे प्रेसिडेंशियल पैलेस के नाम से भी जाना जाता है।
  2. राष्ट्रपति भवन के निर्माण में पूरे 17 साल लगे थे। इसका निर्माण 1912 से शुरू हुआ था और 1929 में यह निर्माण कार्य पूर्ण हुआ। लगभग 29000 लोगों ने राष्ट्रपति भवन के निर्माण के लिए कार्य किया था और इस निर्माण कार्य को शुरू करने के लिए 300 से अधिक परिवारों को वह इलाका खाली करना पड़ा था।
  3. राष्ट्रपति भवन में तीन सौ से ज्यादा कमरें हैं। जिसमें राष्ट्रपति कार्यालय, अतिथि कक्ष और कर्मचारियों के कमरे भी शामिल हैं। यहां पर शुरू में दूसरे देशों के राष्ट्रीय अध्यक्षों को भी ठहराया जाता था। आजादी से पहले वायसराय यहीं पर रहते थे।
  4. आज के वक्त में राष्ट्रपति भवन में 750 कर्मचारी काम करते हैं। इनमें से 245 राष्ट्रपति सचिवालय में कार्यरत हैं। यहां पर कुल 50 रसोइए नियुक्त किए गए हैं।
  5. राष्ट्रपति भवन के निर्माण 700 मिलियन (सात करोड़) ईटों और 3 मिलीयन क्यूबिक फीट पत्थरों को उपयोग करके बनाया गया है।
  6. राष्ट्रपति भवन रायसीना हिल पर बना है। इसलिए इसे रायसीना हिल्स के नाम से भी जाना जाता है। इसके नाम के पीछे का कारण यह है कि यह रायसिनी और माल्च गांव की जमीन को अधिकृत करने के बाद इस भवन को बनाया गया था। यह गांव एक पहाड़ी पर स्थित था। इसका निर्माण सर एडमिन लैंडसीर लुटियन नामक एक वास्तुकार ने किया था।
  7. आजादी से पहले राष्ट्रपति भवन को “वायसराय हाउस” के रूप में जाना जाता था और यह भारत का सबसे बड़ा निवास स्थान है।
  8. राष्ट्रपति भवन के पीछे मुगल गार्डन हैं, जिसमें सैकड़ों विभिन्न प्रकार के फूल हैं और प्रत्येक वर्ष फरवरी माह में जनता के लिए इसे खोला जाता है। इस उत्सव को उद्यानोत्सव कहा जाता है।
  9. राष्ट्रपति भवन पर अलग-अलग आकार के कई उद्यान है यहां पर आपको आयताकार लंबा और गोलाकार उद्यान देखने को मिलेंगे खाना की सबसे खूबसूरत गोलाकार उद्यानों को माना जाता है यहां पर विभिन्न प्रकार के फूल भी मिलते हैं इन गोलाकार उद्यानों पर सीढ़ीदार कटोरा नुमा फूलों के खेत बनाए गए हैं राष्ट्रपति भवन के पीछे मुगल गार्डन हैं जो फरवरी मार्च के महीने में आम जनता के लिए खोला जाता है।
  10. राष्ट्रपति भवन की साइंस एंड इन्नोवेशन गैलरी की सबसे आश्चर्यजनक बात वहां उपस्थित एक रोबोटिक कुत्ता है। जिसे अनाड़ी कुत्ता भी कहा जाता है, जो बहुत हद तक जीवित कुत्ते की तरह दिखता है।
  11. राष्ट्रपति भवन में “टॉकिंग फॉल” और “अ प्लानेट वॉल” दो दिलचस्प ऑडियो वीडियो डिस्प्ले प्रदान करते हैं, यह बच्चों के बीच बेहद रुचिकर हैं।
  12. राष्ट्रपति भवन में एक वर्चुअल तबला भी है, जो आंगतुकों बिना ड्रम को छुए उसे बजाने और उसकी आवाज को सुनने के लिए सक्षम करता है।
  13. राष्ट्रपति भवन 330 एकड़ में फैला हुआ है। भवन के 190 एकड़ के हिस्से में बगीचे हैं और 2.5 किलोमीटर का कॉरिडोर है। इसमें 340 कमरे और इसे बनाने में लगभग 140 लाख रुपए की लागत आई हुई थी।
