जानिए चुकंदर से होने वाले यह अनूठे 18 स्वास्थ्यवर्धक लाभ

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चुकंदर एक जड़ वाली सब्जी है, जिसमें महत्वपूर्ण पोषक तत्व पाए जातें हैं। अध्ययन बताते हैं कि चुकंदर रक्तचाप को कम करने, ऊर्जा बढ़ाने और सूजन से लड़ने में लाभदायक होती है। चुकंदर को लाल शलजम भी कहा जाता है। चुकंदर में सोडियम और वसा की मात्रा कम होती है वहीं दूसरी तरफ इसमें फोलेट अच्छी मात्रा में पाई जाती है, जिसके कारण यह मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य में सकारात्मक परिवर्तन करने में सहायक होता है। चुकंदर में विटामिन K (खून के जमाने का कार्य) और कैल्शियम (हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाने का कार्य) भी अच्छी मात्रा में मौजूद होता है। फाइबर की उच्च मात्रा होने के कारण ऐसा माना जाता है कि चुकंदर को आहार में शामिल करने से यह वजन घटाने में मदद कर सकता है। हालांकि, यह साबित करने के लिए अभी तक कोई वैज्ञानिक द्वारा प्रमाणित शोध नहीं किया गया है। कुछ विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि चुकंदर का रस आपके शरीर में उपस्थित पोषक तत्वों के बेहतर तरीके से अवशोषित होने में मदद कर सकता है। इस लेख के माध्यम से, हम आपको चुकंदर से होने वाले स्वास्थ्य लाभों के विषय में बताएंगे।

Table Of Contents
  1. चुकंदर त्वचा के स्वास्थ्य में सुधार करती है
  2. चुकंदर का सेवन आपके उच्च रक्तचाप को कम करने में प्रभावी होता है
  3. चुकंदर हमारे दिल के स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद होता है
  4. समय से पहले आने वाले बुढ़ापे को रोकने में चुकंदर सहायक होता है
  5. चुकंदर का सेवन गर्भावस्था के दौरान फायदेमंद हो सकता है
  6. चुकंदर का सेवन आपकी ऊर्जा के स्तर को बढ़ा सकता है
  7. चुकंदर को मस्तिष्क के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है
  8. चुकंदर पाचन क्रिया में सहायता करते हैं
  9. चुकंदर का सेवन आपके लिवर (यकृत) के स्वास्थ्य को बढ़ावा दे सकता है
  10. चुकंदर का सेवन शरीर के आंतरिक सूजन से लड़ने में मदद कर सकता है
  11. चुकंदर का सेवन कैंसर की रोकथाम में सहायता करता है
  12. चुकंदर रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करता है
  13. चुकंदर एंटी-ऑक्सीडेंट के स्तर को बढ़ाता है
  14. चुकंदर का सेवन ऑस्टियोपोरोसिस को रोकने में मदद कर सकता है
  15. एनीमिया के इलाज के लिए चुकंदर को मददगार माना जाता है
  16. चुकंदर के प्रयोग से यौन स्वास्थ्य में भी सुधार होता है
  17. चुकंदर मोतियाबिंद को रोकने में मदद करता है
  18. चुकंदर खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद करता है

चुकंदर त्वचा के स्वास्थ्य में सुधार करती है

अगर आप सोच रहे हैं कि त्वचा के लिए चुकंदर के क्या फायदे हैं, तो यहां आपको आपके इस प्रश्न का जवाब मिल सकता है। चुकंदर के सेवन से त्वचा के कैंसर को रोकने में मदद मिलती हैं। इसके साथ चुकंदर में विटामिन ए पाया जाता है, जो स्वस्थ श्लेष्मा झिल्ली को बनाए रखता है और त्वचा के स्वास्थ्य में सुधार करता है। विटामिन ए त्वचा की कोशिकाओं के दैनिक प्रतिस्थापन का भी समर्थन करता है। कुछ लोगों का मानना है कि चुकंदर खून को शुद्ध करने में भी मदद कर सकती है। इससे त्वचा के स्वास्थ्य को बढ़ावा मिलता है, हालांकि इस विषय में अभी और अधिक शोध की आवश्यकता है। चुकंदर को विटामिन सी का भी अच्छा स्रोत माना गया है। अध्ययनों से पता चलता है कि कोलेजन को संश्लेषित करने के लिए त्वचा के फाइब्रोब्लास्ट को विटामिन सी की आवश्यकता होती है। विटामिन सी, त्वचा को यूवी विकिरण के हानिकारक प्रभावों से भी बचाता है। पर्याप्त विटामिन सी का स्तर त्वचा में उभरे हुए निशानों के गठन को कम करने में भी प्रभावी होता है।

