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जानिये ये 14 तरीके जो आपके लैपटॉप को तेजी से नुकसान पहुंचा रहे हैं

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लैपटोप एक बहुत ही सुविधाजनक डिवाइस है. इसका इस्तेमाल इन्टरनेट का इस्तेमाल करने में तथा अन्य बहुत सारे कार्यों में करते हैं. आज के युग में जिस गति से तकनीक का विकास हो रहा है, बिना इन्टरनेट के आगे बढ़ना मुश्किल है. लैपटॉप आपका ऐसा मित्र है जो आपके रोजमर्रा के कामों मे मदद करता है. आप ऐसा बिल्कुल नहीं चाहते होंगे कि लैपटॉप को किसी भी प्रकार का नुकसान हो. लैपटोप चलाते समय ऐसी बहुत सी सामान्य गलतियाँ करते है जिनके बारे मे आपको पता तक नहीं चलता, और ये गलतियां आपके लेपटोप को बहुत बड़ा नुकसान पहुचा सकती है। थोड़ी सी जानकारी आपका कीमती लैपटॉप बचा सकती हैं और आपकी उत्पादकता बाधा सकती हैं. तो आज हम ऐसी ही कुछ सामान्य गलतियों के बारे में बताने जा रहे है जिन्हे आपको अपने लैपटोप को चलाते समय ध्यान मे रखना चाहिये। तो आइये जानते है कुछ ऐसी ही सामान्य गलतियों के बारे में:

1. आप लैपटॉप को मेज़ पर रखने के बजाय अपनी गोद मे रखते हैं

आप सोच रहे होंगे कि इससे क्या होता है, यह तो एक सामान्य बात है, पर आपको यह नहीं पता है कि लैपटोप में गर्म हवा को अन्दर से बाहर निकलने के लिए फैन (पंखे) लगे होते है जो सामान्यतः लैपटोप के निचले भाग में लगे होते है. जब आप लैपटोप को अपनी गोद में रखकर चलाते हैं तो फैन का मुंह आपके कपड़ों की वजह से ढक जाता है और अन्दर पैदा होने वाली गर्मी बाहर नहीं निकल पाती है. इस वजह से लैपटोप जरूरत से ज्यादा गर्म हो जाता है. पंखे का बाहरी मार्ग अवरुद्ध होने से अन्दर जमा हुई धूल, मिटटी भी बाहर नही निकल पाती है और इस वजह से लैपटोप के आन्तरिक हिस्से खराब हो जाते है. फिर आपको इसे मेकेनिक को दिखाना पड़ता है जो यदि जानकार न हो तो लैपटॉप को और भी खराब कर सकता है।

2. लैपटॉप के लिए गलत साइज़ और कम क्वालिटी के बैग का इस्तेमाल

जब भी आप कही बाहर सफर पर जाते हैं, चाहे ऑफिस या छुट्टियों पर, तो आपको लैपटॉप ऐसे थैले (बैग) में रखना चाहिए जिसमें यह एक दम फिट आये. ज़रूरत से बड़ा बैग होने पर अन्दर रखा आपका लैपटॉप हिलता डुलता रहता है और इसमें टूट फूट के आसार बने रहते हैं. यदि बैग की क्वालिटी अच्छी है तो शायद इसके नीचे गिरने पर भी आपके लैपटोप को कोई नुकसान न होगा।

कई सॉफ्टवेयर आपके लैपटॉप के कैमरा को चालू रख सकते हैं और बिना आपके जाने आपकी तस्वीर ली जा सकती है. इससे बचने के लिए कैमरा को ढक सकते हैं. और सिर्फ सुरक्षित सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करें. प्रतिष्ठित कंपनी का पेड एंटीवायरस ज़रूर लगवाएं.

3. आप काम करने के बाद लैपटॉप शटडाउन (पूरी तरह बंद) नही करते हैं.