  14. राष्ट्रपति भवन के दरबार हॉल के पीछे भगवान बुद्ध की चौथी पांचवी शताब्दी की प्रतिमा, गुप्त काल के दौरान की कला और संस्कृति के स्वर्ण युग से संबंधित है यह आज भी यहां स्थापित है। जिस स्थान पर यह प्रतिमा रखी गई है उस स्थान की ऊंचाई इंडिया गेट के बराबर हैं।
  15. राष्ट्रपति भवन की भव्यता में एक हॉल ऐसा है जो इसे और भी प्रभावशाली बनाता है, जिसका नाम बैंक्विट हॉल है। इसमें एक साथ 104 मेहमान आराम से बैठकर खाने की भोजन करने की व्यवस्था है। ना केवल इतना, अपितु संगीतकारों के लिए गुप्त दीर्घाएं भी शामिल हैं। यहां रोशनी की भी एक अद्भुत व्यवस्था की गई है, जो कि पूर्व राष्ट्रपतियों के चित्र के ऊपर स्थित हैं। यह इस बात का अंदाजा भी देती हैं कि कब खाना परोसना है, कब नहीं परोसना, कब हॉल साफ करने के लिए तैयार होना है।
  16. राष्ट्रपति भवन में एक संग्रहालय किसे उपहार संग्रहालय के नाम से जाना जाता है, इसमें भारत के राष्ट्रपति द्वारा प्राप्त सभी प्रस्तुतियां रखी गई हैं। इसमें दरबार हॉल में किंग जॉर्ज पंचम और क्वीन एलिजाबेथ के बैठने के लिए इस्तेमाल होने वाली चांदी की कुर्सियां भी आज भी उपस्थित है। राजा द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाली कुर्सी का वजन 640 किलोग्राम बताया जाता है और रानी द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली कुर्सी का वजन उससे थोड़ा सा काम था। 1911 में वे दिल्ली दरबार में इन्हीं कुर्सियों पर बैठा करते थे।
  17. राष्ट्रपति भवन के मार्बल हॉल में आज भी कुछ दुर्लभ चित्र और वायसराय तथा ब्रिटिश रॉयल्टी की मूर्तियां मिलतीं हैं। यह काफी आश्चर्यजनक है कि यहां पर हमारे पूर्व राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी की मोम की बनी प्रतिमा भी स्थापित की गई है, जिसे आसनसोल के एक बहुगुणी कलाकार ने बनाई थी।
  18. राष्ट्रपति भवन का अशोका हॉल जिसका उपयोग मंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह आदि जैसे समारोह आयोजित करने के लिए किया जाता है। फतेह अली शाह, फारस के काज़र शासकों और कुछ अद्भुत चित्रों, जो कि इटली चित्रकार कर्नलो द्वारा बने हैं, को यहाँ आज भी रखा हुआ है।
  19. एक और आश्चर्यजनक बात यह है कि राष्ट्रपति भवन में बच्चों के लिए दो प्रकार की गैलरी हैं। एक है बच्चों के काम का प्रदर्शन करना यानी “बाय दा चिल्ड्रन” और दूसरा बच्चों की रुचि की विभिन्न वस्तुओं को प्रदर्शित करना यानी “फॉर द चिल्ड्रन” के नाम से प्रसिद्ध हैं।
  20. हर शनिवार को सुबह 10:00 बजे एक औपचारिक “चेंज ऑफ गार्ड” समारोह आयोजित किया जाता है। जो 30 मिनट की अवधि का होता है और सामान्य जनता के लिए खुला होता है। यानी राष्ट्रपति भवन के प्रवेश द्वार पर आपको अपनी एक फोटो आईडी देकर यदि आप चाहें तो इस “चेंज आफ गार्ड” समारोह का हिस्सा बन सकते हैं और इस समारोह का पूरा पूरा लाभ उठा सकते हैं।

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