चुकंदर का सेवन आपके उच्च रक्तचाप को कम करने में प्रभावी होता है

लंदन की क्वीन मैरी यूनिवर्सिटी में किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि लगातार चार हफ्तों तक चुकंदर के रस का सेवन करने से रक्तचाप में होने वाली कमी को नोटिस किया जा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, चुकंदर में पाए जाने वाले नाइट्रेट्स की उपस्थिति के कारण ऐसा होता है, जिसे शरीर नाइट्रिक ऑक्साइड में बदल देता है। इस प्रक्रिया में रक्त वाहिकाओं का विस्तार होता है। साथ ही, नियमित रूप से चुकंदर के रस का सेवन इन अच्छे प्रभावों को लम्बे समय की अवधि के लिए खींच सकता है। यदि आप सोच रहे हैं कि शाम को अपने पसंदीदा टीवी श्रृंखला देखते समय क्या खाना चाहिए, तो अब आप जानते हैं कि आपको क्या करना है। एक दिन में 250 मिली चुकंदर के रस का सेवन करना, नाइट्रेट युक्त सादे पानी की तुलना में बेहतर तरीके से रक्तचाप को कम करने में प्रभावी होता है। यह भी माना जाता है कि अधिकांश एंटी-हाइपरटेन्सिव दवाओं की तुलना में चुकंदर के रस का प्रभाव अधिक बेहतर हो सकता है, हालांकि इस संबंध में अभी जानकारी अपर्याप्त है। ब्लड प्रेशर के इलाज के लिए चुकंदर का इस्तेमाल करने से पहले अपने डॉक्टर से इस विषय में चर्चा अवश्य करें। चुकंदर के सेवन से होने वाले दीर्घकालीन प्रभावों की पूर्ण जानकारी के लिए अभी और अधिक अध्ययन एवं शोध की आवश्यकता है।

चुकंदर हमारे दिल के स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद होता है

चुकंदर में मौजूद नाइट्रेट रक्तचाप को कम करता है। इतना ही नहीं यह हृदय रोग और स्ट्रोक के जोखिम को कम करने का गुण भी रखता है। एक अध्ययन के अनुसार, नियमित रूप से चुकंदर के रस का एक सप्ताह सेवन करने से बुजुर्ग व्यक्तियों के हृदय स्वास्थ्य में काफी सुधार देखा गया है साथ ही चुकंदर का यह रस उनके रक्तचाप में भी सुधार लाने में सहायक होता है। एक अन्य अमेरिकी अध्ययन में कहा गया है कि चुकंदर के रस का सेवन हृदय आघात को खोने से रोकने में सहायक होता है। चूहों के ऊपर किए गए अध्ययन के अनुसार ऐसे तथ्य सामने आए हैं कि चुकंदर के सेवन से कंकाल की मांसपेशियों को ऑक्सीजन आसानी से प्राप्त होती है। जब काम कर रहे कंकाल की मांसपेशियों को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलती है, तो वे क्षीण हो जातीं हैं। जिसके परिणाम स्वरूप हाथ पैर के हिलाने के क्षमता धीरे-धीरे कम होती जाती है और जिसका सीधा प्रभाव शारीरिक गतिविधि के ऊपर पड़ता है और यह स्थिति धीरे-धीरे करके हृदय रोग के तरफ जाती है।

समय से पहले आने वाले बुढ़ापे को रोकने में चुकंदर सहायक होता है

चुकंदर के पत्तों में विटामिन ए और कैरोटेनॉयड्स नामक तत्व पाए जाते हैं जो आपके शरीर को अंदरूनी तौर पर फायदा पहुंचाते हैं। चुकंदर में ल्यूटिन की भी एक अच्छी मात्रा पाई जाती है, जो कि एक जाना माना शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है। ये शरीर में मौजूद मुक्त कणों से लड़ते हैं और मानव त्वचा की फोटोप्रोटेक्शन में मुख्य भूमिका निभाते नजर आते हैं। हालांकि चुकंदर से बढ़ती उम्र के संकेतों में होने वाली देरी के लिए अभी कोई प्रत्यक्ष शोध उपलब्ध नहीं है। एक चीनी अध्ययन के अनुसार चुकंदर में उत्कृष्ट एंटी-ऑक्सीडेंट के गुण पाए जाते हैं। चुकंदर में पाया जाने वाला फेनोलिक तत्व एंटी-एजिंग गुणवत्ता को प्रदर्शित करता है।

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चुकंदर का सेवन गर्भावस्था के दौरान फायदेमंद हो सकता है