लैपटोप को इस्तेमाल करने के बाद आप सामान्यत इसे शटडाउन किये बिना ही ढक देते है ताकी अगली बार आप इसे जल्दी से खोलकर अपना काम शुरू कर सके. पर आप ये नहीं जानते है कि ये जल्दबाजी आपके लैपटोप पर बहुत भारी पड़ सकती है. क्यों कि ऐसा करने से आपका लैपटॉप ज्यादा देर तक अपनी मशीनरी चालू रखता है जिससे इस्पे बिना वजह जोर पड़ता है. साथ ही आपका लैपटोप जरूरी अपडेटस इन्सटाल नही कर पाता है। सिस्टम की कमियों को दूर करने व सोफ्टवेयर में सुधार करने के लिए कई किस्म के पैच की आवश्कता होती है। और ये पैच तब तक लैपटॉप पर इन्सटाल नहीं होते जब तक आप अपने लैपटोप को शटडाउन करके दुबारा रिस्टार्ट नहीं करते है. इसलिए आप अपने लैपटोप को हफ्ते में एक से दो बार जरूर रिस्टार्ट करे ताकि ये एक दम बढ़िया तरीके से, मक्खन की तरह चले। और आपका काम अच्छे से तथा समय पर हो जाये।

4. आप एक सर्ज प्रोटेक्टर का इस्तेमाल नहीं करते

अक्सर बिजली के वोल्टेज के बार बार कम ज्यादा होने की वजह से आपके लैपटोप का मदरबोर्ड या अन्य अंदरूनी हिस्से खराब हो सकते हैं. अगर आप नही चाहते कि आपका लैपटाप बिजली के बार-बार आवन जावन की वजह से खराब हो जाये तो आपको एक भरोसेमंद सर्ज प्रोटेक्टर खरीदना चाहिये। ये आपके लैपटोप के लिए एक अच्छा निवेश है। एक सर्ज प्रौटेक्टर हमेशा बिजली की सप्लाई को स्थिर रखता है जिससे आपके लैपटाप के अंदर की मशीनरी को किसी प्रकार का नुकसान नही होता है।

putting laptop on the lap can damage it

5. आपने एन्टीवायरस इस्तेमाल करने के बारे में उचित फैसला नहीं लिया

अच्छी कंपनी का पेड-एंटीवायरस आपके लेपटोप की अंदरूनी सुरक्षा (इंटरनल सिक्योरिटी) का बहुत ध्यान रखता है। आज के ज़माने में हैकिंग, साइबर अटैक इस हद तक एडवांस हो चुके हैं कि बिना प्रोफेशनल एंटीवायरस के आप बच ही नहीं सकते. आप कई बार इंटरनेट चलाते समय ऐसी कई वेबसाईटस पर पहुच जाते है जो आपके सिस्टम को क्रेश कर सकती है। और एक एन्टीवायरस ऐसी खतरनाक वेबसाईटस को आपके सिस्टम मे चलने नही देता है। एक अच्छा एन्टीवायरस आपके लैपटोप को समय समय पर स्कैन करके हानिकारक वायरस का पता लगाकर उन्हे हटा सकता है। साथ ही यह पहले से पता कर सकता है कि आपके लैपटॉप में सुरक्षा बढ़ने के लिए क्या क्या करना चाहिए. ये उन सभी सेटिंग्स तो एक्टिवेट करता है जिससे आपके लैपटॉप को कोई भी ट्रोजन, वायरस, स्पैम या ब्रूट अटैक बिगाड़ न सके. आपको अपने लैपटोप को हफ्ते मे एक बार जरूर स्कैन करना चाहिए ताकि आपका लैपटोप वायरस मुक्त रहे। मुफ्त वाले एंटीवायरस भी अछे होते हैं पर यदि आपको पूरी सुरक्षा चाहिए तो अप्पको पेड-एंटीवायरस ही इस्तेमाल करने चाहिए. लैपटॉप की कीमत के मुकाबले ये बहुत ही छोटा खर्चा है.

6. एक साथ कई प्रोगाम स्टार्ट करना समझदारी नहीं है यदि आप को लगातार इतने प्रोग्राम्स की ज़रूरत नहीं है

कई बार आप एक साथ कई प्रोगाम स्टार्ट कर देते है. लैपटॉप की सेटिंग भी कई बार ऐसी होती है कि स्टार्ट होने के वक़्त ही बैकग्राउंड में बहुत सारे प्रोग्राम खुद बखुद चल रहे होते हैं. जिसके कारण आपका लैपटोप ओवरहीटींग का शिकार हो सकता है और इसकी परर्फोमेंस भी कम हो सकती है। आपको अपने लैपटोप को सुरक्षित रखने के लिए एक समय पर केवल चुनिन्दा प्रोगामों का इस्तेमाल करना चाहिये। खुद सोचिए अधिक प्रोग्राम एक साथ चलने पर लैपटॉप की मेमोरी और पॉवर ज़रूरत से ज्यादा खर्च होगी जिससे गुणवत्ता में कमी आएगी.

7. आपने कभी लैपटॉप को कभी रिसेट नहीं करते

अगर आपका लैपटाप बिल्कुल धीमा चल रहा है तो इसका एक मुख्य कारण है अनचाही फाइल व सॉफ्टवेयर का जमा हो जाना। पर अधिकतर ये देखा गया है किआप कभी कोशिश नहीं करते इन अनचाही चीजों को हटाने की. लैपटॉप को रिसेट करने के लिए windows 10 पर इस प्रकार नेविगेट करें – settings > update & security > recovery > reset this PC. अब आपके पास दो विकल्प आयेंगे, keep your files और remove everything. अगर आपप्नी सभी फाइल्स, फोटोज, डाक्यूमेंट्स सेफ रखना चाहते हैं तो पहले विकल्प को चुनें. लैपटॉप एक्सपर्ट हर दुसरे वर्ष लैपटॉप रिसेट करने का सुझाव देते हैं.

8.आप संदिग्ध लिंक को नही पहचान पाते है

क्राइम की इस बढती दुनिया में आपको सतर्क रहना बेहद जरूरी है। आजकल बहुत से ऐसे लोग है जो लुभावने लिंक भेजकर कहते है कि आप लाखों रूपये की रकम जीत चुके हैं। किसी भी प्रकार के लालच में आकर इस प्रकार के लिंक पर क्लिक नहीं करना चाहिये। क्यों कि इस लिंक के जरीये हैकर्स आपके लैपटोप को हैक करके किसी भी प्रकार का नुकसान पहुंचा सकते है. आपे लैपटॉप का सारा डाटा गायब किया जा सकता है. आपकी निजी जानकारी को क्लोन करके ये आपको आर्थिक एवं सामाजिक चपत लगा सकते हैं.

9. स्क्रीन पकड़कर लैपटोप को उठाना तथा स्क्रीन समय समय पर साफ़ न करना

ये गलती लोग अक्सर करते है. लैपटोप को स्क्रीन से पकड़कर उठाने से स्क्रीन पर उगलियों के निशान बन सकते है. इससे स्क्रीन पर दबाव भी पड़ता है जिससे इसपे खरोंच आने की संभावना रहती है। समय समय पर स्प्रे और मलमल के कपडे साफ़ न करने पर गन्दगी स्क्रीन पर जमा हो जाती है जिससे स्क्रीन की आयु कम हो जाती है.

laptop should be defragmented for effective speed

10. आप हार्ड ड्राइव को अपग्रेड नही कर रहे हैं

क्या आपको लगता है कि आपका लैपटोप धीमा चल रहा है या बहुत जल्दी गर्म हो रहा है , तो ये समय है कि आप अपने लैपटोप की हार्ड ड्राइव को अपग्रेड करें. इससे बैटरी की पॉवर भी बढती है और लैपटोप की क्षमता भी बढती है।

11. आप एक साथ कई प्रोगार्म इनस्टॉल व अनइनस्टॉल करते हैं

आप चाहते है कि आप हमेशा नई टेक्नोलोजी से जुडे़ रहे, इसलिए आप हमेशा नये-नये सॉफ्टवेयर इंस्टाल करते है पर इनमे से बहुत से सॉफ्टवेयर असुरक्षित होते हैं जिससे आपके लैपटोप में कई प्रकार के खतरनाक वायरस आ जाते है. ये खतरनाक सॉफ्टवेयर आपके लैपटॉप की परफॉरमेंस को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचाते हैं. ये आपके लैपटॉप को हमशा के लिए खराब कर सकते हैं. आजकल मार्केट में बहुत से पायरेटेड और नकली सॉफ्टवेयर उपलब्ध है पर आपको उन्हें इंस्टाल नहीं करना चाहिये। और जब आप बार बार इन सॉफ्टवेयर को इंस्टाल अनइस्टाल करते हैं तब आपके लैपटोप बहुत सी मालीशीयस (हानिकारक) चीजें घुस जाती है. इसलिए आपकों हमेशा वहीं सॉफ्टवेयर इस्तेमाल करिए जो लोकप्रिय हैं तथा जिनकी आपको जरूरत हो।