चुकंदर में पाए जाने वाले नाइट्रेट तत्व के कारण एक अध्ययन किया गया कि चुकंदर का सेवन गर्भवती महिलाओं के लिए कितना फायदेमंद साबित हो सकता है। हालांकि इस विषय में अभी और अधिक अध्ययन करने की आवश्यकता है। चुकंदर, फोलिक एसिड से भी भरपूर होता है, जो गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है। इसी कारण उन्हें अपने आहार में चुकंदर को जरूर शामिल करना चाहिए। फोलिक एसिड गर्भ में पल रहे शिशु के न्यूरल ट्यूब दोष को रोकने में मदद करता है।

चुकंदर का सेवन आपकी ऊर्जा के स्तर को बढ़ा सकता है

अध्ययनों में पाया गया है कि चुकंदर मांसपेशियों को अधिक ईंधन-कुशल बनाता है, जिससे आपके शरीर की शारीरिक सहनशक्ति बढ़ती है। एक अध्ययन, जिसमें 19 से 38 वर्ष की आयु के ऐसे पुरुषों को शामिल किया गया जो व्यायाम के लिए साइकिल चलाते थे, लगभग आधा लीटर चुकंदर के रस का सेवन करने के बाद ये सभी पुरुष जिन्होंने चुकंदर के रस का सेवन किया था, बिना थके 16% अधिक समय तक के लिए साइकिल चलाने में सक्षम हुए। एक अन्य अध्ययन के अनुसार, चुकंदर खाने से धावकों को उन अन्य धावकों की तुलना में मामूली बढ़त मिली। इसका मुख्य कारण चुकंदर के द्वारा रक्त में ऑक्सीजन ले जाने की क्षमता है। यह मांसपेशियों में ऑक्सीजन की मात्रा को नियंत्रित करता है, जिससे वह बेहतर प्रदर्शन करने में सक्षम हो पाती हैं।

चुकंदर को मस्तिष्क के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है

चुकंदर सोमाटोमोटर कॉर्टेक्स के ऑक्सीकरण में सुधार करके मस्तिष्क की न्यूरोप्लास्टी में सुधार करने के लिए जाना जाता हैं। यह मस्तिष्क का वह क्षेत्र है जो आमतौर पर मनोभ्रंश के शुरुआती चरणों में प्रभावित होता है। एक शोध के अनुसार जब चुकंदर के रस अथवा सप्लीमेंट का सेवन अधिक आयु के उच्च रक्तचाप से ग्रस्त वयस्कों को कराया गया तो उनके मस्तिष्क की कनेक्टिविटी युवा वयस्कों के समान होती दिखाई देने लगी। चुकंदर में मौजूद नाइट्रेट हमारे शरीर में नाइट्रिक ऑक्साइड में बदल जाते हैं। यह नाइट्रिक ऑक्साइड मस्तिष्क की कोशिकाओं को एक दूसरे के साथ संवाद करने में सहायता करता है, जिससे मस्तिष्क स्वास्थ्य में सुधार होता है। नाइट्रेट्स को मस्तिष्क में रक्त के प्रवाह में भी सुधार करने के लिए जिम्मेदार माना जाता है। चुकंदर का रस अल्जाइमर जैसी गंभीर बीमारी को रोकने में भी प्रभावी होता है कुछ अध्ययनों के अनुसार जो लोग नियमित तौर पर चुकंदर के रस का सेवन करते हैं उनका मस्तिष्क अन्य लोगों की तुलना में अधिक स्वस्थ पाया गया तथा उनके संज्ञानात्मक कार्य में भी सुधार हुआ।

चुकंदर पाचन क्रिया में सहायता करते हैं

नियमित रूप से चुकंदर खाने के बहुत अधिक फायदे होते हैं जिनमें से कि एक यह भी है कि चुकंदर या चुकंदर उत्पादों के नियमित सेवन से पाचन और रक्त की गुणवत्ता में सुधार होता है। कुछ वास्तविक साक्ष्य बताते हैं कि सफेद चुकंदर यकृत और प्लीहा के अवरोधों को भी कम कर सकते हैं, लेकिन इस विषय पर शोध अभी सीमित हीं है। लाल चुकंदर को पाचन तंत्र और रक्त से संबंधित बीमारियों के इलाज में उपयोगी माना जाता है। वास्तव में यदि आप पेट के स्वास्थ्य की बात करें तो लाल चुकंदर का इतिहास तक में एक प्रमुख स्थान है। ऐसा माना जाता है कि रोमन लोग चुकंदर का इस्तेमाल कब्ज और पेट से संबंधित अन्य बीमारियों के इलाज के लिए करते थे। चूंकि चुकंदर फाइबर से भरपूर होते हैं, इसी कारण यह डायवर्टीकुलिटिस के इलाज में मदद कर सकते हैं। यह पाया गया कि उच्च मात्रा में फाइबर का सेवन करने वाली आबादी में डायवर्टीकुलिटिस की घटनाएं कम होती हैं। फाइबर, मल त्याग में सहायता करता है और पाचन तंत्र के समग्र स्वास्थ्य को बढ़ाता है।