12. आप अपने लैपटॉप को हमेशा चार्जिंग पर लगा कर रखते हैं

लैपटॉप को हमेशा ही चार्जिंग पर लगाने से चार्जर भी जल्दी खराब होते हैं और बैटरी की लाइफ पर भी असर पड़ता है. ज़्यादातर कोशिश करें कि जब चार्जिंग पूरी हो जाये तो चार्जर हटा दें. एक स्वस्थ बैटरी आपके लैपटॉप के जीवन को भी लम्बा करेगी. यदि आपके लैपटॉप की बैटरी पुरानी हो चुकी है तथा जल्दी जल्दी डिस्चार्ज हो जाती है तो आपको बैटरी बदलवा लेनी चाहिए.

13. आपको लैपटॉप का डाटा कॉम्प्रेस करना चाहिए

समय के साथ आपके लैपटॉप की डिस्क फ्रेगमेंट हो सकती है. इस स्थिति में आपके लैपटॉप में संरक्षित (स्टोर) की हुई फाइल्स पूरी डिस्क में कई टुकड़ों में बाँट जाती हैं. जब आप बार बार डिस्क का प्रयोग फाइल्स को बनाने, मिटाने और बदलाव करने में करते हैं तो अपने आप डिस्क फ्रेगमेंट होती है.

हार्ड ड्राइव में डिस्क फ्रेगमेंटेशन रोकने या कम करे के लिए आप इन बातों का ध्यान रखें.

  • सभी टेम्पररी फाइल्स को डिलीट करें
  • सभी सॉफ्टवेयर और ड्राइवर्स को अपडेट रखें
  • सभी असुरक्षित तथा कम प्रयोग में लाये जाने वाले सॉफ्टवेयर को डिलीट कर दें
  • फाइल्स को ब्लाक साइज़ के बराबर ही रखें
  • हार्ड ड्राइव को समय समय पर डीफ्रैग करते रहे.

डिस्क को डीफ्रैग करने के लिए सर्च बार में defrag टाइप करें तो यह खुद ब खुद आ जायेगा. आप इसको दबा कर डिस्क डीफ्रैग कर सकते हैं और अपने लैपटॉप का प्रदर्शन बेहतर कर सकते हैं.

14. लैपटॉप बूट करने पर (रीस्टार्ट करने पर) बहुत सारे अनचाहे प्रोग्राम लांच होते हैं. इसे नियंत्रित कीजिये

आप टास्क मेनेजर (task manager) को देखने के लिए कण्ट्रोल + शिफ्ट + एस्केप (ctrl + shift + esc) को एक साथ दबाएँ. इसमें आप देख सकते हैं कि लैपटॉप के बैकग्राउंड में कौन कौन से प्रोग्राम चल रहे हैं और उनमें से हर प्रोग्राम कितनी उर्जा और कैपेसिटी ले रहा है. अनचाहे प्रोग्राम को आप बंद कर सकते हैं. साथ ही आप स्टार्टअप (startup) तब को दबा कर उन सभी प्रोग्राम्स की लिस्ट जांच सकते हैं जो आपके लैपटॉप के स्टार्ट होते वक़्त शुरू हो जाते हैं. आप ये भी जान सकते हैं कि इन प्रोग्राम्स का लैपटॉप के स्टार्ट होने और परफॉरमेंस पर कितना फर्क पड़ता है. स्टार्टअप के दौरान जिस प्रोग्राम की ज़रूरत न हो उस पर राईट क्लिक कर के डिसएबल (disable) का बटन दबाएँ. इसका ये अर्थ नहीं है की आप इस प्रोग्राम को चला नहीं सकते. इसका अर्थ है कि अब हर बार लैपटॉप स्टार्ट होने पर ये प्रोग्राम अपने आप नहीं चलेगा. जब ज़रूरत हो तब आप इसको चला सकते हैं.

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