चुकंदर का सेवन आपके लिवर (यकृत) के स्वास्थ्य को बढ़ावा दे सकता है

कैल्शियम, विटामिन-बी, बीटानिन (बीटालेन का एक रूप), आयरन और एंटीऑक्सिडेंट की उपस्थिति यह कारण चुकंदर को लीवर के स्वास्थ्य के लिए सबसे अच्छे खाद्य पदार्थों में से एक माना जाता है। चुकंदर में पेक्टिन नामक फाइबर पाया जाता है, जो विषाक्त पदार्थों को खत्म करने में मदद करने के लिए जाना जाता है। यह यकृत से निकाले गए विषाक्त पदार्थों को साफ करता है तथा साथ ही यह भी सुनिश्चित करता है कि वे शरीर में फिर से प्रवेश न करें। लीवर में जिंक और कॉपर भी उपस्थित होतें है, ये दोनों ही लीवर की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में सहायक होतें हैं। पोलिश अध्ययन के अनुसार, चुकंदर का सेवन लीवर को ऑक्सीडेटिव क्षति से भी बचा सकता है। कुछ लोगों का मानना है कि चुकंदर पित्त को भी पतला कर सकता है, जिससे यह आसानी से लीवर और छोटी आंत के द्वारा प्रवाहित हो जाता है, जिससे लीवर की सेहत में सुधार होता है। परंतु अभी इस पहलू में अनुसंधान सीमित स्तर पर ही हो पाए हैं।

चुकंदर का सेवन शरीर के आंतरिक सूजन से लड़ने में मदद कर सकता है

एक अध्ययन के अनुसार, चुकंदर, विशेष रूप से रस के रूप में, शरीर की आंतरिक सूजन सूजन के इलाज में प्रभावी आया गया है। जबकि एक अन्य वैज्ञानिक अध्ययन में पाया गया कि चुकंदर का अर्क गुर्दे की सूजन को कम करने में बहुत प्रभावी होता है। चुकंदर के सूजन-रोधी गुणों के लिए चुकंदर में मौजूद फोलेट और फाइबर को जिम्मेदार माना गया है।

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चुकंदर का सेवन कैंसर की रोकथाम में सहायता करता है

चुकंदर के अर्क में स्तन और प्रोस्टेट के कैंसर को रोकने की क्षमता पाई जाती है। जिसके लिए चुकंदर में बीटानिन (बीटालेन का एक रूप) की उपस्थिति को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। परंतु चुकंदर के इस लाभ को प्रमाणित करने के लिए अभी और अधिक अध्ययन की आवश्यकता है। वाशिंगटन के हावर्ड विश्वविद्यालय में किए गए एक अन्य अध्ययन में पाया गया कि चुकंदर का सेवन फेफड़े और त्वचा के कैंसर से बचाव करने में सहायक है। चुकंदर का रस, जब गाजर के अर्क के साथ लिया जाता है, तो यह ल्यूकेमिया के उपचार में मदद करता है। कई अध्ययनों ने चुकंदर के अंदर पाए जाने वाले गुणों के कारण इसे एंटीकैंसर और कीमोप्रिवेंटिव होने का समर्थन किया है। एक अन्य फ्रांसीसी अध्ययन में, बीटानिन को कैंसर कोशिकाओं के प्रसार को कम करने के लिए प्रभावी पाया है।

चुकंदर रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करता है

आइसलैंड के एक अध्ययन के अनुसार चुकंदर से प्राप्त फाइबर हाइपरग्लेसेमिया (रक्त में अधिक शुगर) को कम कर सकता है। वहीं यूके के एक अध्ययन के अनुसार, चुकंदर के रस का सेवन (भोजन के बाद) करने से यह ग्लाइसेमिया (रक्त में अधिक शर्करा) को कम करने में प्रभावी पाया गया।

चुकंदर एंटी-ऑक्सीडेंट के स्तर को बढ़ाता है

इसका श्रेय चुकंदर में मौजूद पॉलीफेनोल्स यौगिकों की उपस्थिति को दिया जा सकता है, जो इसे एंटी-ऑक्सीडेंट का गुण प्रदान करते हैं। एक अध्ययन के अनुसार, चुकंदर के अर्क में शक्तिशाली एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं। ये गुण ऑक्सीडेटिव तनाव को काम करने के साथ शरीर में एंटी-ऑक्सीडेंट के स्तर में सुधार लाते हैं।

चुकंदर का सेवन ऑस्टियोपोरोसिस को रोकने में मदद कर सकता है

हम पहले ही देख चुके हैं कि चुकंदर में मौजूद नाइट्रेट शरीर में जाकर नाइट्रिक ऑक्साइड में परिवर्तित हो जाते हैं। एक जापानी अध्ययन में कहा गया है कि नाइट्रिक ऑक्साइड, ऑस्टियोपोरोसिस सहित जीवनशैली से संबंधित कुछ अन्य बीमारियों को रोकने में मदद करता है। एक और कारण है जिसकी वजह से चुकंदर को ऑस्टियोपोरोसिस के इलाज के लिए बहुत अच्छा माना जाता है वह यह है कि इसमें सिलिका की मात्रा भी उपस्थित होती है। कैल्शियम को सही तरह से शरीर में अवशोषित करने के लिए शरीर को खनिज की आवश्यकता होती है। यदि व्यक्ति हर दिन एक गिलास चुकंदर के रस का सेवन करे तो उसे ऑस्टियोपोरोसिस और अन्य संबंधित बीमारियों (जैसे भंगुर हड्डी रोग) इत्यादि को दूर करने में बहुत मदद मिलेगी। अन्य अध्ययनों के अनुसार, बीटाइन की खुराक शरीर में होमोसिस्टीन के स्तर को कम करने में मदद करती है। होमोसिस्टीन का अत्यधिक निर्माण ऑस्टियोपोरोसिस के जोखिम को बढ़ा सकता है, खासकर युवा वयस्कों के अंदर।

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एनीमिया के इलाज के लिए चुकंदर को मददगार माना जाता है

हम जानते हैं कि आयरन की कमी से एनीमिया होता है। शोध में यह पाया गया है कि चुकंदर आयरन से भरपूर होता है और कुछ अन्य सब्जियों की तुलना में चुकंदर से आयरन का अवशोषण बेहतर होता है। चुकंदर में भी चुकंदर के साग को आयरन की मात्रा बेहतर माना गया है। चुकंदर में मौजूद फोलेट भी एनीमिया के इलाज में भी मदद करता है।

चुकंदर के प्रयोग से यौन स्वास्थ्य में भी सुधार होता है

ऐसा माना जाता है कि रोमन काल से ही चुकंदर का इस्तेमाल कामोद्दीपक के रूप में किया जाता रहा है। चुकंदर में अच्छी मात्रा में बोरॉन होता है। बोरॉन सीधे तौर पर सेक्स हार्मोन के उत्पादन से जुड़ा हुआ है। चुकंदर में मौजूद बीटाइन आपके दिमाग को आराम देता है, और ट्रिप्टोफैन खुशी में योगदान देता है- ये दोनों आपके यौन स्वास्थ्य में सुधार लाने में लाभदायक होते हैं। सऊदी अरब के एक अध्ययन के अनुसार, चुकंदर का रस यौन कमजोरी का इलाज करने में भी मदद कर सकता है।

चुकंदर मोतियाबिंद को रोकने में मदद करता है

चुकंदर (विशेष रूप से चुकंदर का साग) बीटा-कैरोटीन से भरपूर होता है, जो मोतियाबिंद के खतरे को कम करने में मदद करता है। इसके साथ ही चुकंदर बढ़ती उम्र में आंखों से संबंधित अंध पतन तथा धब्बेदार अध:पतन को रोकने में भी मदद करता है।

चुकंदर खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद करता है

एक पशु अध्ययन में, चुकंदर के अर्क का सेवन कुछ चूहों को कराया गया और उसके बाद उनके कुल कोलस्ट्रोल में कमी देखी गई, साथ ही उनके अच्छे कोलेस्ट्रॉल में हुई वृद्धि भी नोटिस की गई। हालांकि मनुष्य के ऊपर इसके प्रभावों के लिए अभी और अधिक शोध की आवश्यकता है लेकिन फिर भी वैज्ञानिकों का मानना है कि चुकंदर में मौजूद फाइटोन्यूट्रिएंट्स नामक तत्व इस लाभकारी गुण के लिए जिम्मेदार होते हैं। चुकंदर भी उन कुछ खाद्य पदार्थों में से एक है जिसमें कैलोरी की मात्रा बहुत कम पाई जाती है साथ ही इसमें कोलेस्ट्रोल का स्तर 0 होता है।

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